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राज्य में लगभग 5 करोड़ लोगों को पीएमजीकेएवाई का लाभ मिल रहा है
बाढ़ और बारिश की कठिन परिस्थिति में भारत सरकार और पूरा देश मध्यप्रदेश के साथ खड़ा है: प्रधानमंत्री
कोरोना संकट से निपटने की रणनीति के अंतर्गत भारत ने गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: प्रधानमंत्री
80 करोड़ से अधिक नागरिकों को न केवल मुफ्त राशन मिल रहा है, बल्कि 8 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर भी मिला है
20 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन खातों में सीधे 30 हजार करोड़ रुपये भेजे गए
मजदूरों और किसानों के खातों में हजारों करोड़ रुपए भेजे गए, एक दिन के बाद अगली क़िस्त जारी की जाएगी
'डबल-इंजन सरकारों' में, राज्य सरकारें; केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरक बनते हुए उनमें और सुधार करती हैं और उनकी शक्ति में वृद्धि करती है: प्रधानमंत्री
श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश बहुत पहले ही बीमारू राज्य की छवि से आगे निकल चुका है: प्रधानमंत्री
पहले कभी कोई सुविधा नहीं दी जाती थी, सिर्फ झूठी सहानुभूति; जमीन से उठने वाले लोगों की कार्यशैली अलग है, हमने इन मुश्किलों का सामना किया है: प्रधानमंत्री
हाल के वर्षों में गरीबों को मजबूत और सशक्त बनाने के लिए वास्तविक और सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं: प्रधानमंत्री
आने वाले त्योहारों के दौरान कुछ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद खरीदें और कोरोना सावधानियों को न भूलें: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के लाभार्थियों से बातचीत की। योजना के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई पात्र व्यक्ति छूट ना जाये। राज्य 7 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना दिवस के रूप में मना रहा है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उपस्थित थे। मध्य प्रदेश में लगभग 5 करोड़ लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में लोगों के जीवन और उनकी आजीविका को प्रभावित करने वाली बारिश और बाढ़ की स्थिति की चर्चा के साथ अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार और पूरा देश मध्य प्रदेश के साथ खड़ा है।

कोरोना महामारी को सदी में एक बार आने वाली आपदा बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश इस चुनौती से लड़ने के लिए एकजुट है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि इस संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पहले दिन से ही गरीबों व श्रमिकों के भोजन और रोजगार की चिंता की गई। न केवल 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क राशन मिल रहा है, बल्कि 8 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को निःशुल्क गैस सिलेंडर भी मिला। 20 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन खातों में सीधे 30 हजार करोड़ रुपये की राशि भेजी गई। इसी प्रकार, श्रमिकों और किसानों के खातों में हजारों करोड़ रुपये की राशि भेजी गई। उन्होंने 9 अगस्त को लगभग 10-11 करोड़ किसान परिवारों के बैंक खातों में हजारों करोड़ रुपये की राशि भेजे जाने के बारे में भी जानकारी दी।

टीके की 50 करोड़ खुराक देने की हाल में प्राप्त उपलब्धि का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल एक सप्ताह में ही दुनिया के कई देशों के बराबर की जनसंख्या का टीकाकरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि "आत्मनिर्भर बनते नए भारत का यह नया सामर्थ्य है।" उन्होंने कहा कि यह टीका सुरक्षित और प्रभावी दोनों है। प्रधानमंत्री ने टीकाकरण में और तेजी लाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आजीविका पर दुनिया भर में आए इस संकट काल में भारत में कम से कम नुकसान हो। लघु और सूक्ष्म उद्योगों को लाखों करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई ताकि वे निरंतर कार्य करते रहें और हितधारकों के लिए आजीविका सुनिश्चित होती रहें। वन नेशन वन राशन कार्ड, उचित किराया योजना, प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना के माध्यम से किफायती और आसान ऋण, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसी पहलों ने श्रमिक वर्ग की व्यापक स्तर पर मदद की है।

राज्य में डबल इंजन सरकार के लाभों के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड एमएसपी खरीद के लिए राज्य सरकार की सराहना की। मध्य प्रदेश ने इस वर्ष 17 लाख से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा और 25 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए गए हैं। प्रदेश में इस वर्ष सर्वाधिक गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। 'डबल-इंजन सरकारों' में, राज्य सरकारें केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरक बनते हुए उनमें और सुधार करती हैं और उनकी शक्ति में वृद्धि करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश बहुत पहले ही बीमारू राज्य की छवि से आगे निकल चुका है।

वर्तमान शासन के तहत सरकारी योजनाओं में तेजी से वितरण के बारे में विचार व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने पूर्व की सरकारी प्रणालियों की खामियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे गरीबों के बारे में सवाल भी स्वयं ही पूछते थे और लाभार्थियों को ध्यान में रखे बिना स्वयं ही इसका उत्तर भी देते थे। उनकी यह सोच थी कि गरीब लोगों के लिए बैंक खाते, सड़क, गैस कनेक्शन, शौचालय, पाइप पानी, ऋण जैसी सुविधाओं का कोई उपयोग नहीं है। उनके झूठे पाखंड ने गरीबों को बहुत लंबे समय तक इन सुविधाओं से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब लोगों की तरह वर्तमान नेतृत्व भी कठिन परिस्थितियों से गुजरा है और उसने भी इस स्थिति को समझा। हाल के वर्षों में, गरीबों को मजबूत और सशक्त बनाने के लिए वास्तविक और सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। आज हर गांव में सड़कें पहुंच रही हैं, रोजगार के नए अवसर सामने आ रहे हैं, किसानों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान हो गई है और गरीब बीमारी की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंच पा रहे हैं।

 

आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि 1905 में 7 अगस्त को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की गयी थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश में ग्रामीण, गरीब और आदिवासी वर्गों को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चल रहा है और ये अभियान हमारे हस्तशिल्प, हथकरघे और कपड़े की हमारी कारीगरी को प्रोत्साहन देने का है। ये अभियान लोकल के प्रति वोकल होने का है। उन्होंने कहा कि ये अभियान लोकल के प्रति वोकल होने का है और इसी भावना के साथ आज देश राष्ट्रीय हथकरघा दिवस- मना रहा है। खादी का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस खादी को कभी भुला दिया गया था, वह आज एक नया ब्रांड बन चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब जब हम आजादी के 100वें वर्ष के सफर पर निकल रहे हैं हैं, तो आजादी के लिए खादी की उस भावना को हमें और मजबूत करना होगा। उन्होंने लोगों से आगामी त्योहारों के दौरान कुछ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने का भी आह्वान किया।

अपने संबोधन के समापन पर, प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि वे त्योहारों के उत्साह के दौरान कोरोना को न भूलें। उन्होंने इस महामारी की तीसरी लहर को रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोगों से कड़ाई के साथ सुरक्षा के सभी उपायों का पालन करने को कहा। श्री मोदी ने कहा कि "उन्हें स्वस्थ भारत और समृद्ध भारत का संकल्प लेना होगा"।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में गुजरात और उत्तर प्रदेश के पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों के साथ भी बातचीत की थी।

 

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PM condoles passing away of noted stock investor Rakesh Jhunjhunwala
August 14, 2022
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has expressed deep grief over the passing away of noted stock investor Rakesh Jhunjhunwala.

In a tweet, the Prime Minister said;

"Rakesh Jhunjhunwala was indomitable. Full of life, witty and insightful, he leaves behind an indelible contribution to the financial world. He was also very passionate about India’s progress. His passing away is saddening. My condolences to his family and admirers. Om Shanti."