"इन सात कंपनियों के निर्माण से डॉ. कलाम के मजबूत भारत के सपने को ताकत मिलेगी"
"ये सात नई कंपनियां आने वाले समय में देश की सैन्य ताकत के लिए एक मजबूत आधार का निर्माण करेंगी"
“इन नई कंपनियों के लिए देश ने अभी से ही 65 हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर्स प्लेस किए हैं जो इन कंपनियों में देश के विश्वास को दिखाता है”
“आज देश के डिफेंस सेक्टर में जितनी पारदर्शिता है, विश्वास है, और प्रौद्योगिकी प्रेरित दृष्टिकोण है, उतना पहले कभी नहीं रहा”
"पिछले पांच वर्षों में हमारा रक्षा निर्यात 325 प्रतिशत बढ़ा है"
"जहां प्रतिस्पर्धी लागत हमारी ताकत है, गुणवत्ता और विश्वसनीयता हमारी पहचान होनी चाहिए"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सात नई रक्षा कंपनियों को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो संबोधन दिया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने आज विजयादशमी के शुभ अवसर और इस दिन हथियार एवं गोला-बारूद की पूजा करने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में हम शक्ति को सृजन के माध्यम के रूप में देखते हैं। श्री मोदी ने कहा कि इसी भावना से देश ताकत हासिल करने की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज ही पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न, डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम जी की जयंती भी है। उन्होंने कहा, “कलाम साहब ने जिस तरह अपने जीवन को शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए समर्पित किया, यह हम सभी के लिए प्रेरणा है।” श्री मोदी ने कहा कि आयुध कारखानों के पुनर्गठन और सात नई कंपनियों के निर्माण से डॉ. कलाम के मजबूत भारत के सपने को ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई रक्षा कंपनियां भारत की आजादी के इस अमृत काल के दौरान देश के लिए एक नए भविष्य के सृजन से जुड़े विभिन्न संकल्पों का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कंपनियों को बनाने का निर्णय लंबे समय से अटका हुआ था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये 7 नई कंपनियां आने वाले समय में देश की सैन्य ताकत के लिए एक मजबूत आधार का निर्माण करेंगी। भारतीय आयुध कारखानों के गौरवशाली अतीत की चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद की अवधि में इन कंपनियों के उन्नयन की अनदेखी की गई, जिससे देश अपनी जरूरतों के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर हो गया। उन्होंने कहा, "ये 7 रक्षा कंपनियां इस स्थिति को बदलने में प्रमुख भूमिका निभाएंगी।"

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ये नई कंपनियां आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप आयात प्रतिस्थापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को 65,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्लेस किए हैं जो इन कंपनियों में देश के विश्वास को दिखाता है।

उन्होंने हाल के दिनों में की गई विभिन्न पहलों और सुधारों को याद किया, जिससे रक्षा क्षेत्र में विश्वास, पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी प्रेरित दृष्टिकोण पैदा हुआ जो इससे पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि आज निजी और सार्वजनिक क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा के मिशन में साथ-साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने नए दृष्टिकोण के उदाहरण के रूप में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु रक्षा गलियारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और एमएसएमई के लिए नए अवसर उभर रहे हैं, और इस तरह देश हाल के वर्षों में नीतिगत बदलावों का परिणाम देख रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमारा रक्षा निर्यात 325 प्रतिशत बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि यह हमारा लक्ष्य है कि हमारी कंपनियां न केवल अपने उत्पादों में विशेषज्ञता स्थापित करें बल्कि एक वैश्विक ब्रांड भी बनें। उन्होंने आग्रह किया कि जहां प्रतिस्पर्धी लागत हमारी ताकत है, वहीं गुणवत्ता और विश्वसनीयता हमारी पहचान होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि 21वीं सदी में, किसी भी राष्ट्र या किसी कंपनी का विकास और ब्रांड मूल्य उसके अनुसंधान एवं विकास और नवाचार से निर्धारित होता है। उन्होंने नई कंपनियों से अपील की कि अनुसंधान और नवाचार उनकी कार्य संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए, ताकि वे भविष्य की प्रौद्योगिकियों में अगुवाई करें। उन्होंने कहा कि यह पुनर्गठन नई कंपनियों को नवाचार और विशेषज्ञता का विकसित करने के लिए अधिक स्वायत्तता प्रदान करेगा और नई कंपनियों को ऐसी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने स्टार्ट-अप्स से इन कंपनियों के माध्यम से एक दूसरे के अनुसंधान और विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए इस नई यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि सरकार ने इन नई कंपनियों को न केवल बेहतर उत्पादन वातावरण दिया है बल्कि पूर्ण कार्यात्मक स्वायत्तता भी दी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाए।

कार्यात्मक स्वायत्तता, दक्षता एवं नई विकास क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने आयुध निर्माणी बोर्ड को सरकारी विभाग से सौ फीसदी सरकारी स्वामित्व वाली 7 कॉर्पोरेट संस्थाओं में बदलने का फैसला किया है, जो देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के उपाय के रूप में है। तदनुसार, 7 नई रक्षा कंपनियों को शामिल किया गया, जिनके नाम म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल); आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (अवनी); एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया); ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) (ट्रूप कम्फर्ट आइटम्स); यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल); इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल); और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) हैं।

 

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Prime Minister Highlights qualities of Intellect and AI for Public Good sharing a Sanskrit Subhashitam
February 17, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today underscored the importance of intelligence, reasoning, and decision-making in making science and technology truly useful for society. Underlining the India AI Impact Summit, the Prime Minister emphasized that the core objective of the Summit is to explore how Artificial Intelligence can be harnessed for the welfare of all citizens.

Quoting from ancient wisdom on X, the Prime Minister reflected on the timeless qualities of intellect:

“बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। India AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।

शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥”

 बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। India AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।

शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥ pic.twitter.com/qytLZxv1uh