डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर न्यू खुर्जा-न्यू रेवाड़ी के बीच 173 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत डबल लाइन खंड समर्पित किया
मथुरा-पलवल खंड और चिपियाना बुजुर्ग-दादरी खंड को जोड़ने वाली चौथी लाइन समर्पित की
अनेक सड़क विकास परियोजनाएं समर्पित कीं
इंडियन ऑयल की टूंडला-गवारिया पाइपलाइन का उद्घाटन किया
'ग्रेटर नोएडा में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप' (आईआईटीजीएन) समर्पित किया
पुनर्निर्मित मथुरा सीवरेज योजना का उद्घाटन किया
"कल्याण सिंह ने अपना जीवन रामकाज और राष्ट्रकाज दोनों के लिए समर्पित कर दिया"
"उत्‍तर प्रदेश के तीव्र विकास के बिना विकसित भारत का निर्माण संभव नहीं"
"किसानों और गरीबों का जीवन संवारना डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता"
“यह मोदी की गारंटी है कि हर नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।” आज देश मोदी की गारंटी को किसी भी गारंटी के पूरा होने की गारंटी मानता है”
“मेरे लिए, आप मेरा परिवार हैं। आपका सपना ही मेरा संकल्प है''

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में 19,100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं रेल, सड़क, तेल एवं गैस और शहरी विकास एवं आवास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।

एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बुलंदशहर के लोगों, विशेषकर भारी संख्या में उपस्थित माताओं और बहनों द्वारा दिखाए गए स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने 22 जनवरी को भगवान श्री राम के दर्शन और आज उत्तर प्रदेश के लोगों की उपस्थिति को अपनी खुशकिस्‍मती बताते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने रेलवे, हाईवे, पेट्रोलियम पाइपलाइन, पानी, सीवेज, मेडिकल कॉलेज और औद्योगिक टाउनशिप जैसे क्षेत्रों में आज 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लिए बुलंदशहर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बधाई दी। उन्होंने यमुना और राम गंगा नदियों के स्वच्छता अभियान से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र ने देश को कल्याण सिंह जैसा सपूत दिया है, जिन्होंने अपना जीवन राम काज और राष्ट्र काज दोनों के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि देश ने श्री कल्याण सिंह और उनके जैसे लोगों का अयोध्या धाम का सपना पूरा किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''एक मजबूत राष्ट्र और सच्चे सामाजिक न्याय के उनके सपने को साकार करने के लिए हमें और गति हासिल करनी होगी।''

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समापन पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने 'राष्ट्र प्रतिष्ठा'को प्राथमिकता देने और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर जोर दिया। श्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित भारत में बदलने के सरकार के संकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा, "हमें देव से देश और राम से राष्ट्र के मार्ग को आगे बढ़ाना चाहिए।" उच्च लक्ष्यों को पूरा करने के बारे में, प्रधानमंत्री ने सबका प्रयास की भावना के साथ आवश्यक संसाधनों को इकट्ठा करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि, विज्ञान, शिक्षा, उद्योग और उद्यम के क्षेत्रों को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता पर ध्यान देते हुए कहा, "विकसित भारत के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश का तेज गति से विकास जरूरी है।" उन्होंने कहा, "आज का अवसर इस दिशा में एक बड़ा कदम है।"

प्रधानमंत्री ने आजादी के बाद के भारत में विकास के क्षेत्रीय असंतुलन का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने 'शासक'मानसिकता, और पूर्व में सत्ता की खातिर सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने की की आलोचना की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य और देश को भारी कीमत चुकानी पड़ी। प्रधानमंत्री ने सवाल किया, "अगर देश का सबसे बड़ा राज्य कमजोर था, तो देश कैसे मजबूत हो सकता था?"

