मध्य प्रदेश में सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलापूर्ति, कोयला और उद्योग के क्षेत्रों में लगभग 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया
मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना की शुरुआत की
"मध्यप्रदेश की डबल की इंजन सरकार जन-जन कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है"
"भारत तभी विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे"
" जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है, तो उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उस 'काल चक्र' की साक्षी बनेगी"
"डबल इंजन की सरकार दोगुनी गति से विकास कार्य कर रही है"
"सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर बहुत जोर दे रही है"
"सिंचाई क्षेत्र में हम मध्य प्रदेश में एक नई क्रांति होते देख रहे हैं"
"बीते10 वर्षों में पूरे विश्‍व में भारत की साख बहुत अधिक बढ़ी है"
'युवाओं के सपने मोदी का संकल्प हैं'

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 'विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश' कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में लगभग 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया। ये परियोजनाएं सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलापूर्ति, कोयला और उद्योग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करती हैं। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना की भी शुरुआत की।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मध्य प्रदेश के डिंडोरी में सड़क दुर्घटना में हुई लोगों की मौत पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए की और कहा कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''दुख की इस घड़ी में मैं मध्य प्रदेश की जनता के साथ हूं।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों से लाखों नागरिक विकसित भारत के संकल्प के साथ इस आयोजन से जुड़े। उन्होंने हाल के दिनों में अन्य राज्यों द्वारा किए गए इसी तरह के संकल्पों को स्वीकार करते हुए कहा कि भारत तभी विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे।

मध्य प्रदेश में कल से शुरु हो रहे 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वर्तमान में हो रहे विकास के साथ-साथ राज्य की गौरवशाली विरासत का भी उत्‍सव है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि उज्जैन में लगाई गई वैदिक घड़ी इस बात का प्रमाण है कि सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चलती है। प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, ''बाबा महाकाल की नगरी किसी समय दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी, लेकिन इसके महत्व को भुला दिया गया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस उपेक्षा को दूर करने के लिए सरकार ने दुनिया की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को उज्जैन में फिर से स्थापित किया है और जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है तो यह उस 'काल चक्र' की साक्षी बनेगी।

आज के कार्यक्रम से संबद्ध पेयजल, सिंचाई, बिजली, सड़क, खेल परिसर और सामुदायिक हॉल से जुड़ी 17,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के 30 स्टेशनों पर आधुनिकीकरण का कार्य शुरू होने की भी जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने कहा, ''डबल इंजन की सरकार दोगुनी गति से विकास कार्य कर रही है।''

प्रधानमंत्री ने मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए देश का आभार व्यक्त किया। विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने कृषि, उद्योग और पर्यटन पर डबल इंजन सरकार द्वारा दिए जा रहे बल को रेखांकित किया और मां नर्मदा नदी पर तीन प्रमुख जल परियोजनाओं की आधारशिला रखने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जनजातीय क्षेत्रों में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि इससे पेय जलापूर्ति की समस्या भी सुलझेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, "सिंचाई क्षेत्र में हम मध्य प्रदेश में एक नई क्रांति होते देख रहे हैं।" उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र के लाखों परिवारों का जीवन बदलने वाला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों के लिए सबसे बड़ी सेवा उनके खेतों तक पानी पहुंचाना है। आज के सिंचाई क्षेत्र की तुलना 2014 से पहले के 10 साल की अवधि से करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय देश में 40 लाख हेक्टेयर खेती को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया था, जबकि आज 90 लाख हेक्टेयर को सूक्ष्‍म सिंचाई से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, "यह वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं और प्रगति के पैमाने को दर्शाता है।"

छोटे किसानों की एक और गंभीर समस्या यानी भंडारण की कमी का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई 'दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण परियोजना' की चर्चा की। आने वाले दिनों में हजारों बड़े गोदामों का निर्माण होगा और देश में 700 लाख मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता होगी। उन्होंने कहा, "सरकार इस पर 1.25 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।"

