विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को लगभग 71,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए
"रोजगार मेले, युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं"
"पिछले 9 वर्षों में, सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है और इसे तेज़, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया है"
"रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार की नीतियों का निर्माण किया जाता है"
“सरकार ने 9 साल में पूंजीगत व्यय पर लगभग 34 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं और इस साल भी पूंजीगत व्यय के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं”
"आत्मनिर्भर भारत अभियान, देश में विनिर्माण के माध्यम से रोजगार सृजन पर आधारित है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय रोजगार मेले को संबोधित किया तथा विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को लगभग 71,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गुजरात जैसे राज्यों में हाल के रोजगार मेलों और असम के आगामी मेले को याद किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में इन मेलों का आयोजन, युवाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 9 वर्षों में, सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है और इसे तेज़, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया है। भर्ती प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड, नई भर्तियों को शामिल करने में मोटे तौर पर 15-18 महीने का समय लेता था, जबकि आज इसमें केवल 6-8 महीने लगते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले की कठिन भर्ती प्रक्रिया में आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते थे और फिर इन्हें डाक के माध्यम से जमा किया जाता था, लेकिन अब इसे ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये सरल बनाया गया है, जिसके लिए दस्तावेजों के स्व-सत्यापन का प्रावधान भी पेश किया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समूह ‘सी’ और समूह ‘डी’ के लिए साक्षात्कार भी समाप्त कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा पूरी प्रक्रिया से भाई-भतीजावाद की समाप्ति है।

प्रधानमंत्री ने आज की तारीख के महत्व को रेखांकित किया, क्योंकि 9 साल पहले इसी दिन, अर्थात, 16 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित किए गए थे। प्रधानमंत्री ने उस दिन के उत्साह को याद करते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ शुरू हुई यह यात्रा, एक विकसित भारत के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज सिक्किम का स्थापना दिवस भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों के दौरान रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नीतियों का निर्माण किया है। आधुनिक अवसंरचना के क्षेत्र में पहल हो, ग्रामीण विकास हो या जीवन की बुनियादी जरूरतों का विस्तार हो, भारत सरकार की प्रत्येक नीति युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 9 साल में सरकार ने पूंजीगत व्यय और बुनियादी सुविधाओं पर करीब 34 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस साल के बजट में भी पूंजीगत व्यय के लिए 10 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस धनराशि के परिणामस्वरूप नए राजमार्ग, नए हवाई अड्डे, नए रेल मार्ग, पुल जैसी अवसंरचनाओं का निर्माण हो रहा है। इससे देश में रोजगार के विभिन्न नए अवसरों का सृजन हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की आगे बढ़ने की गति और इसका पैमाना स्वतंत्र भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में 40 हजार किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण हुआ, जबकि पहले के 7 दशकों में 20 हजार किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। देश में मेट्रो रेल नेटवर्क का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले महज 600 मीटर मेट्रो लाइन बिछाई गई थी, जबकि आज करीब 6 किलोमीटर मेट्रो रेल लाइन बिछाई जा रही है।

2014 से पहले ग्रामीण सड़कों की कुल लम्बाई 4 लाख किमी से भी कम थी, आज यह लंबाई 7.25 लाख किमी हो गई है। हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर आज लगभग 150 हो गई है। इसी तरह, पिछले 9 वर्षों में गरीबों के लिए बनाए गए 4 करोड़ घरों ने रोजगार के अवसरों का सृजन किया है। गांवों में 5 लाख सामान्य सेवा केंद्र, ग्रामीण इलाकों में रोजगार मुहैया करा रहे हैं। गांवों में 30 हजार से ज्यादा पंचायत भवनों का निर्माण हुआ है और करीब 9 करोड़ घरों को पाइप से पेयजल की आपूर्ति के लिए जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी कार्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे विदेशी निवेश हो या भारत का निर्यात क्षेत्र, यह देश में रोजगार और स्व-रोजगार के विभिन्न अवसर पैदा कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में, नौकरियों की प्रकृति में अत्यधिक बदलाव देखा गया है, जहां देश के युवाओं के लिए नए क्षेत्र उभरकर सामने आये हैं। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार इन नए क्षेत्रों को निरंतर समर्थन प्रदान कर रही है और उस स्टार्टअप क्रांति को रेखांकित किया, जिसे देश ने देखा है। उन्होंने बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 के पहले के 100 से बढ़कर आज 1 लाख से अधिक हो गई है, जिनसे 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

