नगरनार में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड का स्टील प्लांट समर्पित किया
जगदलपुर रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य की आधारशिला रखी
छत्तीसगढ़ में कई रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया
तारोकी-रायपुर डेमू ट्रेन सेवा को झंडी दिखाई
"विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का हर राज्य, हर जिला और हर गांव विकसित होगा"
"विकसित भारत के लिए भौतिक, सामाजिक और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भविष्य की जरूरतों के अनुसार होना चाहिए"
"छत्तीसगढ़ एक बड़े इस्पात उत्पादक राज्य के रूप में लाभ प्राप्त कर रहा है"
"बस्तर में बना स्टील हमारी सेना को मजबूत करेगा और रक्षा निर्यात में भी भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी"
"अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 30 से अधिक स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है"
"छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है"
"सरकार छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को अपना समर्थन जारी रखेगी और राज्य देश का भाग्य बदलने में अपनी भूमिका निभाएगा"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में लगभग 27,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और राष्ट्र को समर्पित किया। परियोजनाओं में रेलवे और सड़क क्षेत्र की कई परियोजनाओं के साथ-साथ बस्तर जिले के नगरनार में 23,800 करोड़ रुपये से अधिक के एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के स्टील प्लांट का समर्पण शामिल है। उन्होंने तारोकी-रायपुर डेमू ट्रेन सेवा को भी झंडी दिखाई।

 

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर राज्य, हर जिला और हर गांव विकसित होगा। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने के लिए आज लगभग 27,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को विकास परियोजनाओं के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए भौतिक, सामाजिक और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इस वर्ष का परिव्यय 10 लाख करोड़ रुपये है, जो छह गुना अधिक है।

 

प्रधानमंत्री ने रेल, सड़क, हवाई अड्डे, बिजली परियोजनाओं, परिवहन, गरीबों के लिए घरों और शैक्षणिक और स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों की परियोजनाओं में इस्पात के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने देश को इस्पात उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पिछले 9 वर्षों में अनेक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने आज नगरनार में सबसे आधुनिक इस्पात संयंत्रों में से एक के उद्घाटन के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ एक बड़े इस्पात उत्पादक राज्य के रूप में लाभ प्राप्त कर रहा है।" उन्होंने कहा कि इस प्लांट में उत्पादित स्टील देश के ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊर्जा देगा। श्री मोदी ने कहा, "बस्तर में उत्पादित स्टील रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के साथ-साथ सशस्त्र बलों को मजबूत करेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टील प्लांट बस्तर और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 50,000 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, "नया स्टील प्लांट केंद्र सरकार द्वारा बस्तर जैसे आकांक्षी जिलों के विकास की प्राथमिकता पर नए सिरे से जोर देगा।"

 

कनेक्टिविटी पर केंद्र सरकार के फोकस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में आर्थिक गलियारे और आधुनिक राजमार्गों का जिक्र किया. उन्होंने यह भी बताया कि 2014 की तुलना में छत्तीसगढ़ का रेल बजट लगभग 20 गुना बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों के बाद तारोकी को नई रेलवे लाइन का तोहफा मिल रहा है। एक नई डेमू ट्रेन ने तारोकी को देश के रेलवे मानचित्र पर जोड़ दिया है जिससे राजधानी रायपुर तक यात्रा करना आसान हो जाएगा। जगदलपुर और दंतेवाड़ा के बीच रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना से लॉजिस्टिक लागत कम होगी और यात्रा में आसानी होगी।

 

प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि छत्तीसगढ़ ने रेलवे ट्रैक के 100 फीसदी विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है. राज्य में वंदे भारत ट्रेन भी चल रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 30 से अधिक स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है। जिनमें से 7 स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास पहले ही हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग स्टेशन के साथ, आज जगदलपुर स्टेशन को भी इस सूची में जोड़ा गया है। आने वाले दिनों में जगदलपुर स्टेशन शहर का मुख्य केंद्र बनेगा और यहां यात्री सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में, राज्य के 120 से अधिक स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सुविधा प्रदान की गई है।

 

श्री मोदी ने कहा, "सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।" उन्होंने कहा कि आज की परियोजनाएं विकास की गति को आगे बढ़ाएंगी, रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी और राज्य में नए उद्योगों को प्रोत्साहित करेंगी। संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को अपना समर्थन जारी रखेगी और राज्य देश का भाग्य बदलने में अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस अवसर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने और राज्य के विकास के बारे में विचारशील रहने के लिए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बिश्वभूषण हरिचंदन को धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बिश्वभूषण हरिचंदन और सांसद श्री मोहन मंडावी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

एक ऐसे कदम में जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को एक प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करेगा, प्रधान मंत्री ने बस्तर जिले के नगरनार में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के स्टील प्लांट को राष्ट्र को समर्पित किया। 23,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, स्टील प्लांट एक ग्रीनफील्ड परियोजना है जो उच्च गुणवत्ता वाले स्टील का उत्पादन करेगी। नगरनार में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड का स्टील प्लांट प्लांट के साथ-साथ सहायक और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह बस्तर को दुनिया के इस्पात मानचित्र पर स्थापित करेगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

पूरे देश में रेल बुनियादी ढांचे में सुधार के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, कार्यक्रम के दौरान कई रेल परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया और राष्ट्र को समर्पित की गईं। प्रधानमंत्री ने अंतागढ़ और तारोकी के बीच एक नई रेल लाइन और जगदलपुर और दंतेवाड़ा के बीच एक रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने बोरीडांड-सूरजपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जगदलपुर स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने तारोकी-रायपुर डेमू ट्रेन सेवा को भी झंडी दिखाई। इन रेल परियोजनाओं से राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। बेहतर रेल बुनियादी ढांचे और नई ट्रेन सेवा से स्थानीय लोगों को लाभ होगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।

 

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग - 43 के 'कुनकुरी से छत्तीसगढ़ - झारखंड सीमा खंड' तक एक सड़क उन्नयन परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित की। नई सड़क से सड़क कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा।

 

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।