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प्रधानमंत्री ने सिम्बायोसिस आरोग्य धाम का उद्घाटन किया
"ज्ञान का व्यापक प्रसार हो, ज्ञान पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में जोड़ने का माध्यम बने, यही हमारी संस्कृति रही है; मुझे खुशी है कि यह परंपरा हमारे देश में आज भी जीवंत है"
"स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे मिशन आपकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं; आज का भारत नवाचार कर रहा है, उन्नति कर रहा है और पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है"
"आपकी पीढ़ी इस मायने में भाग्यशाली है कि इसे पहले के रक्षात्मक और आश्रित मनोविज्ञान के हानिकारक प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ा है; इसका श्रेय आप सभी को जाता है, हमारे युवाओं को जाता है"
“देश की सरकार को आज देश के युवाओं की ताकत पर भरोसा है; इसलिए हम आपके लिए एक के बाद एक सेक्टर खोल रहे हैं"
"यह भारत का बढ़ता प्रभाव है कि हम हजारों छात्रों को यूक्रेन से अपने वतन वापस लाए हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय, पुणे के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने सिम्बायोसिस आरोग्य धाम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सिम्बायोसिस के छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को बधाई देते हुए संस्थान के आदर्श वाक्य 'वसुधैव कुटुम्बकम' का उल्लेख किया और कहा कि अलग-अलग देशों के छात्रों के रूप में यह आधुनिक संस्थान भारत की प्राचीन परंपरा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा, "ज्ञान का व्यापक प्रसार हो, ज्ञान पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में जोड़ने का माध्यम बने, यही हमारी संस्कृति रही है। मुझे खुशी है कि यह परंपरा हमारे देश में आज भी जीवंत है।”

प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया के आत्म-विश्वास पर ज़ोर दिया और बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है तथा दुनिया का तीसरा सबसे बड़े स्टार्ट- अप इकोसिस्टम आज हमारे देश में है। उन्होंने कहा, "स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे मिशन आपकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आज का भारत नवाचार कर रहा है, उन्नति कर रहा है और पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे में रहने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि कोरोना टीकाकरण को लेकर भारत ने कैसे दुनिया को अपना सामर्थ्य दिखाया है।

प्रधानमंत्री ने भारत के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत यूक्रेन संकट के दौरान ऑपरेशन गंगा के माध्यम से अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित रूप से निकाल रहा है। उन्होंने कहा, “दुनिया के बड़े देशों को ऐसा करना मुश्किल हो रहा है, लेकिन, यह भारत का बढ़ता प्रभाव है कि हम हजारों छात्रों को अपने वतन वापस लाए हैं।"

प्रधानमंत्री ने देश के बदले मिजाज को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "आपकी पीढ़ी इस मायने में भाग्यशाली है कि इसे पहले के रक्षात्मक और आश्रित मनोविज्ञान के हानिकारक प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ा है। अगर देश में यह बदलाव आया है तो इसका सबसे पहला श्रेय आप सभी को जाता है, हमारे युवाओं को जाता है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन क्षेत्रों में भी वैश्विक नेता के रूप में उभरा है जिन्हें पहले इसकी पहुंच से बाहर माना जाता था। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया है। उन्होंने बताया कि सात साल पहले भारत में केवल 2 मोबाइल निर्माण कंपनियां थीं लेकिन, आज 200 से अधिक विनिर्माण इकाइयां इस काम में लगी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत, जिसे दुनिया के सबसे बड़े आयातक देश के रूप में पहचाना जाता था, अब एक रक्षा निर्यातक बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज दो बड़े रक्षा गलियारे बन रहे हैं, जहां देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए सबसे बड़े आधुनिक हथियार बनाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने छात्रों से विभिन्न क्षेत्रों के खुलने का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। भू-स्थानिक प्रणाली, ड्रोन, सेमी कंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हाल के सुधारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "देश की मौजूदा सरकार आज देश के युवाओं की ताकत पर भरोसा करती है। यही वजह है कि हम आपके लिए एक के बाद एक सेक्टर खोल रहे हैं।"

श्री मोदी ने छात्रों से अनुरोध करते हुए कहा कि आप चाहे जिस भी क्षेत्र में हों, जिस तरह से अपने करियर के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं, उसी तरह देश के लिए भी आपके कुछ लक्ष्य होने चाहिए। उन्होंने छात्रों से स्थानीय समस्याओं का समाधान निकालने को कहा। उन्होंने छात्रों से फिटनेस बनाए रखने और खुश तथा उत्साही बने रहने के लिए कहा। श्री मोदी ने कहा, "जब हमारे लक्ष्य व्यक्तिगत विकास से राष्ट्रीय विकास की ओर उन्मुख होते हैं, तो राष्ट्र निर्माण में भागीदार होने की भावना हावी हो जाती है।"

