आज 51 हज़ार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। ऐसे रोज़गार मेलों के माध्यरम से लाखों युवाओं को सरकार में स्थायी नौकरी मिल चुकी है। अब ये युवा राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं: प्रधानमंत्री
दुनिया आज मानती है कि भारत के पास दो असीम शक्तियां हैं, एक है जनसांख्यिकी, दूसरी है लोकतंत्र। दूसरे शब्दों में, सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे बड़ा लोकतंत्र: प्रधानमंत्री
आज देश में बन रहा स्टार्टअप्स, नवाचार और अनुसंधान का वातावरण देश के युवाओं की क्षमताओं को बढ़ा रहा है: प्रधानमंत्री
हाल ही में मंज़ूर की गई नई योजना, रोज़गार से जुड़ी प्रोत्साबहन योजना के साथ सरकार का ध्यान निजी क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर पैदा करने पर भी है: प्रधानमंत्री
आज भारत की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक हमारा निर्माण क्षेत्र है। निर्माण क्षेत्र में बड़ी संख्या में नए रोज़गारों का सृजन हो रहा है: प्रधानमंत्री
निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस साल के बजट में मिशन निर्माण क्षेत्र की घोषणा की गई है: प्रधानमंत्री
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन - आईएलओ की एक रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक दशक में भारत के 90 करोड़ से अधिक नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाया गया है: प्रधानमंत्री
आज विश्व बैंक जैसी प्रमुख वैश्विक संस्थाएं भारत की प्रशंसा कर रही है, भारत को विश्व में सबसे अधिक समानता वाले शीर्ष देशों में स्थान दिया जा रहा है: प्रधानमंत्री

The Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Rozgar Mela and distributed more than 51,000 appointment letters to newly appointed youth in various Government departments and 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोज़गार मेले को संबोधित किया और विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज का दिन इन युवाओं के लिए भारत सरकार के विभिन्न विभागों में नई ज़िम्मेदारियों की शुरुआत का दिन है। उन्होंने विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं शुरू करने वाले युवाओं को बधाई दी और इस बात पर ज़ोर दिया कि अलग-अलग भूमिकाओं के बावजूद, उनका साझा लक्ष्य "नागरिक प्रथम" के सिद्धांत पर आधारित राष्ट्र सेवा है।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय और लोकतांत्रिक नींव की बेजोड़ ताकत पर ज़ोर दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विश्‍व की सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ भारत में घरेलू और वैश्विक स्तर पर भविष्य को आकार देने की अद्वितीय क्षमता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विशाल युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और सरकार इस पूंजी को दीर्घकालिक समृद्धि के उत्प्रेरक में बदलने के अपने प्रयासों में दृढ़ है।

श्री मोदी ने कहा, "अभी दो दिन पहले ही मैं पांच देशों की यात्रा से लौटा हूं। मैंने जिन भी देशों का दौरा किया, उनमें भारत के युवाओं की शक्ति का ज़ोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस यात्रा के दौरान हुए समझौतों से देश-विदेश में भारतीय युवाओं को लाभ होगा।" उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा के दौरान रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए विभिन्न समझौतों से दूरगामी लाभ होंगे। श्री मोदी ने आगे कहा, "ये पहल न केवल भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को मज़बूत करेंगी बल्कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में युवा भारतीयों के लिए सार्थक अवसर भी पैदा करेंगी।"

रोज़गार के उभरते परिदृश्य पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 21 वीं सदी में रोज़गार की प्रकृति तेज़ी से बदल रही है। नवाचार, स्टार्टअप और अनुसंधान के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने भारत में युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए सशक्त बनाने वाले विकासशील व्‍यवस्‍था की चर्चा की। उन्होंने नई पीढ़ी पर अपने व्यक्तिगत गर्व और विश्वास को साझा किया और युवाओं को महत्वाकांक्षा, दूरदर्शिता और कुछ नया रचने की प्रबल इच्छा के साथ आगे बढ़ते देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।

श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार निजी क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर पैदा करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। हाल ही में, सरकार ने रोज़गार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना नामक एक नई योजना को मंज़ूरी दी है। इस योजना के तहत, सरकार निजी क्षेत्र में अपनी पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये प्रदान करेगी। ‘’दूसरे शब्दों में, सरकार उनकी पहली नौकरी के पहले वेतन में योगदान देगी। इसके लिए सरकार ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस योजना से लगभग 3.5 करोड़ नए रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।‘’

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय विकास को गति देने, रोज़गार सृजन करने और विश्‍व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत की यात्रा को गति देने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की परिवर्तनकारी शक्ति पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मेक इन इंडिया पहल को काफ़ी मज़बूती मिली है। केवल पीएलआई (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजना के माध्‍यम से देश भर में 11 लाख से अधिक रोज़गार सृजित हुए हैं। मोबाइल फ़ोन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। श्री मोदी ने कहा, "आज भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का है। इसमें पिछले 11 वर्षों में पांच गुना से भी अधिक की वृद्धि हुई है। पहले देश में मोबाइल फ़ोन बनाने वाली केवल 2 से 4 इकाइयां ही थी। आज भारत में मोबाइल फ़ोन निर्माण से जुड़ी लगभग 300 इकाइयां हैं जो लाखों युवाओं को रोज़गार दे रही हैं।"

