मुंबई मेट्रो लाइन 3 फेज - 1 के आरे जेवीएलआर से बीकेसी खंड का उद्घाटन किया
ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना और एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला रखी
नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (नैना) परियोजना की आधारशिला रखी
ठाणे नगर निगम की आधारशिला रखी
भारत की प्रगति में महाराष्ट्र की अहम भूमिका अदा करता है, राज्य के विकास को गति देने के लिए, ठाणे से कई परिवर्तनकारी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का हर निर्णय, संकल्प और पहल विकसित भारत के लक्ष्य के लिए समर्पित है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देने पर मुख्य ध्यान देने के लिए आज महाराष्ट्र के ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि केंद्र सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है और इस बात पर जोर दिया कि यह केवल महाराष्ट्र और मराठी भाषा के प्रति सम्मान नहीं है, बल्कि उस परंपरा का सम्मान है जिसने भारत को ज्ञान, दर्शन, अध्यात्म और साहित्य की समृद्ध संस्कृति दी है। अध्यात्म और साहित्य. श्री मोदी ने दुनिया भर के सभी मराठी भाषियों को बधाई दी।

नवरात्रि के अवसर पर कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री ने आज पहले वाशिम के दौरे का उल्लेख किया, जहां उन्होंने देश के 9.5 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि वितरित की और कई विकास परियोजनाएं शुरू कीं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के आधुनिक विकास की दिशा में ठाणे में नए मील के पत्थर हासिल किए जा रहे हैं और इस बात पर प्रकाश डाला कि आज का कार्यक्रम राज्य के उज्ज्वल भविष्य की झलक देता है। श्री मोदी ने जानकारी दी कि आज 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की मुंबई एमएमआर परियोजनाएं शुरू की गई हैं और आज 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखी गई है। प्रधानमंत्री ने आज की विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मुंबई और ठाणे को नई पहचान मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि मुंबई के आरे से बीकेसी के लिए एक्वा लाइन मेट्रो भी आज से शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई के लोग बहुत समय से इस मेट्रो लाइन का इंतजार कर रहे थे। श्री मोदी ने एक्वा मेट्रो लाइन के समर्थन के लिए विशेष रूप से जापान सरकार और जापानी इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जेआईसीए) को धन्यवाद दिया। इस पर उन्होंने कहा, ''यह मेट्रो लाइन भारत-जापान मित्रता का भी प्रतीक है''।

श्री मोदी ने टिप्पणी की कि श्री बाला साहेब ठाकरे का ठाणे के प्रति विशेष स्नेह था। उन्होंने कहा कि ठाणे स्वर्गीय श्री आनंद दिघे का भी शहर है। श्री मोदी ने कहा, "ठाणे ने भारत को पहली महिला डॉक्टर डॉ. आनंदी भाई जोशी दीं"। उन्होंने जोड़ा कि आज विकास कार्यों से हम इन सभी दूरदर्शी लोगों के सपनों को पूरा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज शुरू हुए विकास कार्यों के लिए ठाणे, मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों को बधाई दी।