उत्तर प्रदेश में 2017 मेंडबल इंजन की सरकार के गठन के साथ, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य ने पुरानी चुनौतियों से निपटने के नए तरीके खोजे हैं और आर्थिक विकास को गति प्रदान की है और आज का अवसर सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के विकास का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत में दो रक्षा गलियारों में से एक के विकास और कई नए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक एक्सप्रेसवे के माध्यम से यूपी के सभी हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, पहली नमो भारत ट्रेन परियोजना की शुरुआत, कई शहरों में मेट्रो कनेक्टिविटी और राज्य को पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों का केन्‍द्र बनाने पर सरकार विशेष रूप से जोर दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, "ये विकास परियोजनाएं आने वाली सदियों तक प्रभावशाली रहेंगी।"प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के पूरा होने से इस क्षेत्र को नई ताकत और उड़ान मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''सरकार के प्रयासों से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश में प्रमुख रोजगार प्रदाता क्षेत्रों में से एक बन रहा है।''प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार 4 विश्वस्तरीय औद्योगिक स्मार्ट शहरों पर काम कर रही है। इनमें से एक शहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में है, प्रधानमंत्री ने आज इस महत्वपूर्ण टाउनशिप का उद्घाटन किया। इससे क्षेत्र के उद्योग और लघु एवं कुटीर व्यवसायों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टाउनशिप कृषि आधारित उद्योग के लिए नए रास्ते खोलेगी और स्थानीय किसानों और श्रमिकों को अत्यधिक लाभ प्रदान करेगी।

पहले के समय में कनेक्टिविटी की कमी के कारण कृषि पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका समाधान नए हवाई अड्डे और नए समर्पित माल गलियारे में देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी और मंडी में उपज बिकने के बाद सीधे किसानों के खाते में त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डबल इंजन सरकार की सराहना की। इसी तरह, इथेनॉल पर ध्यान देना गन्ना किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है।

श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “किसानों का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भारतीय किसानों के लिए कम लागत वाले उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि भारत के बाहर यूरिया का एक थैला जिसकी कीमत 3,000 रुपये है, किसानों को 300 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध कराया जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नैनो यूरिया के निर्माण के बारे में भी बात की, जिसकी एक छोटी बोतल उर्वरक की एक बोरी के बराबर काम करती है। इससे खपत कम और पैसे की बचत होती है। श्री मोदी ने बताया कि सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 2.75 लाख करोड़ रुपये भेजे हैं।

प्रधानमंत्री ने कृषि और कृषि-अर्थव्यवस्था में किसानों के योगदान को रेखांकित करते हुए, सहकारी समितियों के दायरे के निरंतर विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने छोटे किसानों को मजबूत करने के उपायों के रूप में पीएसी, सहकारी समितियों और एफपीओ को गिनाया। बिक्री-खरीद, ऋण, खाद्य प्रसंस्करण या निर्यात के लिए सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण संबंधी योजनाओं का भी जिक्र किया जिसके तहत पूरे देश में कोल्ड स्टोरेज का नेटवर्क बनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को दोहराया और इस तथ्य को रेखांकित किया कि नारी शक्ति इसका एक बड़ा माध्यम बन सकती है। उन्होंने नमो ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख किया जहां महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन पायलट बनने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “नमो ड्रोन दीदी भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए एक बड़ी ताकत बनने जा रही है।”

छोटे किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु पिछले 10 वर्षों के दौरान शुरू की गई लोक कल्याण योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने करोड़ों पक्के मकानों, शौचालयों, नल के पानी के कनेक्शन, किसानों एवं मजदूरों के लिए पेंशन सुविधाओं, पीएम फसल बीमा योजना जिसके तहत फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को 1.5 लाख करोड़ रुपये दिए जाते हैं, मुफ्त राशन योजना और आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, “सरकार का प्रयास है कि कोई भी लाभार्थी सरकारी योजना से वंचित न रहे और इसके लिए मोदी की गारंटी वाहन हर गांव तक पहुंच रहे हैं और उत्तर प्रदेश में भी लाखों लोगों का नामांकन कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह मोदी की गारंटी है कि हर नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। आज देश मोदी की गारंटी को किसी भी गारंटी के पूरा होने की गारंटी मानता है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हम यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे। इसीलिए मोदी संतृप्ति की गारंटी दे रहा है। मोदी शत प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचने पर जोर दे रहा है।” इससे भेदभाव या भ्रष्टाचार की कोई भी संभावना नहीं रह जाती है। उन्होंने कहा, “यही सच्ची धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय है।” उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं के सपने हर समाज में एक जैसे होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के वास्तविक प्रयासों से पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया।

अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे लिए आप ही मेरा परिवार हैं। आपका सपना ही मेरा संकल्प है।” उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि देश के सामान्य परिवारों के सशक्तिकरण ही मोदी की संपत्ति बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चाहे गांव हों, गरीब हों, युवा हों, महिलाएं हों या किसान हों, सभी को सशक्त बनाने का अभियान जारी रहेगा।

इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक और भारत के केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह भी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर न्यू खुर्जा-न्यू रेवाड़ी के बीच 173 किलोमीटर लंबी डबल लाइन विद्युतीकृत खंड को राष्ट्र को समर्पित किया। यह नया डीएफसी खंड काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिमी और पूर्वी डीएफसी के बीच अहम संपर्क स्थापित करता है। इसके अलावा, यह खंड इंजीनियरिंग की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए भी जाना जाता है। इसमें 'उच्च विद्युतीकरण के साथ एक किलोमीटर लंबी डबल लाइन रेल सुरंग' है, जो दुनिया में अपनी तरह की पहली सुरंग है। इस सुरंग को डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनों को निर्बाध रूप से चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मालगाड़ियां अब इस नए डीएफसी ट्रैक पर चलेंगी जिससे यात्री ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने मथुरा-पलवल खंड और चिपियाना बुजुर्ग-दादरी खंड को जोड़ने वाली चौथी लाइन भी राष्ट्र को समर्पित की। ये नई लाइनें राष्ट्रीय राजधानी की दक्षिणी पश्चिमी और पूर्वी भारत तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कई सड़क विकास परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में अलीगढ़ से भदवास फोर-लेन कार्य पैकेज-1 (एनएच-34 के अलीगढ़-कानपुर खंड का हिस्सा); शामली (एनएच-709ए) के माध्यम से मेरठ से करनाल सीमा का चौड़ीकरण; और एनएच-709 एडी पैकेज-II के शामली-मुजफ्फरनगर खंड को चार लेन का बनाना शामिल हैं। 5000 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत से विकसित ये सड़क परियोजनाएं कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और क्षेत्र में आर्थिक विकास में मदद करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने इंडियन ऑयल की टूंडला-गवारिया पाइपलाइन का भी उद्घाटन किया। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह 255 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन परियोजना तय समय से काफी पहले पूरी हो गई है। यह पाइपलाइन परियोजना मथुरा और टूंडला में पंपिंग सुविधाओं और टूंडला, लखनऊ और कानपुर में डिलीवरी सुविधाओं के साथ बरौनी-कानपुर पाइपलाइन के टूंडला से गवारिया टी-पॉइंट तक पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को 'ग्रेटर नोएडा में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप' (आईआईटीजीएन) भी समर्पित किया। इसे पीएम-गतिशक्ति के तहत बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं की एकीकृत योजना और समन्वित कार्यान्वयन के प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप विकसित किया गया है। इस परियोजना पर 1,714 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह परियोजना 747 एकड़ में फैली हुई है। यह दक्षिण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और पूर्व में दिल्ली-हावड़ा ब्रॉड गेज रेलवे लाइन के साथ पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों के चौराहे के पास स्थित है। आईआईटीजीएन का रणनीतिक स्थान अद्वितीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है क्योंकि मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए अन्य बुनियादी ढांचे जैसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (5 किमी), यमुना एक्सप्रेसवे (10 किमी), दिल्ली एयरपोर्ट (60 किमी), जेवर एयरपोर्ट (40 किमी), अजायबपुर रेलवे स्टेशन (0.5 किमी) और न्यू दादरी डीएफसीसी स्टेशन (10 किमी) इस परियोजना के आसपास मौजूद हैं। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, आर्थिक समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग 460 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण सहित पुनर्निर्मित मथुरा सीवरेज योजना का उद्घाटन किया। इस कार्य में मसानी में 30 एमएलडी एसटीपी का निर्माण, ट्रांस यमुना में मौजूदा 30 एमएलडी और मसानी में 6.8 एमएलडी एसटीपी का पुनर्वास और 20 एमएलडी टीटीआरओ प्लांट (तृतीयक उपचार और रिवर्स ऑस्मोसिस प्लांट) का निर्माण शामिल है। उन्होंने मुरादाबाद (रामगंगा) सीवरेज प्रणाली और एसटीपी कार्यों (चरण I) का भी उद्घाटन किया। लगभग 330 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना में 58 एमएलडी एसटीपी, लगभग 264 किमी लंबा सीवरेज नेटवर्क और मुरादाबाद में रामगंगा नदी के प्रदूषण निवारण के लिए नौ सीवेज पंपिंग स्टेशन शामिल हैं।