पहले की तुलना में लोगों के जीवन को आसान बनाने वाले तकनीकी विकास पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं का उदाहरण दिया, जो शहरों के लिए जीवन रेखा बन गई है; कुशल ऑनलाइन वितरण प्रणाली, जिसने रोजगार बढ़ाया है; ड्रोन क्षेत्र को बढ़ावा दिया गया है, जिससे कीटनाशकों के छिड़काव से लेकर दवाओं के वितरण तक में मदद मिली है तथा सिटी गैस वितरण प्रणाली का विस्तार हुआ है, जिसका दायरा 60 शहरों से बढ़कर 600 शहरों तक पहुँच गया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में, सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए हैं, जिससे नागरिकों को नए व्यवसाय स्थापित करने, टैक्सी खरीदने या अपने मौजूदा प्रतिष्ठानों का विस्तार करने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्ति के बाद लगभग 8-9 करोड़ नागरिक पहली बार उद्यमी बने हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत अभियान देश में विनिर्माण के माध्यम से रोजगार सृजन पर आधारित है।" उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पीएलआई योजना के तहत विनिर्माण के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर रही है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में उच्च शिक्षा संस्थानों और कौशल विकास संस्थानों का तेजी से विकास किया जा रहा है। 2014 और 2022 के बीच, हर साल एक नए आईआईटी और एक नए आईआईएम की स्थापना हुई है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रति सप्ताह, एक विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया गया है और औसतन हर दिन दो कॉलेजों का संचालन शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में लगभग 720 विश्वविद्यालय थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 1100 से अधिक हो गई है। देश की चिकित्सा शिक्षा पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 7 दशकों में केवल 7 एम्स बनाए गए, जबकि पिछले 9 वर्षों में सरकार ने 15 नए एम्स विकसित किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 400 से बढ़कर 700 हो गई है, जिनमें एमबीबीएस और एमडी की सीटों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर 1 लाख 70 हजार से अधिक हो गई है।

प्रधानमंत्री ने विकास में आईटीआई की भूमिका को भी रेखांकित किया। "पिछले 9 वर्षों में, प्रति दिन एक आईटीआई की स्थापना की गई है।“ उन्होंने बताया कि देश की आवश्यकता के अनुसार, 15 हजार आईटीआई में नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं और पीएम कौशल विकास योजना के तहत सवा करोड़ से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ईपीएफओ का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ईपीएफओ नेट पेरोल के अनुसार 2018-19 के बाद 4.5 करोड़ नई औपचारिक नौकरियां सृजित की गई हैं, जो औपचारिक नौकरियों में लगातार वृद्धि का संकेत देती हैं। स्वरोजगार के अवसरों में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के उद्योग और निवेश के प्रति अभूतपूर्व सकारात्मकता है। वॉलमार्ट के सीईओ के साथ अपने हाल के मुलाकात को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश से 80 हजार करोड़ रुपये के सामान के निर्यात के सन्दर्भ में सीईओ के भारत के प्रति विश्वास के बारे में जानकारी दी। लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं के लिए यह बड़ी खबर है। उन्होंने सिस्को के सीईओ के साथ अपनी मुलाकात को भी याद किया, जिसका लक्ष्य भारत से 8 हजार करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात करना है। उन्होंने बताया कि एक मुलाकात के दौरान, एप्पल के सीईओ ने भारत में मोबाइल विनिर्माण उद्योग के बारे में विश्वास व्यक्त किया था, जबकि सेमीकंडक्टर कंपनी एनएक्सपी के शीर्ष कार्यकारी ने भी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने की भारत की क्षमता के प्रति सकारात्मक बात कही थी। उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन ने भी हजारों करोड़ रुपये के निवेश की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री ने अगले सप्ताह दुनिया की अग्रणी कंपनियों के सीईओ के साथ अपनी निर्धारित बैठकों की भी जानकारी दी और कहा कि वे सभी भारत में निवेश करने के प्रति उत्साह से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास, भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों के सृजन को रेखांकित करते हैं।

संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में चल रहे विकास के महायज्ञ में नवनियुक्त कर्मियों की भूमिका को रेखांकित किया, जिसके तहत अगले 25 वर्षों में विकसित भारत के संकल्पों को साकार किया जाना है। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों से इस अवसर का पूरा उपयोग करने का आग्रह किया और आईजीओटी कर्मयोगी मॉड्यूल, जो एक ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्म है, के माध्यम से अपने कर्मचारियों के कौशल विकास पर सरकार के जोर पर प्रकाश डाला।

पृष्ठभूमि

रोजगार मेला, देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ केंद्र सरकार के विभागों और इस पहल का समर्थन करने वाले राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भर्तियाँ की गयीं। देश भर से चयनित नवनियुक्त कर्मी; ग्रामीण डाक सेवक, डाक निरीक्षक, वाणिज्यिक-सह-टिकट लिपिक, कनिष्ठ लिपिक-सह-टाइपिस्ट, कनिष्ठ लेखा लिपिक, रेल लाइन देखभाल कर्मी, सहायक अनुभाग अधिकारी, अवर श्रेणी लिपिक, उप मंडल अधिकारी, कर सहायक, सहायक प्रवर्तन अधिकारी, निरीक्षक, नर्सिंग अधिकारी, सहायक सुरक्षा अधिकारी, फायरमैन, सहायक लेखा अधिकारी, सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी, मंडल लेखाकार, लेखा परीक्षक, कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सहायक कमांडेंट, प्रधानाचार्य, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक, सहायक रजिस्ट्रार, सहायक प्रोफेसर जैसे विभिन्न पदों पर नियुक्त होंगे।

रोजगार मेला; रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि रोजगार मेला, रोजगार सृजन में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

नवनियुक्त कर्मियों को ‘कर्मयोगी प्रारंभ’, जो विभिन्न सरकारी विभागों में सभी नवनियुक्त लोगों के लिए एक ऑनलाइन उन्मुखीकरण पाठ्यक्रम है, के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

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Prime Minister greets everyone on the occasion of Independence Day
August 15, 2026
PM remembers the courage, sacrifice, and unwavering commitment of the countless freedom fighters

Prime Minister Shri Narendra Modi today extended his warm greetings to the nation on the occasion of Independence Day. He noted that this national festival serves as a poignant reminder of the incredible courage, tireless struggle, and unparalleled dedication of our brave freedom fighters to the motherland, which ensured the end of colonial rule.

​The Prime Minister observed that their dreams continue to inspire us, urging citizens to adopt their ideals as we collectively work to realize the resolution of a Viksit Bharat.

​Shri Modi highlighted that, powered by 140 crore Indians, our nation is scaling new heights of progress across different sectors. He expressed his hope that this developmental journey will keep progressing at an even greater pace in the times to come.

​In a post on X, the Prime Minister wrote:

​"Warm greetings on the occasion of Independence Day.

​We remember with gratitude the countless freedom fighters whose courage, sacrifice and unwavering commitment ensured the end of colonial rule. Their dreams continue to inspire us as we work together to build a Viksit Bharat.

​Powered by 140 crore Indians, our nation is scaling new heights of progress across different sectors. May this journey keep progressing at an even greater pace in the times to come.

​सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की असीम शुभकामनाएं।

​यह राष्ट्रीय पर्व हमें देश के वीर सेनानियों के अद्भुत साहस, अथक संघर्ष और मातृभूमि के प्रति अतुलनीय समर्पण का स्मरण कराता है।

​आइए, उनके आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करें।"