 

प्रधानमंत्री ने छात्रों को हर साल काम करने के लिए खास विषय का चयन करने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि इन विषयों का चयन राष्ट्रीय और वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनके नतीजे और विचार प्रधानमंत्री कार्यालय से भी साझा किए जा सकते हैं।

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प्रधानमंत्री 5 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश का दौरा करेंगे
October 03, 2022
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प्रधानमंत्री 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री एम्स बिलासपुर का उद्घाटन करेंगे, जिसकी आधारशिला भी उन्होंने रखी थी
प्रधानमंत्री 1,690 करोड़ रुपये से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे
इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
प्रधानमंत्री नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की आधारशिला रखेंगे और बंदला में सरकारी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री कुल्लू दशहरा समारोह में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 5 अक्टूबर, 2022 को हिमाचल प्रदेश का दौरा करेंगे, जहां वे 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब साढ़े 11 बजे एम्स बिलासपुर का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद वे दोपहर करीब 12:45 बजे बिलासपुर के लुहनू मैदान पहुंचेंगे, जहां कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे और एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 3:15 बजे कुल्लू के ढालपुर मैदान पहुंचेंगे, जहां वे कुल्लू दशहरा समारोह में हिस्सा लेंगे।

एम्स बिलासपुर

एम्स बिलासपुर के उद्घाटन के माध्यम से देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण और संकल्प को फिर से प्रदर्शित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2017 में इसका शिलान्यास भी किया था। केंद्रीय क्षेत्र की योजना- प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसे स्थापित किया जा रहा है।

एम्स बिलासपुर, 1,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित है। इस अत्याधुनिक अस्पताल में 18 स्पेशियलिटी और 17 सुपर स्पेशियलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 64 आईसीयू बेड के साथ 750 बेड शामिल है। यह अस्पताल 247 एकड़ में फैला है। यह 24 घंटे आपातकालीन और डायलिसिस सुविधाओं, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों, अमृत फार्मेसी व जन औषधि केंद्र और 30 बिस्तरों वाले आयुष ब्लॉक से सुसज्जित है। अस्पताल ने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया है। साथ ही, काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम जनजातीय और अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अस्पताल द्वारा विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस अस्पताल में हर साल एमबीबीएस कोर्स के लिए 100 छात्रों और नर्सिंग कोर्स के लिए 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।

विकास परियोजनाएं

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-105 पर पिंजौर से नालागढ़ तक करीब 31 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन का बनाने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत करीब 1690 करोड़ रुपये है। यह सड़क परियोजना अंबाला, चंडीगढ़, पंचकूला और सोलन/शिमला से बिलासपुर, मंडी और मनाली की ओर जाने वाले यातायात के लिए एक प्रमुख संपर्क लिंक है। चार लेन के इस राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 18 किमी का हिस्सा हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आता है और शेष भाग हरियाणा में पड़ता है। यह राजमार्ग हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नालागढ़-बद्दी में बेहतर परिवहन सुविधा सुनिश्चित करेगा और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी गति देगा। इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री नालागढ़ में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की आधारशिला रखेंगे। इस मेडिकल डिवाइस पार्क में उद्योग स्थापित करने के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री बंदला में गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का भी उद्घाटन करेंगे। इस पर लगभग 140 करोड़ रुपये का व्यय होगा। इस कॉलेज से पनबिजली परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित कामगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में से एक है। इससे युवाओं के कौशल को बढ़ाने और पनबिजली क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी।

कुल्लू दशहरा

अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव 5 से 11 अक्टूबर, 2022 तक कुल्लू के ढालपुर मैदान में मनाया जाएगा। यह महोत्सव इस मायने में अनूठा है कि इसमें घाटी के 300 से अधिक देवी-देवताओं का समावेश होता है। महोत्सव के पहले दिन, देवता अपनी अच्छी तरह से सुसज्जित पालकियों में अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ जी के मंदिर में अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं और फिर ढालपुर मैदान के लिए आगे बढ़ते हैं। ऐतिहासिक कुल्लू दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री इस दिव्य रथ यात्रा और देवताओं की भव्य सभा के साक्षी बनेंगे। यह पहली बार होगा जब देश के प्रधानमंत्री कुल्लू दशहरा समारोह में भाग लेंगे।