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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए 45,000 से अधिक आवासों का प्रधानमंत्री ने शिलान्यास करते हुए उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया
प्रधानमंत्री ने तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड नई ब्रॉड गेज लाइन की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने प्रसाद योजना के तहत अंबाजी मंदिर में तीर्थ सुविधाओं के विकास की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के 62 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू महेसाणा खण्ड और 13 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू चटोदर खण्ड को समर्पित किया
"माँ अम्बा के आशीर्वाद से हमें अपने सभी संकल्पों को सिद्ध करने की शक्ति मिलेगी"
"हम अपने देश भारत को एक माँ के रूप में देखते हैं, और खुद को माँ भारती की संतान मानते हैं"
"सरकार देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए निःशुल्क राशन योजना का विस्तार करने पर लगभग 4 लाख करोड़ रूपए खर्च कर रही है"
"पीएमजीकेएवाई का विस्तार किया गया ताकि त्योहारों के मौसम में बहनों और माताओं को रसोई चलाने में कोई कठिनाई न हो"
यह हमारा सौभाग्य है कि आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में हम इस रेलवे लाइन को अम्बा माता के चरणों में समर्पित कर रहे हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंबाजी में 7200 करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए 45,000 से अधिक आवासों की आधारशिला रखते हुए उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने प्रसाद योजना के तहत तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड न्यू ब्रॉड गेज लाइन और अंबाजी मंदिर में तीर्थ सुविधाओं के विकास की भी आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के 62 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू महेसाणा सेक्शन और 13 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू चटोदर सेक्शन (पालनपुर बाईपास लाइन) को भी समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मीठा-थाराड-दीसा रोड को चौड़ा करने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित किया।

प्रधानमंत्री ने विभिन्न आवास योजनाओं के सात लाभार्थियों को चाबियां सौंपी और मुख्यमंत्री गौमाता पोषण योजना का शुभारंभ करते हुए गौशालाओं को चेक प्रदान किए। प्रधानमंत्री ने कुछ आवास लाभार्थियों के साथ वीडियो लिंक के माध्यम से बातचीत भी की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के पांचवें दिन मां अम्बा के दर्शन का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ऐसे समय में अंबाजी आए हैं जब देश ने एक विकसित भारत का महान संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि मां अंबा के आशीर्वाद से हमें अपने सभी संकल्पों को सिद्ध करने की शक्ति मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने आवास योजनाओं के 61,000 लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि एक बेहतर दीपावली उनकी प्रतीक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री ने भारत में महिलाओं के सम्मान की संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हम महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, तो यह स्वाभाविक रूप से हमारे भीतर निहित है लेकिन जब हम इसके बारे में गंभीरता से सोचते हैं, तो हम अनुभव करते हैं कि हमारे संस्कारों में स्वयं ही महिलाओं के लिए कितना सम्मान निहित है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के विपरीत, शक्ति हमारी संस्कृति में स्त्री लिंग से जुड़ी हुई है और बहादुर योद्धाओं के साथ मां का नाम जोड़ने की परंपरा है। उन्होंने इस संबंध में अर्जुन, श्रीकृष्ण और श्री हनुमान जी का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे संस्कार हैं कि हम अपने देश भारत को एक मां के रूप में देखते हैं, और खुद को माँ भारती की संतान मानते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा इसके बावजूद भी महिलाओं के पास केवल सीमित अधिकार हैं विशेषकर वित्तीय मामलों में। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करके इसे ठीक किया गया है कि विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अधिकांश आवासों में, घर या तो घर की गृहणियों के स्वामित्व में हो या सह-स्वामित्व में हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में 3 करोड़ से ज्यादा घर गरीब परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।