प्रधानमंत्री ने रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भारत के वैश्विक अग्रणी के रूप में उभरने का भी उल्‍लेख किया। भारत का रक्षा निर्माण उत्पादन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने विश्‍व के सबसे बड़े रेल इंजन निर्माता के रूप में भारत के उभरने और रेल इंजन, रेल डिब्बों और मेट्रो डिब्बों के निर्यात में देश के मज़बूत प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने केवल पांच वर्षों में 40 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ है, जिससे नए कारखाने लगे, नए रोज़गार के अवसर उत्‍पन्‍न हुए और वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई।

प्रधानमंत्री ने भारत की कल्याणकारी पहलों के दूरगामी प्रभावों पर ज़ोर देते हुए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की एक हालिया रिपोर्ट का उल्‍लेख किया जिसमें बताया गया है कि पिछले एक दशक में 90 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में आए हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं केवल कल्याणकारी लाभों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि इन्होंने बड़े पैमाने पर विशेषत: ग्रामीण भारत में रोज़गार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया जिसके तहत 4 करोड़ पक्के घर बनाए जा चुके हैं और 3 करोड़ और निर्माणाधीन हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 12 करोड़ शौचालयों के निर्माण से नलसाजों और निर्माण श्रमिकों को रोज़गार मिला है जबकि उज्ज्वला योजना के तहत प्रदान किए गए 10 करोड़ से ज़्यादा एलपीजी कनेक्शनों से बॉटलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वितरण नेटवर्क का विस्तार हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप हज़ारों वितरण केंद्र और लाखों नए रोज़गार सृजित हुए हैं।

श्री मोदी ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, जो छतों पर सौर ऊर्जा लगाने के लिए प्रति परिवार 75,000 रुपये से अधिक की राशि प्रदान करती है, घरेलू बिजली बिलों को कम कर रही है और तकनीशियनों, इंजीनियरों और सौर पैनल निर्माताओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा कर रही है। नमो ड्रोन दीदी ने ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करके उन्हें सशक्त बनाया है।"

श्री मोदी ने कहा कि देश 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के अपने मिशन पर भी आगे बढ़ रहा है और 1.5 करोड़ महिलाएं इस उपलब्धि को हासिल कर चुकी हैं। बैंक सखी, बीमा सखी, कृषि सखी और पशु सखी जैसी विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को स्थायी रोजगार पाने में सक्षम बनाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने रेहड़ी-पटरी वालों और फेरीवालों को औपचारिक सहायता प्रदान की है जिससे लाखों लोग मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों में शामिल हुए हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रशिक्षण, उपकरण और ऋण तक पहुंच के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों और सेवा प्रदाताओं को सशक्‍त बना रही है।

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि इन अनगिनत योजनाओं का ही असर है कि पिछले दस सालों में ही 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं। श्री मोदी ने कहा, "रोज़गार के अवसरों के बिना ऐसा बदलाव संभव नहीं होता। यही कारण है कि आज विश्व बैंक जैसी बड़ी वैश्विक संस्थाएं भारत की प्रशंसा कर रही है। भारत अब विश्‍व के उन शीर्ष देशों में गिना जा रहा है जहां समानता का स्तर सबसे अधिक है।"

प्रधानमंत्री ने वर्तमान चरण को विकास का महायज्ञ, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय मिशन बताया और देश के युवाओं और सरकार में नव नियुक्त लोगों से इस मिशन को नई ऊर्जा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

अपने संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री ने प्रत्येक नागरिक को ईश्वर मानने के "नागरिक देवो भव" के मार्गदर्शक सिद्धांत का आह्वान किया तथा नवनियुक्त सदस्यों को सार्वजनिक सेवा में उज्ज्वल और सार्थक भविष्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

पृष्ठभूमि

रोज़गार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप, 16वां रोज़गार मेला देश भर में 47 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। रोज़गार मेला युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश भर में आयोजित रोज़गार मेलों के माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक भर्ती पत्र जारी किए जा चुके हैं।

देश भर से चयनित नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा अन्य विभागों और मंत्रालयों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

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प्रधानमंत्री ने प्रतिष्ठित और बहुमुखी गायिका आशा भोसले जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
April 12, 2026
प्रधानमंत्री ने उनकी असाधारण संगीत यात्रा और शाश्वत प्रतिभा पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज आशा भोसले जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और विश्व भर में अनगिनत दिलों को छुआ। श्री मोदी ने कहा कि चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएँ, उनकी आवाज़ में एक शाश्वत दमक थी, और उन्होंने कहा कि उनके साथ हुई मुलाकातों को वे हमेशा संजोकर रखेंगे।

प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में सदा गूंजते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

‘’भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएं, उनकी आवाज में एक शाश्वत दमक थी। उनके साथ हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।
उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।‘’

“भारतातील सर्वात ख्यातनाम आणि अष्टपैलू आवाजांपैकी एक असलेल्या आशा भोसले जी यांच्या निधनाने अतिशय दुःख झाले. त्यांच्या अनेक दशकांच्या अद्वितीय संगीत प्रवासाने आपल्या सांस्कृतिक वारशाला समृद्ध केले आणि जगभरातील असंख्य लोकांच्या मनाला स्पर्श केला. भावपूर्ण गीतांपासून ते जोशपूर्ण संगीत रचनांपर्यंत, त्यांच्या आवाजात कालातीत तेज होते. त्यांच्याशी झालेल्या संवादांच्या आठवणी मी सदैव जपून ठेवेन. त्यांच्या कुटुंबीयांना, चाहत्यांना आणि संगीतप्रेमींना माझ्या भावपूर्ण संवेदना. त्या पुढील पिढ्यांना प्रेरणा देत राहतील आणि त्यांची गाणी सदैव लोकांच्या आयुष्यात गुंजत राहतील.”