श्री मोदी ने कहा, "आज हर भारतीय का उद्देश्य विकसित भारत है"। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का हर निर्णय, संकल्प और सपना विकसित भारत के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, मुंबई, ठाणे आदि शहरों को भविष्य के लिए तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने जोड़ा कि सरकार को विकास का ध्यान रखने के साथ-साथ अपने प्रयासों को भी दोगुना करना पड़ा क्योंकि उसे पिछली सरकारों की कमियों का प्रबंधन भी करना पड़ा। पिछली सरकारों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि मुंबई में बढ़ती आबादी और बढ़ती यातायात सघनता के बावजूद समस्याओं को सुलझाने के लिए कोई समाधान नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते मुद्दों के चलते भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई के ठप होने की आशंकाएं थीं। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान सरकार ने मुद्दों को हल करने का प्रयास किया है और आज 300 किलोमीटर के मेट्रो नेटवर्क का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड की वजह से मरीन ड्राइव से बांद्रा तक यात्रा करने में लगने वाला समय घटकर 12 मिनट हो गया है, जबकि अटल सेतु ने उत्तर और दक्षिण मुंबई के बीच की दूरी कम कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव भूमिगत सुरंग परियोजना ने भी तेजी पकड़ ली है। वर्सोवा से बांद्रा समुद्री ब्रिज प्रोजेक्ट, ईस्टर्न फ्री-वे, ठाणे-बोरीवली टनल, ठाणे सर्कुलर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट जैसी शहर की विभिन्न परियोजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकासात्मक परियोजनाएं मुंबई और इसके नजदीकी शहरों की समस्याओं को कम करके मुंबई का चेहरा बदल रही हैं और इससे लोगों को काफी फायदा होगा। उन्होंने जोड़ा कि इन परियोजनाओं से उद्योगों के विकास के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्तमान राज्य सरकार महाराष्ट्र के विकास को अपना एकमात्र उद्देश्य मानती है। उन्होंने पिछली सरकारों के ढुलमुल रवैये पर भी अफसोस जताया, जिसकी वजह से मुंबई मेट्रो में 2.5 साल की देरी हुई, जिससे 14,000 करोड़ रुपये की लागत बढ़ गई। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह पैसा महाराष्ट्र के मेहनती करदाताओं का है"।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का सबूत है कि वे विकास विरोधी हैं और उन्होंने अटल सेतु के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को बंद करने की साजिश और सूखे क्षेत्रों में पानी से संबंधित परियोजनाओं को रोकने के उदाहरण दिए। प्रधानमंत्री ने अतीत से सबक सीखने का सुझाव दिया और तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त लोगों के प्रति आगाह किया।

संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश और महाराष्ट्र के लिए ईमानदार और स्थिर नीतियों वाली सरकार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान सरकार ने न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है बल्कि सामाजिक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया है। "हमने हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे और हवाई अड्डों के विकास में भी कीर्तिमान स्थापित किया है और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। हमें अभी भी देश को बहुत आगे लेकर जाना है", प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का प्रत्येक नागरिक इस संकल्प के साथ खड़ा है।

महाराष्ट्र के राज्यपाल, श्री सी पी राधाकृष्णन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, श्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री देवेन्द्र फड़णवीस और श्री अजीत पवार,

ष्ठभूमि

क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को तेजी देने के लिए एक बड़े प्रयास के तौर पर, प्रधानमंत्री ने प्रमुख मेट्रो और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास। प्रधानमंत्री ने लगभग 14,120 करोड़ रुपये की लागत वाली मुंबई मेट्रो लाइन - 3 के बीकेसी से आरे जेवीएलआर सेक्शन का उद्घाटन किया। इस सेक्शन में 10 स्टेशन होंगे, जिनमें से 9 भूमिगत होंगे। मुंबई मेट्रो लाइन - 3 एक प्रमुख सार्वजनिक परिवहन परियोजना है जो मुंबई शहर और उपनगरों के बीच आवागमन को सुधारेगी। पूरी तरह से चालू लाइन-3 से प्रतिदिन लगभग 12 लाख यात्रियों को सेवा मिलने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री ने करीब 12,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखी. परियोजना की कुल लंबाई 29 किलोमीटर है जिसमें 20 एलिवेटेड और 2 भूमिगत स्टेशन हैं। यह महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना महाराष्ट्र के एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र, ठाणे में बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रति एक महत्वपूर्ण पहल है।

प्रधानमंत्री ने छेड़ा नगर से आनंद नगर, ठाणे तक लगभग 3,310 करोड़ रुपये की लागत वाले एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला भी रखी। यह परियोजना दक्षिण मुंबई से ठाणे तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने लगभग 2,550 करोड़ रुपये की नवी मुंबई हवाईअड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (नैना) परियोजना के चरण -1 की आधारशिला रखी। इस परियोजना में बड़ी प्रमुख सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों, अंडरपासों और इस्तेमाल योग्य एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शामिल है।