त्यौहार के मौसम के दौरान, प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मुफ्त राशन योजना के विस्तार पर लगभग 4 लाख करोड़ रूपए खर्च कर रही है, जिससे देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों को राहत मिलती है। श्री मोदी ने कहा कि इस योजना का विस्तार इसलिए किया गया है ताकि गरीब परिवारों की बहनों-माताओं को मुश्किल समय में रसोई चलाने में कोई परेशानी न हो। प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि उन्हें पिछले दो दशकों से हमारी माताओं और बहनों के सशक्तिकरण के लिए कार्य करने का अवसर मिला है और बनासकांठा इस बदलते परिदृश्य का साक्षी रहा है। क्षेत्र की महिलाओं से अपने किए हुए अनुरोध का स्मरण करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपने अनुरोध का सम्मान करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि नर्मदा का नीर क्षेत्र में खुशी ला रहा है और लड़कियां बड़े उत्साह के साथ स्कूलों और कॉलेजों में भाग ले रही हैं। प्रधानमंत्री ने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में उनके सहयोग का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत में महिलाओं के जीवन के हर पहलू का ध्यान रखा जा रहा है और वे भारत की विकास यात्रा की चालक बन रही हैं। केंद्र सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में देश की नारी शक्ति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने शौचालय, गैस कनेक्शन, हर घर जल, जनधन खातों, मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के ऋण के रूप में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि माँ जब सुखी होती है, तब परिवार सुखी होता है, जब परिवार सुखी होता है, समाज सुखी होता है और जब समाज सुखी होता है, तो राष्ट्र सुखी होता है। यह सही प्रकार का विकास है जिसके लिए हम अथक प्रयास कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि तरंगा हिल-अंबाजी-अबू रोड लाइन की परिकल्पना 1930 में ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी। इसकी आवश्यकता 100 साल पहले पहचानी गई थी लेकिन दुर्भाग्य से इतने लंबे समय में ऐसा नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा, “शायद, माँ अम्बा चाहती थीं कि यह मेरे द्वारा किया जाए। यह हमारा सौभाग्य है कि आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में हमें इसे अम्बा माता के चरणों में समर्पित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस रेल लाइन और बाइपास से इलाके को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और मार्बल उद्योग को भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से क्षेत्र को काफी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को फायदा होगा क्योंकि अब संभव है कि यहां से किसान रेल शुरू हो सके। उन्होंने गब्बर तीर्थ के विकास के लिए भी राज्य सरकार की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य मंदिर के आसपास इतने आकर्षणों का सृजन करना है कि लोगों को उन्हें देखने के लिए दो-तीन दिन का कार्यक्रम बनाना पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ, अंबाजी आस्था और पूजा का स्थल है, जबकि दूसरी तरफ, हमारे पास भारत की सीमाएं हैं जहां हमारे जवान तैनात हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सुइगम तालुक में एक सीमा दर्शन परियोजना शुरू की है। यह परियोजना भारत के लोगों को सीमा सुरक्षा बलों के जवानों की जीवन शैली के बारे में शिक्षित करने का प्रयास करती है और पर्यटकों को भी ऐसा ही अनुभव प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय एकता, पंच प्राण (पांच प्रतिज्ञाओं) में से एक को और अधिक शक्ति प्रदान करेगी और साथ ही क्षेत्र में पर्यटन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। श्री मोदी ने बताया कि दीसा वायु सेना स्टेशन में आगामी रनवे और अन्य विकास क्षेत्र में भी हम अपनी वायु सेना की रक्षा को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा।

अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से पिछले दो दशकों में बनासकांठा का चेहरा पूरी तरह बदल गया है। प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर स्थिति बदलने का श्रेय बनासकांठा की महिलाओं को दिया। उन्होंने कहा कि नर्मदा की नीर, सुजलाम-सुफलाम और ड्रिप इरिगेशन ने स्थिति बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। श्री मोदी ने कहा कि आज शुरू की गई परियोजनाओं से किसानों, महिलाओं और युवाओं को सबसे ज्यादा लाभ होगा।

इस अवसर पर, गुजरात के मुख्यमंत्री, श्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री श्रीमती दर्शन विक्रम जरदोश, सांसद श्री सी आर पाटिल, श्री प्रभातभाई पटेल, श्री भरसिंह धाबी और श्री दिनेशभाई अनवैद्य उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने अंबाजी में 7200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए 45,000 से अधिक आवासों की आधारशिला रखते हुए उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने प्रसाद योजना के तहत तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड न्यू ब्रॉड गेज लाइन और अंबाजी मंदिर में तीर्थ सुविधाओं के विकास की भी आधारशिला रखी। नई रेल लाइन से 51 शक्तिपीठों में से एक अंबाजी जाने वाले लाखों भक्तों को लाभ होगा और इन सभी तीर्थ स्थलों पर भक्तों के पूजा अनुभव को समृद्ध बनाएगा। आधारशिला रखी जाने वाली अन्य परियोजनाएं में दीसा में एयरफोर्स स्टेशन पर रनवे और संबद्ध बुनियादी ढांचे का निर्माण और अंबाजी बाईपास रोड सहित अन्य परियोजनाऐं भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के 62 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू महेसाणा खण्ड और 13 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू चटोदर खण्ड (पालनपुर बाईपास लाइन) को भी राष्ट्र को समर्पित किया। यह पिपावाव, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला), मुंद्रा और गुजरात के अन्य बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। इन खण्ड के खुलने से 734 किलोमीटर का वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चालू हो जाएगा। इस खंड के खुलने से गुजरात के मेहसाणा-पालनपुर, राजस्थान के स्वरूपगंज, केशवगंज, किशनगढ़ और हरियाणा में रेवाड़ी-मानेसर और नारनौल में उद्योगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने मीठा-थाराड-दीसा रोड को चौड़ा करने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित किया।