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August 01, 2026
Today's projects across aviation, clean energy, semiconductors and connectivity will contribute to the state's development: PM
On the very land where Alluri Sitarama Raju ji dedicated his life to the welfare of tribal communities; a new airport for Andhra Pradesh is being inaugurated today: PM
This airport serves as the runway for the growth of Andhra and North Andhra, It is a launchpad for a brighter future for the youth of Andhra: PM
It is imperative that Andhra Pradesh and the nation derive maximum benefit from the potential of our talented youth; To achieve this, our focus is currently on futuristic technology industries such as semiconductors, The foundation stone laying ceremony for the new semiconductor plant in Visakhapatnam marks a significant step in this direction: PM
Today, the nation is consistently bolstering its blue economy; Our vision is to develop this entire region as a Coastal Economic Corridor, With this objective in mind, our older ports from Visakhapatnam to Krishnapatnam are being modernized; Additionally, we are constructing new ports in Mulapeta and Ramayapatnam: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

आंध्र प्रदेश के गवर्नर अब्दुल नज़ीर जी, गोवा के गवर्नर और इस धरती के संतान अशोक गजपति राजू जी, सीएम, मेरे मित्र चंद्रबाबू नायडू जी, डिप्टी सीएम भाई पवन कल्याण जी, मंत्रिमंडल में मेरे साथी युवा ऊर्जा से भरे हुए भाई राममोहन नायडू जी, चंद्रशेखर पेम्मसानी जी, भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा जी, राज्य सरकार के मंत्री भाई नारा लोकेश जी, उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों।

अंदरिकी नमस्कारम्!

साथियों,

आज का दिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए, स्वर्ण आंध्र के विजन के लिए ये बहुत अहम है। मुझे आज बहुत शुभ अवसर पर, एक शुभ मास में उत्तर आंध्र की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य मिला है। मैं सबसे पहले भगवान श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं श्री-कूर्मनाथ स्वामी और मां पैडितल्ली अम्मवारु को नमन करता हूं।

साथियों,

आज यहां करीब Eighteen Thousand Crore Rupees की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। एयरपोर्ट के साथ साथ ये प्रोजेक्ट्स आंध्र की रोड कनेक्टिविटी से भी जुड़े हैं। इनमें एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी हैं। ये विकास कार्य इस बात के प्रतीक हैं कि इस समय आंध्र किस स्पीड से आगे बढ़ रहा है। मैं आप सभी को इन प्रोजेक्ट्स की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आज का ये आयोजन नया इतिहास, नए record, इसे रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, तो साथ ही धीमसा डांस का सांस्कृतिक record भी रचा गया है, और ये चंद्रबाबू की विशेषता है कि उन्होंने दो क्षितिजों को छुआ है। एक तरफ ऊंची आसमान को छूने वाली व्यवस्था एयरपोर्ट का निर्माण और दूसरी तरफ मेरे यहां के आदिवासी बहनों के द्वारा धीमसा नृत्य का विश्व रिकॉर्ड बनाना, मैं चंद्रबाबू के इस विजन को विशेषरूप से सराहना करता हूं।

Thirteen Thousand से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव, ये दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी और पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी। मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों और बेटियों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

ये धरती अल्लूरी सीताराम राजू की धरती है। अल्लूरी सीताराम राजू जी ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत हो रही है। ये एयरपोर्ट आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रन-वे है। ये आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉंन्च पैड है। मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को, देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

