प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने डी. ज्ञानसुंदरम् जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि थिरु डी. ज्ञानसुंदरम जी का तमिल संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। अपने लेखन और आजीवन समर्पण के माध्यम से उन्होंने समाज की सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध किया तथा उनकी कृतियाँ आने वाली पीढ़ियों के पाठकों और विद्वानों को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।

प्रधानमंत्री ने जनवरी 2024 में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान उनके साथ हुई बातचीत को भी स्मरण किया और कहा कि कंब रामायणम् के प्रति उनकी समझ असाधारण थी।

प्रधानमंत्री ने शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना की।

एक्‍स पर किए गए एक पोस्ट में, श्री मोदी ने कहा:

“थिरु डी. ज्ञानसुंदरम् जी के निधन से गहरा दुःख पहुँचा है। तमिल संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। अपने लेखन और आजीवन समर्पण के माध्यम से उन्होंने समाज की सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध किया। उनकी कृतियाँ आने वाली पीढ़ियों के पाठकों और विद्वानों को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।

मुझे जनवरी 2024 में तिरुचिरापल्ली स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान उनसे हुई बातचीत याद है। कंब रामायणम् के प्रति उनकी समझ असाधारण थी।

उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।”

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'BRICS 2026 becomes major Bharat achievement for PM Narendra Modi'

Media Coverage

'BRICS 2026 becomes major Bharat achievement for PM Narendra Modi'
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
September 15, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध बंगाली लेखक शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रख्यात लेखक को याद करते हुए, श्री मोदी ने उनके साहित्यिक कार्यों के स्थायी महत्व पर प्रकाश डाला, जिनका हर भारतीय भाषा और कई विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया है। उन्होंने कहा कि शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का लेखन 19वीं सदी के भारत, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बंगाली समाज का सटीक और संवेदनशील चित्रण प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

प्रख्यात बंगाली लेखक, बहुमुखी प्रतिभा के धनी शरतचंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि।

हर भारतीय भाषा और कई विदेशी भाषाओं में अनुवादित उनकी रचनाओं को 19वीं सदी के भारत, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बंगाली समाज के सटीक चित्रण के लिए याद किया जाता है। सामाजिक सुधार, महिलाओं के अधिकारों और राष्ट्रवाद के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी उतनी ही उल्लेखनीय थी।

मैं आने वाले समय में और अधिक युवाओं से उनके लेखन को पढ़ने का आह्वान करता हूं।

প্রখ্যাত বাঙালি লেখক, বহুমুখী প্রতিভার অধিকারী শরৎচন্দ্র চট্টোপাধ্যায়ের ১৫০তম জন্মবার্ষিকীতে জানাই বিনম্র শ্রদ্ধাঞ্জলি।

ভারতের সমস্ত ভাষায় এবং একাধিক আন্তর্জাতিক ভাষায় অনূদিত তাঁর সাহিত্যকর্মগুলি উনিশ শতকের ভারত, বিশেষ করে গ্রামীণ অঞ্চলের বাঙালি সমাজকে সঠিকভাবে চিত্রিত করার জন্য স্মরণীয় হয়ে রয়েছে। সামাজিক সংস্কার, নারী অধিকার এবং জাতীয়তাবাদের প্রতি তাঁর দায়বদ্ধতাও সমানভাবে স্মরণীয়।

আগামী দিনের তরুণ-তরুণীকে আমি আরও বেশি করে তাঁর রচনা পড়ার জন্য আহ্বান জানাচ্ছি।