इन व्यापक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे को विकसित करने, शहरी गतिशीलता को बढ़ाने और बहु-आयामी संपर्क में सुधार के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आम आदमी के जीवन को आसान बनाने पर उनकी सरकार के निरंतर ध्यान रखने की भावना को भी प्रदर्शित करता है।

 

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Text of PM's speech at NCC Rally at the Cariappa Parade Ground in Delhi
January 28, 2023
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“You represent ‘Amrit Generation’ that will create a Viksit and Aatmnirbhar Bharat”
“When dreams turn into resolution and a life is dedicated to it, success is assured. This is the time of new opportunities for the youth of India”
“India’s time has arrived”
“Yuva Shakti is the driving force of India's development journey”
“When the country is brimming with the energy and enthusiasm of the youth, the priorities of that country will always be its young people”
“This a time of great possibilities especially for the daughters of the country in the defence forces and agencies”

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, श्री अजय भट्ट जी, सीडीएस अनिल चौहान जी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और आज विशाल संख्या में पधारे हुए सभी अतिथिगण और मेरे प्यारे युवा साथियों!

आजादी के 75 वर्ष के इस पड़ाव में एनसीसी भी अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इन वर्षों में जिन लोगों ने एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया है, जो इसका हिस्सा रहे हैं, मैं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना करता हूं। आज इस समय मेरे सामने जो कैडेट्स हैं, जो इस समय NCC में हैं, वो तो और भी विशेष हैं, स्पेशल हैं। आज जिस प्रकार से कार्यक्रम की रचना हुई है, सिर्फ समय नहीं बदला है, स्वरूप भी बदला है। पहले की तुलना में दर्शक भी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और कार्यक्रम की रचना भी विविधताओं से भरी हुई लेकिन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मूल मंत्र को गूंजता हुआ हिन्दुस्तान के कोने-कोने में ले जाने वाला ये समारोह हमेशा-हमेशा याद रहेगा। और इसलिए मैं एनसीसी की पूरी टीम को उनके सभी अधिकारी और व्यवस्थापक सबको हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप एनसीसी कैडेट्स के रूप में भी और देश की युवा पीढ़ी के रूप में भी, एक अमृत पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये अमृत पीढ़ी, आने वाले 25 वर्षों में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, विकसित बनाएगी।

साथियों,

देश के विकास में NCC की क्या भूमिका है, आप सभी कितना प्रशंसनीय काम कर रहे हैं, ये हमने थोड़ी देर पहले यहां देखा है। आप में से एक साथी ने मुझे यूनिटी फ्लेम सौंपी। आपने हर दिन 50 किलोमीटर की दौड़ लगाते हुए, 60 दिनों में कन्याकुमारी से दिल्ली की ये यात्रा पूरी की है। एकता की इस लौ से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना सशक्त हो, इसके लिए बहुत से साथी इस दौड़ में शामिल हुए। आपने वाकई बहुत प्रशंसनीय काम किया है, प्रेरक काम किया है। यहां आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। भारत की सांस्कृतिक विविधता, आपके कौशल और कर्मठता के इस प्रदर्शन में और इसके लिए भी मैं आपको जितनी बधाई दूं, उतनी कम है।

