इस बार तमिलनाडु की जनता इंडी अलायंस के अहंकार को तोड़ने का संकल्प ले चुकी है।
एक तरफ हमारा डेवलपमेंट का बेजोड़ ट्रैक रिकॉर्ड है तो दूसरी इंडी अलायंस के खाते में दर्ज घोटालों की लंबी फेहरिस्त है।
डीएमके और कांग्रेस दोनों ही तमिलनाडु की शाश्वत परंपराओं और संस्कृति के विरोधी हैं।
यहां तक कि जब हमारे मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद थे, तब भी उन्होंने कुछ नहीं किया और यह हमारी सरकार ही थी जो उन्हें सुरक्षित वापस ले आई।
डीएमके-कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ अपराध का समर्थन तथा अपने हित साधने के लिए मुद्दों का राजनीतिकरण करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की सभा में कहा कि यहां से जो लहर उठी है ये बहुत दूर तक जाने वाली है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की धरती पर बहुत बड़े परिवर्तन की आहट है। तमिलनाडु में बीजेपी का प्रदर्शन इस बार डीएमके और कांग्रेस के इंडी अलायंस का सारा घमंड तोड़कर रख देगा। डीएमके और कांग्रेस के घोटालों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके और कांग्रेस का इंडी अलायंस कभी भी इस राज्य को विकसित नहीं बना सकता। इन लोगों की हिस्ट्री घोटालों की है, इन लोगों की राजनीति का आधार लोगों को लूटने के लिए सत्ता में आना है। एक तरफ बीजेपी की कल्याणकारी स्कीम है, तो दूसरी तरफ इनके करोड़ों के स्कैम हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं 1991 में एकता यात्रा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर गया था और इस बार मैं कश्मीर से कन्याकुमारी आया हूं। देश को तोड़ने का सपना जो देखते हैं, जम्मू-कश्मीर के लोगों ने ऐसे लोगों को नकार दिया है। अब तमिलनाडु के लोग भी ऐसा ही करने जा रहे हैं।''

डीएमके और कांग्रेस के घोटाले और एनडीए सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमने ऑप्टिकल फाइबर और 5G दिया, हमारे नाम पर डिजिटल इंडिया स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम पर लाखों करोड़ रुपए का 2G स्कैम है। और डीएमके उस लूट की सबसे बड़ी हिस्सेदार थी। बीजेपी ने बड़ी संख्या में एयरपोर्ट बनाए, हमारे नाम पर उड़ान स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला हेलिकॉप्टर स्कैम है। हमारी खेलो इंडिया और TOPS स्कीम्स से देश ने खेलों में ऊंचा मुकाम हासिल किया। लेकिन उनके नाम पर CWG स्कैम का दाग है। हमने खनिज सेक्टर में Reforms को लागू किया। वहीं इंडी अलायंस के नाम पर कोल स्कैम की कालिख लगी है। ये लिस्ट बहुत लंबी है और यही इंडी अलायंस की सच्चाई है।

डीएमके-कांग्रेस गठबंधन किस तरह विकास कार्यों को लटकाती है, इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 साल पहले, अटल जी ने नॉर्थ-साउथ कॉरिडॉर की नींव रखी थी। इस कॉरिडोर के कन्याकुमारी-नारीकुलम ब्रिज का काम इन लोगों ने इतने वर्षों तक लटकाकर रखा। 2014 में जब भाजपा सरकार आई तब इसे पूरा किया गया। कन्याकुमारी और तिरुवनन्तपुरम फोरलेन रोड भी यहां की सरकारें बनने नहीं दे रही थीं। अतिरिक्त फंड देने के बाद ही इस पर काम शुरू हो पाया। कन्याकुमारी के लोग मार्तंडम और पार्वतीपुरम फ्लाइओवर के लिए भी वर्षों से मांग कर रहे थे। लेकिन, डीएमके और कांग्रेस ने एक नहीं सुना। जब बीजेपी केंद्र में आई, तब ये काम भी पूरा किया गया। यहां लोग 40 साल से डबल रेल ब्रिज का भी सपना देख रहे थे। उसे भी इन्होंने पूरा नहीं होने दिया। अब बीजेपी सरकार ये काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''हम तमिलनाडु का पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डवलप करने में भी जुटे हुए हैं। पिछले महीने ही मैंने चिदम्बरनार पोर्ट ‘आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल’ का शिलान्यास किया। फिशरमेन के लिए भी बीजेपी सरकार लगातार काम कर रही है। आधुनिक फिशिंग बोट्स के लिए आर्थिक मदद देकर और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में लाकर उनकी हर चिंता का समाधान करने का प्रयास किया गया है।''

तमिलनाडु में कनेक्टिविटी बेहतर करने की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि 10 वर्षों में राज्य में करीब-करीब 50 हजार करोड़ रुपये के हाइवे प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं और 70 हजार करोड़ रुपये के हाइवे प्रोजेक्ट्स पर काम भी चल रहा है। 2009 से 2014 तक, कांग्रेस-डीएमके सरकार दिल्ली में थी, उस समय हर साल तमिलनाडु को रेल विकास के लिए करीब-करीब सिर्फ 800 करोड़ रुपये देती थी वहीं बीजेपी सरकार ने इस साल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तमिलनाडु को करीब 6300 करोड़ रुपए दिए हैं।

डीएमके तमिलनाडु के भविष्य और विरासत के साथ किस तरह खिलवाड़ कर रही है, इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि डीएमके ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखने तक पर रोक लगाने का प्रयास किया था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगानी पड़ी थी। इससे पता चलता है कि इनके मन में हमारा देश, हमारी संस्कृति, हमारे महापुरुष, हमारी परंपरा के लिए कितनी नफरत है। इतना ही नहीं, जब दिल्ली में संसद की नई इमारत बनी तो, तमिल महान परंपरा के प्रतीक पवित्र सेंगोल को संसद के नए भवन में स्थापित किया गया। लेकिन डीएमके ने इसका भी बॉयकॉट किया। डीएमके और कांग्रेस तब भी चुप बैठे रहे थे जब जलिकट्टू पर पाबंदी लगी थी। वहीं एनडीए की सरकार ने इसे पूरे उत्साह के साथ मनाए जाने का रास्ता साफ किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''इंडी अलायंस तमिलनाडु के लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ की भी गुनहगार हैं। श्रीलंका में हमारे मछुआरे को फांसी की सजा दे दी गई थी। लेकिन हमने सभी मछुआरों को श्रीलंका में फांसी के फंदे से उतारकर वापस लेकर आए। हमारे मछुआरों को क्यों श्रीलंका की जेलों में जाना पड़ता है, इसका जिम्मेदार कौन है?'' उन्होंने कहा कि ये पाप कांग्रेस और DMK ने मिलकर किया है। दशकों से दोनों मिल कर देश की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। लेकिन अब देश इनको और नहीं सहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डीएमके और कांग्रेस, महिला विरोधी है। तमिलनाडु के लोग जानते हैं कि जयललिता जी के साथ डीएमके नेताओं ने कैसा व्यवहार किया था। राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। ये लोग महिलाओं के नाम पर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। जब बीजेपी सरकार महिला आरक्षण बिल लेकर आई तो इसमें सहयोग की जगह डीएमके नेताओं ने उस पर भी सवाल उठाए।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.