लगभग 3700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया; तिरुथुरईपूंडी और अगस्तियामपल्ली के बीच 37 किलोमीटर के रेल-लाइन आमान परिवर्तन खंड का उद्घाटन किया
तांबरम और सेनगोट्टई के बीच एक्सप्रेस सेवा और थिरुथुराईपूंडी-अगस्थियामपल्ली के बीच डेमू सेवा को झंडी दिखाकर रवाना किया
"तमिलनाडु इतिहास और विरासत; भाषा और साहित्य की भूमि है"
"पहले, अवसंरचना परियोजनाओं का अर्थ विलम्ब था, लेकिन अब इसका मतलब इन्हें पूरा करना है"
"सरकार करदाताओं द्वारा जमा किए जाने वाले प्रत्येक रुपये के लिए जवाबदेह महसूस करती है"
"हम एक अवसंरचना को मानवीय दृष्टि से देखते हैं; यह आकांक्षा को उपलब्धि से, लोगों को संभावनाओं से और सपनों को वास्तविकता से जोड़ती है”
"तमिलनाडु का विकास, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता"
"चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का डिज़ाइन, तमिल संस्कृति की सुंदरता को दर्शाता है"
"तमिलनाडु भारत के विकास इंजनों में से एक है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अलस्ट्रॉम क्रिकेट ग्राउंड में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन (चरण -1) का उद्घाटन किया और चेन्नई में चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

 

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु इतिहास और विरासत; भाषा और साहित्य की भूमि है। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि हमारे कई स्वतंत्रता सेनानी तमिलनाडु से हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का केंद्र है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में पुथंडु आने वाला है और यह नई ऊर्जा, आशा, आकांक्षाओं और नई शुरुआत का समय है। प्रधानमंत्री ने कहा, "कई नई अवसंरचना परियोजनाएं आज से लोगों की सेवा के लिए शुरू हो रहीं हैं, जबकि कुछ अन्य की शुरुआत की जायेगी।" रेलवे, सड़क परिवहन और वायुमार्ग से संबंधित नई परियोजनाएं नए साल के उत्सव में शामिल होंगी।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत गति और पैमाने से संचालित एक अवसंरचना क्रांति देख रहा है। पैमाने का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में अवसंरचना विकास के लिए 10 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो 2014 के बजट से पांच गुना अधिक है, जबकि रेल अवसंरचना के लिए धन आवंटन रिकॉर्ड स्तर पर है। गति पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से, राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रति वर्ष विस्तार की दर दोगुनी हो गई है, रेल लाइनों का विद्युतीकरण प्रति वर्ष 600 मार्ग किलोमीटर से बढ़कर 4000 मार्ग किलोमीटर हो गया है और हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर लगभग 150 हो गई है। व्यापार के लिए लाभदायक तमिलनाडु की विशाल तटरेखा का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पत्तनों की क्षमता वृद्धि की दर भी दोगुनी हो गई है।

प्रधानमंत्री ने देश की सामाजिक और डिजिटल अवसंरचना के बारे में कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2014 से पहले की 380 से बढ़कर आज 660 हो गई है। पिछले नौ वर्षों में, देश में निर्मित ऐप्स की संख्या तीन गुनी हो गयी है, डिजिटल लेनदेन में हम दुनिया में पहले नंबर पर हैं, दुनिया के सबसे सस्ते मोबाइल डेटा में से एक देश में मौजूद है और करीब दो लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ते हुए 6 लाख किलोमीटर से अधिक लम्बाई के ऑप्टिक फाइबर बिछाए गए हैं। उन्होंने कहा, "आज, भारत में शहरी उपयोगकर्ताओं की तुलना में ग्रामीण इंटरनेट उपयोगकर्ता अधिक हैं।"

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सकारात्मक परिवर्तन, कार्य संस्कृति और दृष्टि में परिवर्तन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पहले, अवसंरचना परियोजनाओं का अर्थ विलम्ब था, लेकिन अब इसका मतलब पूरा करना है और विलम्ब से लेकर पूरा करने तक की यह यात्रा, कार्य संस्कृति का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि निर्धारित समय सीमा से पहले परिणाम प्राप्त करने के लिए काम करते हुए, सरकार करदाता द्वारा जमा किये गए प्रत्येक रुपये के लिए जवाबदेह महसूस करती है। पिछली सरकारों की तुलना में, दृष्टिकोण में अंतर पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना को केवल कंक्रीट, ईंट और सीमेंट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें एक मानवीय दृष्टि से देखने की जरूरत है, जो आकांक्षा को उपलब्धि से, लोगों को संभावनाओं से और सपनों को वास्तविकता से जोड़ती है।