प्रधानमंत्री ने सहकारिता के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने बताया कि सहकारिता के लाभ किस प्रकार दूध और गन्ने के प्रामाणिक क्षेत्रों से अनाज, फल और सब्जियों तथा मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों विस्‍तारित हो रहे हैं। ग्रामीण आय बढ़ाने के उद्देश्य से लाखों गांवों में सहकारी संस्थाएं बनाई जा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण संपत्ति विवादों का स्थायी समाधान खोजा जा रहा है। उन्होंने योजना के अच्छे कार्यान्वयन के लिए मध्य प्रदेश की सराहना की क्योंकि 100 प्रतिशत गांवों का ड्रोन द्वारा सर्वेक्षण किया गया है और अब तक 20 लाख से अधिक स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश के 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना की शुरुआत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि यह नाम हस्तांतरण और रजिस्ट्री से संबंधित मुद्दों के लिए डिजिटल समाधान प्रदान करेगा, जिससे लोगों का समय और खर्च बचेगा।

मध्य प्रदेश को अग्रणी औद्योगिक राज्यों में से एक बनाने की युवाओं की इच्छा से सहमति व्‍यक्‍त करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य में पहली बार मताधिकार का उपयोग करने जा रहे मतदाताओं से दृढ़तापूर्वक कहा कि वर्तमान सरकार नए अवसरों का सृजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''युवाओं के सपने मोदी का संकल्प हैं।'' उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' का महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगा। उन्होंने इस विजन को साकार करने की दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में सीतापुर,मुरैना के मेगा लेदर और फुटवियर क्लस्टर, इंदौर के रेडीमेड परिधान उद्योग के लिए टेक्सटाइल पार्क, मंदसौर में औद्योगिक पार्क के विस्तार और धार औद्योगिक पार्क के विकास का उल्लेख किया। भारत में खिलौना विनिर्माण को बढ़ावा देने और खिलौना निर्यात में वृद्धि का सबब बने सरकार के प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आज की विकास परियोजनाओं के कारण बुधनी में खिलौना बनाने वाले समुदाय के लिए अनेक अवसरों का सृजन होगा।

समाज के उपेक्षित वर्गों की देखभाल के लिए अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री ने पारंपरिक कारीगरों को प्रचारित किए जाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह किस प्रकार नियमित रूप से हर मंच से इन कलाकारों का प्रचार करते हैं और इस बात का उल्‍लेख किया कि विदेशी गणमान्य हस्तियों को भेंट किए जाने वाले उनके उपहारों में हमेशा कुटीर उद्योग के उत्पाद शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि उनका 'वोकल से लोकल' का प्रचार भी स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्रचारित करता है।

बीते 10 वर्षों में भारत की बढ़ती प्रोफ़ाइल पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने निवेश और पर्यटन के प्रत्यक्ष लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने हाल में मध्य प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में हुई प्रगति पर गौर करते हुए ओंकारेश्वर और ममलेश्वर में आने वाले भक्तों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य की स्मृति में ओंकारेश्वर में बनने वाला एकात्म धाम और 2028 में होने वाला उज्जैन सिंहस्थ पर्यटन विकास का उत्प्रेरक है। उन्होंने कहा, ''इच्छापुर से इंदौर के ओंकारेश्वर तक 4-लेन सड़क बनने से श्रद्धालुओं को और सुविधा मिलेगी। आज लोकार्पित रेल परियोजनाओं से मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। जब कनेक्टिविटी बेहतर होती है,तो चाहे कृषि हो, पर्यटन हो या उद्योग, तीनों को लाभ होता है।”