पहले जब एयरपोर्ट बनते थे, तो एयरपोर्ट के नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे, हमने इस परंपरा को बदला, हमने अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा, हमने पंजाब में संत रविदास जी के नाम से एयरपोर्ट का नाम जोड़ा।

और साथियों,

केंद्र की एनडीए सरकार ने ये निर्णय़ किया है कि इस नए एयरपोर्ट का नाम श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा। आंध्र प्रदेश का जो भी नागरिक, इस एयरपोर्ट से यात्रा करेगा, देश और दुनिया का जो भी नागरिक इस एयरपोर्ट से यात्रा करेगा, उसे अल्लूरी सीताराम राजू जी के नाम से जनसेवा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।

साथियों,

बीते twelve years में देश के एविएशन सेक्टर ने असाधारण प्रगति की है। 2014 तक देश में केवल Seventy Four एयरपोर्ट ऑपरेशनल थे। आज ये संख्या One Hundred Sixty Six है। एक समय था जब हवाई उड़ानें सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। NDA सरकार में आज छोटे शहरे के साधारण लोग भी फ्लाइट्स से आ-जा रहे हैं। Twelve years में सिर्फ एयरपोर्ट की संख्या ही नहीं बढ़ी है, हमारी उड़ान योजना के काऱण आज गरीब परिवार के लोगों को भी जहाज में बैठने का अवसर मिल रहा है। इस योजना ने गरीब से गरीब को अपना सपना पूरा करने में मदद की है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने उड़ान योजना के दूसरे फेज की शुरुआत की है। इस पर भी Twenty Nine Thousand करोड़ रुपीज खर्च किए जाएंगे।

साथियों,

एविएशन सेक्टर में देश ने एक और बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। कुछ ही दिन पहले काशी में जिस स्पोक एयरपोर्ट मॉडल का शुभारंभ हुआ, आज वही मॉडल पंजाब के अमृतसर तक पहुँच गया है। इससे अमृतसर से Twenty Five से ज्यादा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन जुड़ जाएंगे। मैं इस उपलब्धि के लिए आंध्र की इस धरती से पंजाब के लोगों को भी बधाई देता हूँ।

साथियों,

हमारे आंध्र प्रदेश के पास हमेशा से विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनने का सामर्थ्य रहा है। आंध्र प्रदेश के विकास के लिए हमारे प्रयास डबल इंजन की स्पीड से आगे बढ़ें, इसके लिए मैंने आंध्र के लोगों से डबल इंजन सरकार का आशीर्वाद मांगा था और आज चंद्रबाबू नायडू जी के नेतृत्व में, पवन कल्याण जी के नेतृत्व में NDA की पूरी टीम आंध्र प्रदेश के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है।

साथियों,

आज देश ब्लू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विज़न है कि ये पूरा क्षेत्र कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो, इसी लक्ष्य के साथ विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट्स को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में हम नए पोर्ट्स भी बना रहे हैं।

साथियों,

पोर्ट डेवलपमेंट के साथ-साथ पूरे आंध्र में हाइवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हो रहा है। विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट इस पूरे क्षेत्र को रफ्तार दे रहे हैं।

साथियों,

ये पूरा रीजन देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से आसानी से जुड़े इसके लिए आज आंध्र प्रदेश में करीब one lakh crore रुपीज की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य के पूरे रेल नेटवर्क का electrification हो चुका है। यहां Seventy से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है।

साथियों,

आज इस क्षेत्र के विकास में पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। पीएम गति शक्ति के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र में रेल, पोर्ट और एयरपोर्ट को एक साथ जोड़ा जा रहा है। जब यहां ये आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार हो जाएगा, तो उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, किसानों को फायदा होगा और Ease of Doing Business भी बढ़ेगा।

