प्रधानमंत्री ने विश्वास व्‍यक्‍त किया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक निपट लेगा
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना तथा उद्योग और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती प्रदान करना है
प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति शृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी सहित कृषि क्षेत्र में पूर्वनियोजन की आवश्यकता पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने बदलती परिस्थितियों का त्वरित जवाब देने में सक्षम बनने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर भी बल दिया
प्रधानमंत्री ने नौवहन, आवश्यक आपूर्तियों और समुद्री संचालन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सीमावर्ती और तटीय राज्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने गलत सूचना के प्रसार और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए सटीक तथा विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर जोर दिया
मुख्यमंत्रियों ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की
मुख्यमंत्रियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने और राज्यों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया
मुख्यमंत्रियों ने विश्वास जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता के साथ स्थिति स्थिर बनी हुई है
मुख्यमंत्रियों ने स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने हाल के पश्चिम एशिया घटनाक्रम और भारत पर उसके संभावित प्रभाव के संदर्भ में तैयारियों की समीक्षा के लिए आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए अहम सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि ये सुझाव उभरती स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने भावी चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारियों और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास इस तरह के वैश्विक व्यवधान से निपटने का पहले का अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए सामूहिक प्रयासों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर आपूर्ति शृंखलाओं, व्यापार और दैनिक जीवन पर प्रभाव को कम करने के लिए काम किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यही सहयोग और समन्वय की भावना वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हालात लगातार बदल रहे है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और अनुकूल रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय है, जो दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूती प्रदान करना है।

राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन राज्य स्तर पर ही होता है। उन्होंने त्वरित और सुव्यवस्थित प्रतिक्रिया के लिए केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय, समय पर जानकारी साझा करने और संयुक्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति शृंखलाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने व्यवधानों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी सहित कृषि क्षेत्र में पूर्वनियोजन की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

प्रधानमंत्री ने गलत सूचना के प्रसार और अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर सटीक और विश्वसनीय जानकारी का प्रसार भय फैलने से रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली एजेंटों के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने नौवहन, आवश्यक आपूर्तियों और समुद्री संचालन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सीमावर्ती और तटीय राज्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया

उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में आश्वासन नागरिकों में अनावश्यक भय फैलने से रोकने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, वे प्रभावित परिवारों की सहायता और समय पर जानकारी के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय करें, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करें और जिला स्तर पर सहायता प्रणाली स्थापित करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक और आपूर्ति प्रणालियों को मजबूत करने की दिशा में हाल के वर्षों में लिए किए गए प्रयास वर्तमान परिस्थितियों में लाभकारी साबित हो रहे हैं। उन्होंने उद्योग और एमएसएमई के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो और उत्पादन व रोजगार में स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिनमें मुख्य सचिवों के स्तर पर नियमित समीक्षा और जिला स्तर पर निरंतर निगरानी शामिल है, ताकि बदलती परिस्थितियों का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया जा सके।

प्रधानमंत्री ने तत्काल प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक तैयारियों पर समान रूप से ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने राज्यों से जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबरधन पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों के सक्रिय सहयोग के साथ घरेलू स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की खोज बढ़ाने के महत्व को भी रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि इस चुनौती से निपटना साझा जिम्मेदारी है और विश्वास व्यक्त किया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक निपट लेगा।

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार इस संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और एलपीजी की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और पेट्रोल व डीज़ल पर उत्पाद शुल्क कम करने जैसे सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र की ओर से सामूहिक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कैबिनेट सचिव श्री टी.वी. सोमनाथन ने वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुति दी और राज्यों को स्थिति से निपटने के लिए कदम और सुझाव बताए।

मुख्यमंत्रियों ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने इस संकट के दौरान भारतीय नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की।

सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी तंत्र मौजूद हैं। उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने के निर्णय का व्यापक रूप से स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नागरिकों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट से पहले के 50% स्‍तर से बढ़ाकर 70% करने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने उभरती स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।