साथियों,

आपने गणतंत्र दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया। इस बार ये परेड इसलिए भी विशेष थी, क्योंकि पहली बार ये कर्तव्य पथ पर हुई थी। और दिल्ली का मौसम तो आजकल ज़रा ज्यादा ही ठंडा रहता है। आप में से अनेक साथियों को शायद इस मौसम की आदत भी नहीं होगी। फिर भी मैं आपको दिल्ली में कुछ जगह ज़रूर घूमने का आग्रह करुंगा, समय निकालेंगे ना। देखिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पुलिस मेमोरियल अगर आप नहीं गए हैं, तो आपको जरूर जाना चाहिए। इसी प्रकार लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम में भी आप अवश्य जाएं। आज़ाद भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से परिचय कराता एक आधुनिक PM-म्यूजियम भी बना है। वहां आप बीते 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा के बारे में जान-समझ सकते हैं। आपको यहां सरदार वल्लभभाई पटेल का बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बाबा साहब अंबेडकर का बहुत बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बहुत कुछ है। हो सकता है, इन जगहों में से आपको कोई ना कोई प्रेरणा मिले, प्रोत्साहन मिले, जिससे आपका जीवन एक निर्धारत लक्ष्य को लेकर के कुछ कर गुजरने के लिए चल पड़े, आगे बढ़ता ही बढ़ता चला जाए।

मेरे युवा साथियों,

किसी भी राष्ट्र को चलाने के लिए जो ऊर्जा सबसे अहम होती है, वो ऊर्जा है युवा। अभी आप उम्र के जिस पड़ाव पर है, वहां एक जोश होता है, जुनून होता है। आपके बहुत सारे सपने होते हैं। और जब सपने संकल्प बन जाएं और संकल्प के लिए जीवन जुट जाए तो जिंदगी भी सफल हो जाती है। और भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है। हर तरफ एक ही चर्चा है कि भारत का समय आ गया है, India’s time has arrived. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आप हैं, भारत के युवा हैं। भारत का युवा आज कितना जागरूक है, इसका एक उदाहरण मैं आज जरूर आपको बताना चाहता हूं। ये आपको पता है कि इस वर्ष भारत दुनिया की 20 सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के समूह, G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। मैं तब हैरान रह गया, जब देशभर के अनेक युवाओं ने मुझे इसको लेकर के चिट्ठियां लिखीं। देश की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को लेकर आप जैसे युवा जिस प्रकार से रुचि ले रहे हैं, ये देखकर सचमुच में बहुत गर्व होता है।

साथियों,

जिस देश के युवा इतने उत्साह और जोश से भरे हुए हों, उस देश की प्राथमिकता सदैव युवा ही होंगे। आज का भारत भी अपने सभी युवा साथियों के लिए वो प्लेटफॉर्म देने का प्रयास कर रहा है, जो आपके सपनों को पूरा करने में मदद कर सके। आज भारत में युवाओं के लिए नए-नए सेक्टर्स खोले जा रहे हैं। भारत की डिजिटल क्रांति हो, भारत की स्टार्ट-अप क्रांति हो, इनोवेशन क्रांति हो, इन सबका सबसे बड़ा लाभ युवाओं को ही तो हो रहा है। आज भारत जिस तरह अपने डिफेंस सेक्टर में लगातार रिफॉर्म्स कर रहा है, उसका लाभ भी देश के युवाओं को हो रहा है। एक समय था, जब हम असॉल्ट राइफल और बुलेट प्रूफ जैकेट तक विदेशों से मंगवाते थे। आज सेना की ज़रूरत के सैकड़ों ऐसे सामान हैं, जो हम भारत में बना रहे हैं। आज हम अपने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत तेज़ी से काम कर काम रहे हैं। ये सारे अभियान, भारत के युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर के आए हैं, अवसर लेकर के आए हैं।

साथियों,

जब हम युवाओं पर भरोसा करते हैं, तब क्या परिणाम आता है, इसका एक उत्तम उदाहरण हमारा स्पेस सेक्टर है। देश ने स्पेस सेक्टर के द्वार युवा टैलेंट के लिए खोल दिए। और देखते ही देखते पहला प्राइवेट सैटेलाइट लॉन्च किया गया। इसी प्रकार एनीमेशन और गेमिंग सेक्टर, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार लेकर आया है। आपने ड्रोन का उपयोग या तो खुद किया होगा, या फिर किसी दूसरे को करते हुए देखा होगा। अब तो ड्रोन का ये दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। एंटरटेनमेंट हो, लॉजिस्टिक हो, खेती-बाड़ी हो, हर जगह ड्रोन टेक्नॉलॉजी आ रही है। आज देश के युवा हर प्रकार का ड्रोन भारत में तैयार करने के लिए आगे आ रहे हैं।