साथियों,

आंध्र प्रदेश हमेशा भविष्य की सोच रखने वाला प्रदेश रहा है। सॉफ्टवेयर, IT और टेक सेक्टर में आंध्र के युवाओं ने पूरी दुनिया में अपना डंका बजाया है। और इसीलिए, सरकार यहां के टैलेंट को, आंध्र प्रदेश की डेवलपमेंट पावर से जोड़ना चाहती है। हमारे टैलेंटेड युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, ये बहुत आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी futuristic टेक इंडस्ट्री पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास, इसी दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। चंद्रबाबू के नेतृत्व में हमारा आंध्र अब सॉफ्टवेयर के साथ-साथ manufacturing का भी हब बनेगा। इससे आंध्र में futuristic jobs तैयार होगी, टेक इंडस्ट्रीज़ के लिए नया वातावरण तैयार होगा।

साथियों,

वर्ल्ड इकोनॉमी में कहीं भी, किसी भी ग्रोथ सेंटर का निर्माण सिर्फ एक फैक्ट्री से नहीं हो सकता, उसके लिए एक पूरे इकोसिस्टम की जरूरत होती है। आज आंध्र प्रदेश में हम ग्रोथ का वही इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू जी व्यक्तिगत स्तर पर दिन-रात मेहनत करते हैं। इसी का परिणाम है, आज दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां यहाँ निवेश करने के लिए आना चाहती हैं।

साथियों,

यहां सेमीकंडक्टर के साथ-साथ AI इन्फ्रा और डेटा सेंटर पर भी काम हो रहा है। Google ने भी यहां Fifteen Billion Dollars के AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कैंपस की घोषणा की है। और भी कई ग्लोबल कंपनीज यहां नई संभावनाएं देख रही हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा आंध्र प्रदेश के साथ-साथ देश के Youth को हो रहा है।

साथियों,

आंध्र की इंडस्ट्रियल ग्रोथ स्टोरी केवल डिजिटल टेक तक ही सीमित नहीं है। नक्कापल्ली में केंद्र सरकार बड़े फार्मा पार्क के लिए भी सहयोग दे रही है। इससे आंध्र प्रदेश, देश के एक बड़े फार्मा हब के रूप में भी विकसित होगा। ग्रीन एनर्जी की फील्ड में भी अकेले रायलसीमा क्षेत्र में Five Lakh Crore Rupees से ज्यादा का इनवेस्टमेंट हुआ है। मैं आज आंध्र प्रदेश के आप सभी लोगों को फिर विश्वास दिलाता हूं, हमारी सरकार ऐसी हर संभावनाओं को साकार करने के लिए दिन-रात, ये डबल इंजन सरकार काम करती रहेगी।

साथियों,

आज आंध्र प्रदेश में हर सेक्टर में किस स्पीड से काम हो रहा है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछली 3 यात्राओं में ही मैंने Two Lakh Crore Rupees के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ यहाँ किया है। मुझे खुशी है कि आंध्र की इस विकास यात्रा में ‘उत्तर आंध्र’ भी सशक्त हो रहा है। हम Visakhapatnam Economic Region, V.E.R को देश के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है, V.E.R एशिया का प्रमुख economic hub बने। ये एयरपोर्ट से लेकर सेमीकंडक्टर यूनिट तक इसी मिशन का हिस्सा है।

साथियों,

हमारी सरकार का मंत्र है- Investment से Employment, इसलिए सरकार ने अपनी तरफ से भी Investment बढ़ाया है और हम प्राइवेट सेक्टर को भी Investment के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आप भी जानते हैं, जब Investment बढ़ता है, तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, तो एक्सपोर्ट बढ़ता है, एक्सपोर्ट बढ़ता है, तो रोजगार के नए अवसर बनते हैं और रोजगार बढ़ता है, तो लोगों की आमदनी बढ़ती है, परिवारों की ज़िंदगी बेहतर होती है और आंध्र प्रदेश में हम यही होते देख रहे हैं।

साथियों,

मुझे पूरा विश्वास है, आज यहां जितने भी प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई हैं, जिनकी नींव रखी गई हैं, वो सारे प्रोजेक्ट्स स्वर्ण आंध्रा और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में बहुत बड़ा योगदान देंगे। चंद्रबाबू जी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए एक बहुत बड़ा ऊर्जा स्रोत बन रहा है। मैं एक बार फिर इन सभी परियोजनाओं के लिए आंध्र प्रदेश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्यवाद!