मुंबई उपनगरीय रेलवे की दो रेलगाड़ियों को झंडी दिखाकर रवाना किया
प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की, जिनकी जन्म जयंती कल है
"ये नई रेल लाइनें, कभी ना थमने वाली मुंबई शहर के निवासियों के लिए जीवन को आसान बनाएंगी"
"अब प्रयास है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी मुंबई का सामर्थ्य कई गुणा बढ़े"
"मुंबई में 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं"
"कोरोना महामारी भी भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को नहीं हिला सकी"
"अतीत में, गरीब और मध्यम वर्ग के उपयोग के लिए संसाधनों में अपर्याप्त निवेश के कारण, देश के सार्वजनिक परिवहन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है”
लगभग 620 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, अतिरिक्त रेल लाइनें उपनगरीय रेलगाड़ियों के यातायात के साथ लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के यातायात की बाधा को काफी हद तक दूर कर देंगी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेलवे लाइनों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने मुंबई उपनगरीय रेलवे की दो ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, केंद्रीय रेल मंत्री भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के साथ की, जिनकी जन्म जयंती कल है। प्रधानमंत्री ने शिवाजी महाराज को भारत का गौरव, पहचान और भारत की संस्कृति का रक्षक बताया।

ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली पांचवीं और छठी रेल लाइन पर मुंबई वासियों को बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ये नई रेल लाइन, मुंबई की कभी ना थमने वाली जिंदगी को और अधिक रफ्तार देगी, मुंबई वासियों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाएगी, उनकी इज ऑफ लिविंग बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री ने दोनों रेल लाइनों के चार प्रत्यक्ष लाभों के बारे में चर्चा की। सबसे पहले, लोकल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के लिए अलग लाइन; दूसरे, अन्य राज्यों से आने वाली रेलगाड़ियों को लोकल रेलगाड़ियों के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा; तीसरा, कल्याण से कुर्ला सेक्शन में मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को बिना किसी रुकावट के चलाया जा सकता है और अंत में, कलवा मुंब्रा के यात्रियों को हर रविवार को रुकावट के कारण परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज से सेंट्रल रेलवे लाइन पर 36 नई लोकल चलने जा रही हैं। इनमें से भी अधिकतर वातानुकूलित ट्रेनें हैं। ये लोकल की सुविधा को विस्तार देने, लोकल को आधुनिक बनाने के केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

स्वतंत्र भारत की प्रगति में मुंबई महानगर के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई महानगर ने आज़ाद भारत की प्रगति में अपना अहम योगदान दिया है। अब प्रयास है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी मुंबई का सामर्थ्य कई गुणा बढ़े। प्रधानमंत्री ने कहा, “इसलिए मुंबई में 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर हमारा विशेष फोकस है।” मुंबई में रेल संपर्क में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है क्योंकि मुंबई उपनगरीय रेल प्रणाली को नवीनतम तकनीक से लैस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मुंबई उपनगर में अतिरिक्त 400 किलोमीटर जोड़ने के प्रयास जारी हैं और आधुनिक सीबीटीसी सिग्नल सिस्टम जैसी सुविधाओं के साथ 19 स्टेशनों को आधुनिक बनाने की योजना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल आज देश की आवश्यकता है और यह मुंबई की पहचान को सपनों के शहर के रूप में और मजबूत करेगा। हमारी प्राथमिकता इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करना है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी भी भारतीय रेल को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को हिला नहीं सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान रेलवे ने माल ढुलाई में नए रिकॉर्ड बनाए। इस अवधि में 8 हजार किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया और 4.5 हजार किलोमीटर लाइन को दोगुना किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसान रेल के माध्यम से किसान देश भर के बाजारों से जुड़े थे।

 

