महतारी वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम किश्त का वितरण
छत्तीसगढ़ में राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को मासिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण(डीबीटी) के रूप में 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना
‘‘हमारी सरकार प्रत्येक परिवार की समग्र भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसका शुभारंभ महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से होता है।’’
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महतारी वंदना योजना शुरू की और योजना के तहत पहली किश्त का वितरण किया। यह योजना राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को मासिक मासिक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के रूप में 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ में शुरू की गई है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने, उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने, स्त्री-पुरुष समानता को बढ़ावा देने और परिवार में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए इसकी परिकल्पना की गई है।
यह योजना राज्य की सभी पात्र विवाहित महिलाओं को लाभ प्रदान करेगी जिनकी आयु 1 जनवरी 2024 तक 21 वर्ष से अधिक है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देवी मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां महामाया को प्रणाम किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य की अपनी हाल की यात्रा का स्मरण किया, जब उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। उन्होंने कहा कि आज सरकार ने महतारी वंदना योजना की पहली किश्त कुल 655 करोड़ रुपये का वितरण कर अपना वादा पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ी नारी शक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया और वहां उपस्थित न हो पाने के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने नागरिकों के कल्याण के लिए अपनी प्रार्थना भी व्यक्त की, जो उन्होंने कल रात काशी विश्वनाथ धाम में की थी। उन्होंने कहा, ‘‘ये 1000 रुपये तुम्हें हर महीने मिलेंगे। यह मोदी की गारंटी है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब माताएं और बहनें सुदृढ़ होती हैं तो परिवार सुदृढ़ होता है और माताओं और बहनों का कल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता है।’’ महिलाओं को उनके नाम पर पक्के मकान और उज्ज्वला गैस सिलेंडर मिल रहे हैं। 50 प्रतिशत जन-धन खाते महिलाओं के नाम पर हैं। 65 प्रतिशत मुद्रा ऋण महिलाओं को दिया गया है, 10 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं लाभान्वित हुई हैं और 1 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा करके रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नमो दीदी कार्यक्रम जीवन बदल रहा है और कल वह इस संबंध में एक बड़ा आयोजन करेंगे।
प्रधानमंत्री ने परिवार की भलाई के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर बल दिया कि महिलाओं की भलाई से ही एक स्वस्थ परिवार का निर्माण होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार हर परिवार की समग्र भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसकी शुरुआत महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से होती है।’’ उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर सहित गर्भवती महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इन चुनौतियों को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने कई प्रमुख उपायों की घोषणा की, जिनमें गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टीकाकरण और गर्भवती माताओं की सहायता के लिए गर्भावस्था के दौरान 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता शामिल है। उन्होंने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान पर भी जोर दिया।
उचित स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण पूर्व में महिलाओं को होने वाली कठिनाइयों पर विचार करते हुए, प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, ‘‘वे दिन गए जब हमारी बहनों और बेटियों को अपने घरों में शौचालयों की कमी के कारण दर्द और अपमान सहना पड़ता था।’’ उन्होंने हर घर में शौचालय उपलब्ध कराकर महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, ‘‘सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर अडिग है और उनकी पूर्ति सुनिश्चित करती है।’’ उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को दिए गए आश्वासनों को पूरा करते हुए महतारी वंदना योजना के सफल क्रियान्वयन पर बल दिया।
उन्होंने कहा, इसी तरह 18 लाख पक्के मकानों की गारंटी पर भी पूरी प्रतिबद्धता से काम किया जा रहा है।
कृषि सुधारों के संबंध में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के धान किसानों से किये गये वादे का सम्मान करते हुए किसानों को लंबित बोनस के समय पर भुगतान का आश्वासन दिया। उन्होंने किसानों को समर्थन देने के सरकार के प्रयासों की सराहना की, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर 3,700 करोड़ रुपये के बोनस का वितरण भी शामिल है।
सरकार की खरीद पहल पर प्रधानमंत्री ने पुष्टि की, ‘‘हमारी सरकार छत्तीसगढ़ में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चावल खरीदेगी।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने 145 लाख टन चावल की रिकॉर्ड खरीद की है और किसानों के प्रति प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। यह उपलब्धि इस दिशा में मील का पत्थर है।
अंत में, प्रधानमंत्री ने समावेशी विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सभी हितधारकों, विशेषकर महिलाओं के सहयोगात्मक प्रयासों पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सरकार की ओर से निरंतर समर्पण, सेवा, अपने वादों को पूरा करने और सभी के लिए प्रगति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, अन्य मंत्री और जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब बनेगी: असम के सिलचर में पीएम मोदी
March 14, 2026
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Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है; डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री
हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं; कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था, इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है: प्रधानमंत्री
राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।
संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है
साथियों,
बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।
लेकिन साथियों,
जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।
साथियों,
बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।
साथियों,
ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।
साथियों,
आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।
साथियों,
डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।
साथियों,
बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।
साथियों,
बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।
साथियों,
भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।
साथियों,
यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।
साथियों,
आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।
साथियों,
मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।
साथियों,
ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।
साथियों,
बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।
साथियों,
बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।
साथियों,
कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।
साथियों,
आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।
साथियों,
आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।
साथियों,
कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।
साथियों,
असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।
साथियों,
आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-