साथियों,

मुझे एहसास है कि आप में से अधिकतर युवा हमारी सेनाओं से, हमारे सुरक्षा बलों से, एजेंसियों से जुड़ने की आकांक्षा रखते हैं। ये निश्चित रूप से आपके लिए, विशेष रूप से हमारी बेटियों के लिए भी बहुत बड़े अवसर का समय है। बीते 8 वर्षों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों में बेटियों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। आज आप देखिए, सेना के तीनों अंगों में अग्रिम मोर्चों पर महिलाओं की तैनाती का रास्ता खुल चुका है। आज महिलाएं भारतीय नौसेना में पहली बार अग्निवीर के रूप में, नाविक के रूप में शामिल हुई हैं। महिलाओं ने सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में भी प्रवेश करना शुरू किया है। NDA पुणे में महिला कैडेट्स के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरु हो चुकी है। हमारी सरकार द्वारा सैनिक स्कूलों में बेटियों के एडमिशन की अनुमति भी दी गई है। आज मुझे खुशी है कि लगभग 1500 छात्राएं सैनिक स्कूलों में पढ़ाई शुरु कर चुकी हैं। यहां तक की एनसीसी में भी हम बदलाव देख रहे हैं। बीते एक दशक के दौरान एनसीसी में बेटियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। मैं देख रहा था कि यहां जो परेड हुई, उसका नेतृत्व भी एक बेटी ने किया। सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में एनसीसी के विस्तार के अभियान से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। अभी तक सीमावर्ती और तटवर्ती क्षेत्रों से लगभग एक लाख कैडेट्स को नामांकित किया गया है। इतनी बड़ी युवाशक्ति जब राष्ट्र निर्माण में जुटेगी, देश के विकास में जुटेगी, तो साथियों बहुत विश्वास से कहता हूं कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाएगा। मुझे विश्वास है कि एक संगठन के तौर पर भी और व्यक्तिगत रूप से भी आप सभी देश के संकल्पों की सिद्धि में अपनी भूमिका का विस्तार करेंगे। मां भारती के लिए आजादी के जंग में अनेक लोगों ने देश के लिए मरने का रास्ता चुना था। लेकिन आजाद भारत में पल-पल देश के लिए जीने का रास्ता ही देश को दुनिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाता है। और इस संकल्प की पूर्ति के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को लेकर के देश को तोड़ने के कई बहाने ढूंढे जाते हैं। भांति-भांति की बातें निकालकर के मां भारती की संतानों के बीच में दूध में दरार करने की कोशिशें हो रही हैं। लाख कोशिशें हो जाएं, मां के दूध में कभी दरार नहीं हो सकती। और इसके लिए एकता का मंत्र ये बहुत बड़ी औषधि है, बहुत बड़ा सामर्थ्य है। भारत के भविष्य के लिए एकता का मंत्र ये संकल्प भी है, भारत का सामर्थ्य भी है और भारत को भव्यता प्राप्त करने के लिए यही एक मार्ग है। उस मार्ग को हमें जीना है, उस मार्ग पर आने वाली रूकावटों के सामने हमें जूझना हैं। और देश के लिए जीकर के समृद्ध भारत को अपनी आंखों के सामने देखना है। इसी आंखों से भव्य भारत को देखना, इससे छोटा संकल्प हो ही नहीं सकता। इस संकल्प की पूर्ति के लिए आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। 75 वर्ष की यह यात्रा, आने वाले 25 वर्ष जो भारत का अमृतकाल है, जो आपका भी अमृतकाल है। जब देश 2047 में आजादी के 100 साल मनाएगा, एक डेवलप कंट्री होगा तो उस समय आप उस ऊंचाई पर बैठे होंगे। 25 साल के बाद आप किस ऊंचाई पर होंगे, कल्पना कीजिये दोस्तों। और इसलिए एक पल भी खोना नहीं है, एक भी मौका खोना नहीं है। बस मां भारती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प लेकर के चलते ही रहना है, बढ़ते ही रहना है, नई-नई सिद्धियों को प्राप्त करते ही जाना है, विजयश्री का संकल्प लेकर के चलना है। यही मेरी आप सबको शुभकामनाएं हैं। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय, भारत माता की जय! भारत माता की जय।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।