प्रधानमंत्री ने बीते 10 वर्षों में महिलाओं के विकास को अवरुद्ध करने वाले सभी मुद्दों से निपटने की दिशा में सरकार के प्रयासों की ओर ध्यान आकर्षित किया और इस बात पर जोर दिया कि अगले 5 वर्ष हमारी बहनों और बेटियों के अभूतपूर्व सशक्तिकरण के साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा कि हर गांव में लखपति दीदियां होंगी और ड्रोन दीदियां नई कृषि क्रांति लाएंगी। उन्होंने अगले 5 वर्षों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के बारे में चर्चा करते हुए एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें उनके कल्याण के लिए किए गए कार्यों के कारण बीते 10 वर्षों में गांवों के परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों की तुलना में गांवों में आय तेजी से बढ़ रही है।" अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश इसी प्रकार नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।इन परियोजनाओं में अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसनिया बहुउद्देशीय परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से डिंडोरी, अनुपपुर और मंडला जिलों में 75,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचित किया जा सकेगा और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और पेयजल में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री ने राज्य में 800 करोड़ से अधिक की दो सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। इनमें पारसडोह सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और औलिया सूक्ष्म सिंचाई परियोजना शामिल हैं। ये सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बैतूल और खंडवा जिलों में 26,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई की जरूरतों को पूरा करेंगी।

प्रधानमंत्री ने 2200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित तीन रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी - जखलौन एवं धौरा - आगासोड मार्ग पर तीसरी लाइन की परियोजना; न्यू सुमावली-जोरा अलापुर रेलवे लाइन में गॉज परिवर्तन परियोजना; और पोवारखेड़ा-जुझारपुर रेल लाइन फ्लाईओवर की परियोजना शामिल हैं। ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 1000 करोड़ रुपये की अनेक औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं में मुरैना जिले के सीतापुर में मेगा चमड़ा, जूते एवं सहायक उपकरण केंद्र; इंदौर में परिधान उद्योग के लिए प्लग एंड प्ले पार्क; औद्योगिक पार्क मंदसौर (जग्गाखेड़ी चरण-2); और धार जिले में औद्योगिक पार्क पीथमपुर का उन्नयन परियोजना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री कोयला क्षेत्र की 1000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं देश को समर्पित कीं। इनमें जयंत ओसीपी सीएचपी साइलो, एनसीएल सिंगरौली; और दुधिचुआ ओसीपी सीएचपी-साइलो शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में बिजली क्षेत्र को मजबूती प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री ने पन्ना, रायसेन, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों में स्थित छह सबस्टेशनों की आधारशिला रखी। इन सबस्टेशनों से प्रदेश के ग्यारह जिलों भोपाल, पन्ना, रायसेन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, हरदा और सीहोर के लोगों को लाभ मिलेगा। इस सबस्टेशनों से मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को भी लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने अमृत 2.0 के तहत लगभग 880 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं और राज्य के कई जिलों में जलापूर्ति प्रणालियों के संवर्धन और सुदृढ़ीकरण के लिए अन्य योजनाओं की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने खरगोन में जलापूर्ति बढ़ाने की परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित की।

सरकारी सेवाओं की प्रदायगी में सुधार लाने की दिशा में कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना संपूर्ण खसरे की बिक्री-खरीद का दाखिल खारिज (या म्‍यूटेशन) आदि से अंत तक कागत रहित और फेसलेस ऑनलाइन निपटान और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार सुनिश्चित करेगी। यह परियोजना, जो राज्य के सभी 55 जिलों में लागू की गई है, पूरे मध्‍य प्रदेश के लिए एक एकल राजस्व न्यायालय भी प्रदान करेगी। इसमें आवेदक को अंतिम आदेश की प्रमाणित प्रति भेजने के लिए ईमेल/व्हाट्सएप का भी उपयोग किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अन्य परियोजनाओं के अलावा मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का शुभारंभ मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक आर्थिक विकास और जीवन में सुगमता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के विजन को रेखांकित करता है।

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April 16, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, received a phone call from the President of France, Emmanuel Macron.

During the conversation, the two leaders discussed the prevailing situation in West Asia. They agreed on the urgent need to restore safety and ensure freedom of navigation in the Strait of Hormuz.

Both leaders reiterated their commitment to continue close cooperation in advancing peace and stability in the region and beyond.

The Prime Minister wrote on X;

“Received a phone call from my dear friend President Emmanuel Macron. We discussed the situation in West Asia and agreed on the need to urgently restore safety and freedom of navigation in the Strait of Hormuz.

We will continue our close cooperation to advance peace and stability in the region and beyond.

@EmmanuelMacron”