प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को वक्फ संशोधन अधिनियम लाने के लिए धन्यवाद दिया, यह उनकी दीर्घकालिक लंबित मांग थी
प्रतिनिधिमंडल ने वक्फ के दावों के कारण समुदाय को पहले आई चुनौतियों की कहानियाँ साझा कीं; कहा कि प्रधानमंत्री यह अधिनियम न केवल अल्पसंख्यकों के लिए बल्कि अल्पसंख्यकों के भीतर अल्पसंख्यकों के लाभ के लिए लाए हैं
समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा की, जिसके अंतर्गत वे समावेश की भावना महसूस करते हैं, प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण में विश्वास भी व्यक्त किया
अधिनियम लाने के पीछे एक प्रमुख प्रेरक यह था कि प्रचलित प्रणाली से अधिकांश महिलाएं, विशेष रूप से विधवाएँ पीड़ित थीं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने दाऊदी बोहरा समुदाय के साथ अपने जुड़ाव पर चर्चा की और वक्फ अधिनियम लाने में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के योगदान की प्रशंसा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।

प्रतिनिधिमंडल में व्यापारिक नेता, पेशेवर, चिकित्सक, शिक्षक और दाऊदी बोहरा समुदाय के विभिन्न प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने अपने संघर्षों के बारे में बताते हुए कहा कि किस तरह उनके समुदाय के सदस्यों की संपत्तियों पर वक्फ ने गलत तरीके से दावा किया। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम लाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह लंबे समय से उनकी मांग थी।

उन्होंने दाऊदी बोहरा समुदाय के साथ प्रधानमंत्री के लंबे समय से चले आ रहे विशेष संबंध और उनके द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों के बारे में चर्चा की। अपने समुदाय के लिए अधिनियम के लाभ के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यह अधिनियम न केवल अल्पसंख्यकों के लिए बल्कि अल्पसंख्यकों के भीतर अल्पसंख्यकों के लाभ के लिए लाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव उनकी पहचान को पनपने दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, वे समावेश की भावना महसूस करते हैं।

प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकलपना के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने भारत को विकसित बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता और हर संभव सहायता का अश्वासन दिया। उन्होंने उनके नेतृत्व की भी प्रशंसा की जो इस पहलू पर ध्यान केंद्रित करता है कि सच्चा विकास लोगों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, एमएसएमई आदि के लिए समर्थन जैसी कई प्रमुख पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के लिए बहुत सहायक रहे हैं। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अन्य उपायों की भी प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने वक्फ संशोधन अधिनियम को लाने के पीछे वर्षों की मेहनत के बारे में बताया। उन्होंने वक्फ के कारण लोगों को होने वाली कठिनाइयों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इस अधिनियम को लाने के पीछे एक प्रमुख कारण यह था कि प्रचलित व्यवस्था से सबसे अधिक महिलाएं, विशेष रूप से विधवाएं पीड़ित थीं।

प्रधानमंत्री ने दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्यों के साथ अपने मजबूत संबंधों का स्मरण किया। उन्होंने सामाजिक कल्याण की दिशा में काम करने की समुदाय की परंपरा की प्रशंसा की, जिसे उन्होंने वर्षों से देखा है। उन्होंने अधिनियम को लाने में समुदाय के विशेष योगदान को भी रेखांकित किया। श्री मोदी ने कहा कि जब वक्फ संशोधन अधिनियम लाने की दिशा में काम शुरू हुआ, तो सबसे पहले जिन लोगों से उन्होंने इस बारे में चर्चा की, उनमें से एक सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन थे, जिन्होंने अधिनियम की विभिन्न बारीकियों के बारे में विस्तृत सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।