पिछले दस साल में अपने शरीर का कण-कण और समय का पल-पल आपकी सेवा में लगाया है: पीएम मोदी
हमारी सरकार, देश की पूरी ग्रामीण व्यवस्था में सहकारिता के दायरे को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध: पीएम मोदी
अब पंजे की लूट बंद, हमारी सरकार में दिल्ली से चली पाई-पाई लाभार्थी के खाते में पहुंचती है: माढा में पीएम मोदी
मैं आपका जीवन बदलना चाहता हूं और वे मुझे बदलना चाहते हैं: धाराशिव में पीएम मोदी
कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’ में अब फेक वीडियो बिकने लगे हैं: धाराशिव में पीएम मोदी
भारत को खंड-खंड में देखने वाले लोग, प्रधानमंत्री पद को भी खंड-खंड में बांटना चाहते हैं: लातूर में पीएम मोदी
मैं जब 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की बात करता हूं तो कांग्रेस के शहज़ादे को बुखार चढ़ जाता है: लातूर में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महाराष्ट्र में तीन जनसभाओं को संबोधित किया। उसकी पहले जनसभा माढा, दूसरी धाराशिव और तीसरी जनसभा लातूर में हुई। माढा को उन्होंने संतों की धरती बताते हुए कहा कि यहां के अनेक संतों का आशीर्वाद उनके ऊपर है, जिनकी प्रेरणा से आज वे विकसित भारत के लिए लोगों से आशीर्वाद मांगने आए हैं। पीएम ने कहा कि लोगों का प्यार ही मेरी पूंजी है। पिछले 10 साल में मोदी ने अपने शरीर का कण-कण, अपने समय का पल-पल लोगों की सेवा में लगाया है।

पीएम ने कहा आज देश और महाराष्ट्र के लोग मोदी सरकार के 10 साल और कांग्रेस सरकार के 60 साल में अंतर देख रहे हैं। जो कांग्रेस 60 साल में नहीं कर पाई, मोदी ने 10 साल में करके दिखाया है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस 60 साल से कह रही थी कि गरीबी हटाएंगे। मोदी ने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर दिखाया है। जब देश में मजबूत सरकार होती है, तो उसका ध्यान वर्तमान के साथ ही भविष्य की योजनाओं पर भी होता है’।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता जब प्यार देती है, तो कोई कसर नहीं छोड़ती। लेकिन अगर कोई अपना वचन पूरा नहीं करता, तो उसे भी याद रखती है। उन्होंने कहा, ‘15 साल पहले यहां एक बड़े नेता चुनाव लड़ने आए थे। कहते हैं तब उन्होंने डूबते सूरज की शपथ लेकर कहा था कि यहां सूखे से प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाएंगे। उन्होंने पानी पहुंचाया क्या ? एक वो दिन था और एक आज का दिन है, वो यहां से चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए’। पीएम मोदी ने कहा कि विदर्भ हो, मराठ-वाड़ा हो, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाने का ये पाप सालों साल से होता रहा है।

पीएम ने महाराष्ट्र को सहकारिता की धरती बताते हुए कहा कि हमारे शुगर को-ऑपरेटिव्स की किसानों को सशक्त करने में बहुत बड़ी भूमिका रही है। मोदी, देश की पूरी ग्रामीण व्यवस्था में सहकारिता के दायरे को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनडीए की दूसरी रैली धाराशिव में हुई। यहां उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारत के स्वाभिमान का है। उन्होंने कहा, ‘आज दुनिया, उस भारत को जानती है... जो दुनिया के विकास को गति दे रहा है’। पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी एक पहचान रही है- विश्वासघात, विश्वासघात, विश्वासघात। मराठ-वाड़ा की इस धरती को भी कांग्रेस ने एक ही चीज दी है...विश्वासघात, विश्वासघात, विश्वासघात। कांग्रेस 60 साल तक सत्ता में रही....लेकिन किसान के खेत में पानी नहीं पहुंचा पाई। किसानों से विश्वासघात का कांग्रेस का एक और तरीका रहा है। ये तरीका है- झूठे पैकेज देने का। इस पैकेज का लाभ असली किसान तक पहुंचता ही नहीं था। फिर ये पैसा कहां जाता था? ये पैसा कांग्रेस का पंजा छीन लेता था। मोदी ने ये खेल भी बंद कर दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी के लोग, किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन इन्होंने किया क्या, ये जानना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मैं हमारे सोयाबीन किसानों से कहूंगा कि मेरी बात ध्यान से सुनें। मोदी ने इस मोटे अनाज यानि मिलेट्स को श्रीअन्न का नाम दिया है। मोदी ने संकल्प लिया है...आपका जो ये श्री अन्न है, उसे दुनिया के कोने-कोने में डायनिंग टेबल पर पहुंचाउंगा’।

प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी जनसभा लातूर में हुई। यहां उन्होंने कहा कि ये चुनाव बड़े ध्येय का चुनाव है। ये बड़े लक्ष्यों का चुनाव है। पीएम ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री भी किश्तों में बनाना चाहते हैं, वो बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं क्या? इनका 5 साल में 5 पीएम बनाने का प्लान है। यानि बारी-बारी देश को लूटने की योजना है।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने आपको लूटने का भी एक बहुत खतरनाक प्लान बनाया है। कांग्रेस कहती है कि वो पहले देशवासियों की कमाई का एक्स-रे करेगी, फिर आपकी संपत्ति पर कब्जा करेगी और फिर उसे अपने वोट बैंक में बांट देगी। आप अपने बच्चों को जो संपत्ति विरासत में सौंपना चाहते हैं, उस पर कांग्रेस 55 परसेंट इनहेरिटेंस टैक्स लगाने की तैयारी में है। उन्होंने देश के फर्स्ट टाइम वोटर्स से भी देश में पिछले 10 साल में आए बदलान को जानने और समझने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लातूर की ये धरती हमें सिखाती है कि बड़ी से बड़ी आपदा से कैसे निकला जाता है। हमारे देश में भी करोड़ों-करोड़ लोग ऐसे रहे हैं जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत आपदा झेली है, संकट झेला है। ऐसे साथियों के लिए ही संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। लेकिन कांग्रेस अब SC/ST/OBC के आरक्षण को कम करके उसे अपने वोट बैंक को देना चाहती है। इसलिए महाराष्ट्र के लोगों को, लातूर के लोगों को कांग्रेस से बहुत सावधान रहना है।

पीएम ने कहा कि NDA सरकार सामाजिक न्याय को ताकत देने वाली है। कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले जो झूठी बातें फैलाते हैं, उनके मन में खोट है। कांग्रेस कभी भी किसी समस्या को खत्म करने का प्रयास नहीं करती। क्योंकि लोगों की परेशानी से ही वो वोटों की फसल काटती थी। लातूर, शिक्षा और स्किल का एक सेंटर है। बीते 10 वर्ष देश में शिक्षा और कौशल के सेक्टर में अभूतपूर्व उपलब्धियों के रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लातूर, आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी हब बनता जा रहा है। भाजपा का मिशन है कि हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर हों। भाजपा का संकल्प है कि हम मैन्युफेक्चरिंग में भी आत्मनिर्भर हों। इन दोनों लक्ष्यों को पाने में लातूर के किसान और लातूर के नौजवान की बड़ी भूमिका है। मराठ-वाड़ा रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना ने इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लातूर को विकसित भारत, विकसित महाराष्ट्र का अहम सेंटर बनाने के लिए आपको भारी मतदान करना है। आपको याद रखना, आपके सपने ही मोदी के संकल्प है।

माढा का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

धाराशिव का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

लातूर का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era

Media Coverage

India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!