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने के संबंध में न्यू इंडिया के बदले हुए दृष्टिकोण के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सालों-साल तक इसलिए चलते थे क्योंकि प्लानिंग से लेकर एग्जीक्यूशन तक तालमेल की कमी थी। इस अप्रोच से 21वीं सदी में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण संभव नहीं हो पाया। इसलिए हमने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टरप्लान बनाया है। यह योजना केंद्र सरकार के हर विभाग, राज्य सरकार के स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र को एक मंच पर लाएगी। इससे सभी हितधारकों को समुचित योजना तथा समन्वय के लिए पहले से ही प्रासंगिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

श्री मोदी ने उस विचार प्रक्रिया पर अफसोस जताते हुए कहा, “बरसों से हमारे यहां एक सोच हावी रही कि जो साधन-संसाधन गरीब इस्तेमाल करता है, मिडिल क्लास इस्तेमाल करता है, उस पर निवेश नहीं करो। इस वजह से भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की चमक हमेशा फीकी ही रही। लेकिन अब भारत उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है।”

 

प्रधानमंत्री ने उन उपायों के बारे में बताया जो भारतीय रेल को नया चेहरा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधीनगर और भोपाल के आधुनिक रेलवे स्टेशन रेलवे की पहचान बन रहे हैं। आज 6000 से ज्यादा रेलवे स्टेशन वाईफाई सुविधा से जुड़ चुके हैं। वंदे भारत ट्रेनें देश की रेल को गति और आधुनिक सुविधा दे रही है। आने वाले वर्षों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें देशवासियों को सेवा देना शुरू करेंगी।

कल्याण मध्य रेलवे का मुख्य जंक्शन है। देश के उत्तरी और दक्षिणी भाग से आने वाला यातायात कल्याण में एक साथ हो जाता है और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटीएम) की ओर जाता है। कल्याण और सीएसटीएम के बीच चार पटरियों में से दो ट्रैक धीमी लोकल ट्रेनों के लिए और दो ट्रैक फास्ट लोकल, मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के लिए इस्तेमाल किए गए थे। उपनगरीय और लंबी दूरी की रेलगाड़ियों को अलग करने के लिए दो अतिरिक्त रेलवे लाइनों की योजना बनाई गई थी।

ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेल लाइनें लगभग 620 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं और इसमें 1.4 किमी लंबा रेल फ्लाईओवर, 3 प्रमुख पुल, 21 छोटे पुल शामिल हैं। ये लाइनें मुंबई में उपनगरीय रेलगाड़ियों के यातायात के साथ लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के यातायात में रुकावट को काफी हद तक दूर कर देंगी। इन लाइनों से शहर में 36 नई उपनगरीय रेलगाड़ियां भी चलाई जा सकेंगी।

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नमस्कार !

गत् सप्ताह, बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ, और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा, और बजट प्रावधानों के Implementation को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए, सबकी सक्रिय भागीदारी का मैं स्वागत करता हूं और आज इस सीरीज के दूसरे वेबिनार का आयोजन हो रहा है। और मुझे बताया गया कि आज हजारों की तादाद में, ढेर सारे विषयों पर अनगिनत लोग अपने सुझाव देने वाले हैं। विषय के जो एक्सपर्ट्स हैं, वे भी हमसे जुड़ने वाले हैं। इतनी बड़ी तादाद में बजट पर चर्चा, ये अपने आप में एक बहुत सफल प्रयोग है। आप सब समय निकाल करके इस वेबिनार में जुड़े। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं, आपका स्वागत करता हूं। इस वेबिनार की थीम देश की Economic Growth को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी हुई है। आज जब भारत अपनी मजबूत economy से पूरे विश्व की उम्मीद बना हुआ है, आज जब ग्लोबल सप्लाई चैन re-shape हो रही है, तब अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति विकसित भारत का भी बहुत बड़ा आधार है। हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, Build more, produce more, connect more और अब जरूरत है Export more, और निश्चित तौर पर इसमें आज आपके बीच जो मंथन होगा, इस मंथन से जो सुझाव निकलेंगे, उनकी बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

