दीन दयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का मार्ग दिखाया था: प्रधानमंत्री मोदी
हमारी सरकार ने सड़क, राजमार्ग, जलमार्ग, रेलवे को और विशेष रूप से बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: पीएम मोदी
हमारी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने, उन्हें विकास का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वाराणसी में पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय की प्रतिमा का अनावरण किया और दीनदयाल उपाध्‍याय स्‍मारक राष्‍ट्र को समर्पित किया। उन्‍होंने तीन ज्‍योर्तिलिंग तीर्थ स्‍थलों-वाराणसी, उज्‍जैन और ओंकारेश्‍वर को जोड़ने वाली तीसरी कार्पोरेट ट्रेन –महाकाल एक्‍सप्रेस को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्‍होंने 430 बिस्‍तरों वाले सुपर- स्पैशल्टी सरकारी अस्‍पताल सहित 36 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और 14 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

वाराणसी में पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय स्‍मारक केंद्र में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय के स्‍मारक स्‍थल के साथ स्‍वयं को जोड़कर आज यह क्षेत्र अपने नाम ‘पडाव’ के महत्‍व को और ज्‍यादा मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि यह स्‍थान ऐसे मंच के रूप में विकसित होगा, जहां सेवा, बलिदान, न्‍याय और जनहित सब एक स्‍थान पर होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्‍मारक स्‍थल और उपवन, और यहां स्‍थापित भव्‍य प्रतिमा भावी पीढि़यों को नैतिकता और दीनदयाल जी के विचारों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्‍याय जी ने हमें अंत्‍योदय का मार्ग दिखाया, जो समाज के अंतिम व्‍यक्ति का उत्‍थान है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विचार से प्रेरणा पाकर 21वीं सदी का भारत अंत्‍योदय के लिए काम कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर लगभग 1250 करोड़ रुपये मूल्‍य की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है, जो वाराणसी सहित समूचे पूर्वांचल को लाभान्वित करेंगी। उन्‍होंने कहा, ‘ये सभी परियोजनाएं काशी सहित समूचे पूर्वांचल में पिछले पांच वर्ष से जारी पुनरुद्धार के संकल्‍प का भाग हैं। इन वर्षों में वाराणसी जिले में 25 हजार करोड़ रुपये मूल्‍य के विकास कार्यों को पूर्ण किया गया है या वे प्रगति पर हैं।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने सड़कों, राजमार्गों, जलमार्गों, रेलवे, विशेषकर ढांचागत सुविधाओं को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी है। उन्‍होंने कहा, ‘ये विकास कार्य न सिर्फ राष्‍ट्र को आगे ले जा रहे हैं, ब‍ल्कि रोजगार के अवसरों, विशेषकर पर्यटन आधारित रोजगार के अवसरों का भी सृजन कर रहे हैं, जिनकी काशी और आसपास के क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।’ उन्‍होंने कहा कि कुछ दिन पहले श्रीलंका के राष्‍ट्रपति यहां आए थे और वह यहां के दिव्‍य वातावरण से मंत्रमुग्‍ध हो गए थे।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पावन अवसर पर बाबा विश्‍वनाथ के शहर को ओंकारेश्‍वर और महाकालेश्‍वर के साथ जोड़ने वाली महाकाल एक्‍सप्रेस को भी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। बीएचयू में 2016 की दूसरी छमाही में जिस सुपर- स्पैशल्टी अस्‍पताल का शिलान्‍यास किया गया था, उसका अब उद्घाटन किया गया है। उन्‍होंने कहा, ‘मात्र 21 महीनों में, यह 430 बिस्‍तरों वाला अस्‍पताल काशी और पूर्वांचल की जनता की सेवा करने के लिए तैयार है।‘’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं के केंद्र में आत्‍मनिर्भरता और आत्‍म-सहायता होने संबंधी दीनदयाल जी के विचारों के अनुरूप, सरकारी योजनाओं और सरकार की संस्‍कृति में इन विचारों को शामिल करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

प्रधानमंत्री इस बात पर बल दिया कि सरकार समाज के अंतिम व्‍यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाने के लिए उस तक पहुंच बनाने का निरंतर प्रयास कर रही है। उन्‍होंने कहा, ‘’अब परिस्थिति बदल रही है और अब समाज के अंतिम व्‍यक्ति को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जा रही है।‘’

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।