प्रधानमंत्री ने करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ठाणे नगर निगम की आधारशिला भी रखी। ठाणे नगर निगम की ऊंची प्रशासनिक इमारत एक ही जगह अधिकांश नगर निगम कार्यालयों को समायोजित करके ठाणे के नागरिकों को लाभ प्रदान करेगी।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
UPI — an eventful journey

Media Coverage

UPI — an eventful journey
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम ने 53वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
August 25, 2026
प्रधानमंत्री कार्यालयपीएम ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की छह अहम ढ़ांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा किए गए प्रोजेक्ट्स 9 राज्यों में फैले हैं और इनमें कुल ₹30,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया गया है
पीएम ने कहा, ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के बजाय एकीकृत प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए
पीएम ने परियोजनाओं को लागू करने के सभी चरणों में लगातार सुधार और मंत्रालयों तथा राज्यों में सक्रियता से काम करने की संस्कृति पर ज़ोर दिया
पीएम ने कहा, रफ्तार के साथ-साथ गुणवत्ता भी ज़रूरी है
एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, पीएम ने कृषि डेटा से ज़्यादा फायदा उठाने के लिए एआई समेत नवीन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
साइबर फ्रॉड और 'डिजिटल अरेस्ट' के मामले में, पीएम ने प्रशिक्षण, जन-जागरूकता, साइबर-सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की आज सेवा तीर्थ में अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। संपर्क को मजबूत करने, औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते वक्त समय-सीमा का पालन, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और काम को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ढ़ांचागत परियोजनाओं में देरी से सिर्फ़ लागत ही नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ढ़ांचागत परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों, टुकड़ों या पैकेजों के बजाय एक एकीकृत इकाई के तौर पर देखा और उनकी निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पैकेजों में हो रही प्रगति का नतीजा आखिर में संपूर्ण परियोजना के वक्त पर पूरा होने और उसके चालू होने के रूप में निकलना चाहिए। इसलिए मंत्रालयों और राज्यों से कहा गया कि वे काम को शुरू से लेकर अंत तक पूरा करने का नज़रिया अपनाएं और उन अहम कमियों को दूर करें, जिनसे पूरे प्रोजेक्ट के चालू होने और फ़ायदे मिलने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और परियोजनाओं को लागू करने के हर स्तर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बड़े परिवहन और ढ़ांचागत परियोजनाओं की योजना बनाते समय, जहाँ भी संभव हो, ढ़ांचागत सेवाओं के लिए कॉमन यूटिलिटी कॉरिडोर की संभावना तलाशने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालयों और राज्यों से कहा कि वे योजना बनाने के चरण में ही ऐसी एकीकृत कार्यप्रणालियों पर विचार करें और उनकी तकनीकी व आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काम को तेज़ी से पूरा करने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और काम को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और हर चरण पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने व निगरानी को मज़बूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए एआई जैसी नई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इनपुट प्लानिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक, पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में डेटा इकोसिस्टम का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर जानकारी के आधार पर कदम उठाए जा सकें, सही लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके और डेटा के आधार पर फ़ैसले लिए जा सकें। उन्होंने एग्रीस्टैक व्यवस्था बनाने में राज्यों और केंद्र सरकार की कोशिशों की तारीफ की और किसानों के लिए बेहतर नतीजे पाने के लिए इसके इस्तेमाल को और मज़बूत करने का आह्वान किया।

साइबर धोखाधड़ी के मामलों, जिनमें डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी शामिल हैं, की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे मामलों की रोकथाम को मज़बूत किया जाना चाहिए। उन्होंने लगातार और खास तौर पर बुज़ुर्गों, युवाओं और कमज़ोर वर्गों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें धोखाधड़ी के आम तरीकों, चेतावनी के संकेतों और सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। उन्होंने इससे जुड़े कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग की भी बात कही, ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की पहचान की जा सके और उन पर तेज़ी से कार्रवाई की जा सके।