आप सब जानते हैं, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, हमारे MSME's, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, इतना ही नहीं, हमारे छोटे-बड़े शहर, ये अर्थव्यवस्था के पिलर्स के तौर पर दिखने में तो अलग-अलग लगते हैं, लेकिन वे सभी interconnected हैं। जैसे, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नए अवसर तैयार करती है, और इससे निर्यात में बढ़ोतरी होती है। Competitive MSMEs से flexibility और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। बेहतर लॉजिस्टिक्स से लागत कम होती है। Well-planned शहर investment और talent दोनों को अपनी ओर खींचते हैं। इन सभी पिलर्स को इस साल के बजट ने बहुत मजबूती दी है।

लेकिन साथियों,

कोई भी दिशा अपने आप परिणाम नहीं बन जाती, जमीन पर बदलाव तब आता है, जब industry, financial institutions, राज्य सरकारें, मिलकर उसे वास्तविकता बनाते हैं। मेरी अपेक्षा है, इस वेबिनार में आप सभी अपने मंथन में कुछ विषयों को जरूर प्राथमिकता दें, जैसे मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉडक्शन, ये कैसे बढ़े, Cost structure को कैसे कंपटीटिव बनाया जा सकता है, निवेश का प्रवाह कैसे तेज हो, और विकास कैसे देश के कोने-कोने तक पहुंचे। इस दिशा में आपके सुझाव बहुत अहम साबित होंगे।

साथियों,

मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आज देश कोर इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। और इस मार्ग में जो चुनौतियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है। Dedicated Rare Earth Corridors, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, ऐसे सेक्टर्स पर फोकस करके हम अपने ट्रेड इकोसिस्टम को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति मिशन की घोषणा भी की गई है। इस मिशन का उद्देश्य है, भारत को biologics और next-generation थेरेपीज के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाना। हम Advanced Biopharma Research और मैन्युफैक्चरिंग में लीडरशिप की ओर बढ़ना चाहते हैं।

साथियों,

आज दुनिया विश्वसनीय और resilient manufacturing partners की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए। इसके लिए आप सभी स्टेकहोल्डर्स को बहुत आत्मविश्वास के साथ निवेश करना होगा, नई टेक्नोलॉजी अपनानी होगी और रिसर्च में जो कंजूसी करते हैं ना, वो जमाना चला गया, अब हमें रिसर्च में बड़ा इनवेस्टमेंट करना होगा, और ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप क्वालिटी भी सुनिश्चित करनी होगी, और मैं बार-बार कहता हूं कि अब हमें आगे बढ़ने के जब अवसर आए हैं, तो हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए, क्वालिटी-क्वालिटी-क्वालिटी।

साथियों,

भारत ने बहुत सारे देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। हमारे लिए अवसरों का, यानि अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम क्वालिटी पर कभी भी समझौता ना करें, अगर किसी एक चीज पर सबसे ज्यादा ताकत, बुद्धि, शक्ति, समझ लगानी है, तो हमें क्वालिटी पर बहुत ज्यादा जोर देना चाहिए। हमारे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड, इतना ही नहीं, उससे भी बेहतर हो। और इसके लिए हमें दूसरे देशों की जरूरतों को, वहां के लोगों की अपेक्षाओं को भी, उसका अध्ययन करना पड़ेगा, रिसर्च करनी पड़ेगी, उसे समझना होगा। हमें दूसरे देशों के लोगों की पसंद और उनके कंफर्ट को स्टडी करना, ये सबसे बड़ी आवश्यकता है, और रिसर्च करनी चाहिए। मान लीजिए कोई छोटा पुर्जा मांगता है, और वो बहुत बड़ा जहाज बना रहा है, लेकिन हम पुर्जे में चलो भेज दो, क्या है? तो कौन लेगा आपका पुर्जा? भले आपके लिए वह छोटा पुर्जा है, लेकिन उसकी एक बहुत बड़ी जो मैन्युफैक्चरिंग की यूनिट है, उसमें बहुत बड़ा महत्व रखता है। और इसलिए आज दुनिया में हमारे लिए क्वालिटी ही इस कंपिटिटिव वर्ल्ड के अंदर सुनहरा अवसर बना देती है। हमें उनके हिसाब से यूजर फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाने होंगे। तभी हम उन अवसरों का लाभ उठा पाएंगे, और जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तैयार हो चुका है, अब ये विकास का महामार्ग आपके लिए तैयार है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस वेबिनार में इस विषय पर फोकस करते हुए भी आप सब जरूर चर्चा करेंगे।