आज की परियोजना का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सड़क परियोजनाओं में से एक विरुधुनगर और तेनकासी के कपास किसानों को अन्य बाजारों से जोड़ती है, चेन्नई और कोयम्बटूर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस छोटे व्यवसायों को ग्राहकों से जोड़ती है तथा चेन्नई हवाई अड्डे का नया टर्मिनल दुनिया को तमिलनाडु पहुँचने की सुविधा देता है। उन्होंने कहा कि यह निवेश लाएगा, जो यहां के युवाओं के लिए आय के नए अवसर पैदा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "केवल वाहन ही गति प्राप्त नहीं करते हैं, बल्कि लोगों के सपने और उद्यम की भावना को भी गति मिलती है। अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।" प्रत्येक अवसंरचना परियोजना करोड़ों परिवारों के जीवन को बदल देती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "तमिलनाडु का विकास सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है।" उन्होंने बताया कि इस साल के बजट में राज्य की रेल अवसंरचना के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जो अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि 2009-2014 के दौरान प्रति वर्ष आवंटित औसत धनराशि 900 करोड़ रुपये से कम थी। 2004 से 2014 के बीच, तमिलनाडु में जोड़े गए राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई लगभग 800 किलोमीटर थी, लेकिन 2014 से 2023 के बीच लगभग 2000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए। तमिलनाडु में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के निवेश के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014-15 में लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2022-23 में यह 6 गुना बढ़कर 8200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर प्रकाश डाला और भारत की सुरक्षा को मजबूत करने वाले रक्षा औद्योगिक गलियारे, पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क और बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के शिलान्यास का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि चेन्नई के पास एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण-कार्य भी चल रहा है, जबकि ममल्लापुरम से कन्याकुमारी तक की पूरी पूर्वी समुद्रतट सड़क का भारतमाला परियोजना के तहत सुधार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन महत्वपूर्ण शहर चेन्नई, मदुरै और कोयम्बटूर, परियोजनाओं के उद्घाटन या शुरू होने से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उद्घाटन किए गए नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उल्लेख किया और कहा कि यह बढ़ते यात्रियों की मांग को पूरा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाईअड्डे का डिजाइन, तमिल संस्कृति की सुंदरता को दर्शाता है। "चाहे वह छत हो, फर्श हो, आतंरिक छत या भित्ति चित्र का डिज़ाइन हो, इनमें से प्रत्येक तमिलनाडु के किसी न किसी पहलू की याद दिलाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां परंपरा हवाई अड्डे पर स्पष्ट दिखाई पड़ती है, वहीं इसे सतत विकास की आधुनिक जरूरतों के लिए भी बनाया गया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इसे पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करके बनाया गया है और इसमें एलईडी लाइटिंग और सौर ऊर्जा जैसी कई हरित तकनीकों का भी उपयोग किया गया है। उन्होंने नई शुरू की गयी चेन्नई-कोयम्बटूर वंदे भारत एक्सप्रेस का भी उल्लेख किया और कहा कि 'मेड इन इंडिया' का यह गौरव, महान वीओ चिदंबरम पिल्लई की भूमि में स्वाभाविक लगता है।

यह देखते हुए कि कोयम्बटूर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल रहा है, चाहे वह वस्त्र क्षेत्र हो, एमएसएमई हो या उद्योग हो, प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी, लोगों की उत्पादकता में वृद्धि करेगी। उन्होंने बताया कि चेन्नई और कोयम्बटूर के बीच की यात्रा केवल लगभग 6 घंटे में पूरी होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस से सलेम, इरोड और तिरुपुर जैसे वस्त्र और औद्योगिक केंद्रों को भी लाभ होगा। मदुरै का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शहर तमिलनाडु की सांस्कृतिक राजधानी है और दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। आज की परियोजनाएं इस प्राचीन शहर की आधुनिक अवसंरचना को बढ़ावा देंगी।

संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने दोहराया कि तमिलनाडु भारत के विकास इंजनों में से एक है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब उच्च गुणवत्ता वाली अवसंरचना यहां रोजगार सृजित करती है, तो आय बढ़ती है और तमिलनाडु विकसित होता है। जब तमिलनाडु विकसित होता है, तो भारत विकसित होता है।"

तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर.एन. रवि; तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन; रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव; केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री श्री एल मुरुगन, श्रीपेरंबदूर के संसद सदस्य श्री टी. आर. बालू; तमिलनाडु सरकार के मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने करीब 3700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने मदुरै शहर में 7.3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्ग 785 की 24.4 किलोमीटर लंबी चार लेन वाली सड़क का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-744 की सड़क परियोजनाओं के निर्माण की आधारशिला भी रखी। 2400 करोड़ रुपये से अधिक लागत की यह परियोजना, तमिलनाडु और केरल के बीच अंतर-राज्यीय सड़क-संपर्क को बढ़ावा देगी और मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, श्रीविल्लीपुथुर में अंडाल मंदिर और केरल में सबरीमाला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगी।

प्रधानमंत्री ने तिरुथुरईपोंडी और अगस्त्यमपल्ली के बीच 37 किलोमीटर के रेल-लाइन आमान परिवर्तन खंड का भी उद्घाटन किया, जिसे 294 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे नागपट्टिनम जिले के अगस्त्यमपल्ली से खाद्य और औद्योगिक नमक के परिवहन में लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने तांबरम और सेनगोट्टई के बीच एक्सप्रेस सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तिरुथुरईपूंडी - अगस्त्यमपल्ली के बीच एक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) सेवा को भी झंडी दिखाई, जिससे कोयम्बटूर, तिरुवरूर और नागपट्टिनम जिलों के यात्रियों को लाभ होगा।

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Prime Minister speaks with the Amir of Qatar
July 16, 2026
PM conveys heartfelt condolences on the passing of the Father Amir of Qatar
PM recalls the Father Amir’s visionary leadership and his contribution to strengthening India-Qatar relations
The two leaders reaffirm their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.

Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.

Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.

The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.

The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.

They agreed to remain in close touch.