साथियों,

हमने MSME classification में जो Reforms किए, उसका व्यापक प्रभाव दिख रहा है। इससे enterprises का ये डर खत्म हुआ है कि वो अपना विस्तार करेंगे, तो उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले फायदे बंद हो जाएंगे। क्रेडिट तक MSME's की आसान पहुंच बनाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने और कपैसिटी बिल्डिंग की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं।

लेकिन साथियों,

इन प्रयासों का असर तभी दिखाई देगा, जब MSMEs ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन में उतरेंगे, और विजयी होने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे। अब समय है कि MSMEs अपनी प्रोडक्टिविटी और बढ़ाएं, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को ऊंचा करें, डिजिटल प्रोसेस और मजबूत वैल्यू चैन से जुड़ें। इस दिशा में, इस वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स हमारी growth strategy के कोर पिलर्स हैं। इस वर्ष के बजट में रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रस्ताव है। High-capacity transport systems का निर्माण, रेलवे, हाइवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, वाटरवे के बीच बेहतर तालमेल, अलग-अलग फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का विस्तार, ये सभी कदम खर्च कम करने और efficiency improve करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, नए वाटरवेज, शिप रिपेयर फैसिलिटी और Regional Centres of Excellence हमारे लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकास के ग्रोथ कनेक्टर बनने वाले हैं। लेकिन आप भी जानते हैं, इस इंफ्रास्ट्रक्चर का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उद्योग और निवेशक अपनी रणनीतियों को इस विजन के अनुरूप में ढालेंगे। ये रणनीतियां क्या होगी, इस पर भी आपको विस्तार से चर्चा करनी चाहिए, और मुझे पूरा विश्वास है कि आप जरूर इन बातों पर ध्यान देंगे।

साथियों,

भारत की विकास यात्रा में अर्बनाइजेशन, शहरीकरण का भी बहुत अहम रोल है। भारत की future growth इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपने शहरों को कितना effectively plan और manage करते हैं। हमारे Tier-II और Tier-III शहर, नए growth anchors कैसे बनें, इसके लिए भी इस बजट वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन चल रहा है। बाजार अब केवल लागत नहीं देखते हैं, वे sustainability भी देखते हैं। इस दिशा में Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission एक महत्वपूर्ण पहल है। अब sustainability उसको आपको core business strategy का हिस्सा बनाना ही होगा। जो उद्योग समय रहते क्लीन टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए-नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बना पाएंगे। इस साल बजट ने नई दिशा दी है। मेरा आग्रह है कि उद्योग, निवेशक और विभिन्न संस्थान मिलकर इस पर आगे बढ़ें।

साथियों,

विकसित भारत का लक्ष्य collective ownership से ही हासिल किया जा सकता है। ये बजट वेबिनार भी सिर्फ discussion का प्लेटफॉर्म ना बने, सिर्फ अपने ज्ञान को हम बटोरते रहे, ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें collective ownership दिखे, ये बहुत जरूरी है। बजट ने framework दिया है, अब आपको मिलकर momentum पैदा करना है। आपको हमारे प्रयासों में सहभागी बनना है। आपका हर सुझाव, हर अनुभव जमीन पर बेहतरीन नतीजें लाने की क्षमता रखता है। आपके सुझाव देश की प्रगति में माइलस्टोन बनें, इसी विश्वास के साथ आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार !