इस बार तमिलनाडु की जनता इंडी अलायंस के अहंकार को तोड़ने का संकल्प ले चुकी है।
एक तरफ हमारा डेवलपमेंट का बेजोड़ ट्रैक रिकॉर्ड है तो दूसरी इंडी अलायंस के खाते में दर्ज घोटालों की लंबी फेहरिस्त है।
डीएमके और कांग्रेस दोनों ही तमिलनाडु की शाश्वत परंपराओं और संस्कृति के विरोधी हैं।
यहां तक कि जब हमारे मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद थे, तब भी उन्होंने कुछ नहीं किया और यह हमारी सरकार ही थी जो उन्हें सुरक्षित वापस ले आई।
डीएमके-कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ अपराध का समर्थन तथा अपने हित साधने के लिए मुद्दों का राजनीतिकरण करते हैं।

भारत माता की, भारत माता की।
एन अन्बारंद तमिल सगोदर सगोदरिगडे वणक्कम !

आज कन्याकुमारी से, देश के इस दक्षिणी छोर से जो लहर उठी है, वो बहुत दूर तक जाने वाली है। अभी अन्नामलाई बड़े विस्तार से बता रहे थे, मैं 1991 में एकता यात्रा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर गया था और, इस बार मैं कश्मीर से कन्याकुमारी आया हूं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने देश को तोड़ने का सपना जो देखते हैं, जम्मू-कश्मीर के लोगों ने ऐसे लोगों को नकार दिया है। अब तमिलनाडु के लोग भी ऐसा ही करने जा रहे हैं। साथियों, मैं तमिलनाडु की धरती पर बहुत बड़े परिवर्तन की आहट देख रहा हूं। तमिलनाडु में बीजेपी का प्रदर्शन इस बार डीएमके और कांग्रेस के इंडी अलायंस का सारा घमंड तोड़कर रख देगा।

साथियों,
डीएमके और कांग्रेस का इंडी अलायंस कभी भी तमिलनाडु को विकसित नहीं बना सकता। इन लोगों की हिस्ट्री घोटालों की है, इन लोगों की राजनीति का आधार लोगों को लूटने के लिए सत्ता में आना है। एक तरफ बीजेपी की कल्याणकारी स्कीम होती हैं, दूसरी तरफ इनके करोड़ों के स्कैम होते हैं। हमने ऑप्टिकल फाइबर और 5G दिया, हमारे नाम पर डिजिटल इंडिया स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम पर लाखों करोड़ रुपए का 2G का स्कैम है। और डीएमके उस लूट की सबसे बड़ी हिस्सेदार थी। बीजेपी ने बड़ी संख्या में एयरपोर्ट बनाए, हमारे नाम पर उड़ान स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाला हेलिकॉप्टर स्कैम है। हमारी खेलो इंडिया और TOPS स्कीम्स से देश ने खेलों में ऊंचा मुकाम हासिल किया। लेकिन उनके नाम पर CWG स्कैम का दाग है। हमने खनिज सेक्टर में Reforms को लागू किया। इंडी अलायंस के नाम पर कोल स्कैम की कालिख लगी है। ये लिस्ट बहुत लंबी है और यही इंडी अलायंस की सच्चाई है।

साथियों,
कन्याकुमारी ने हमेशा बीजेपी को भरपूर प्यार दिया है। और इसीलिए, यहां की डीएमके-कांग्रेस गठबंधन कन्याकुमारी के लोगों को सजा देने का कोई मौका नहीं छोड़ती। आप एक के बाद एक इनकी हरकतें देखिए, 20 साल पहले, अटल जी ने नॉर्थ-साउथ कॉरिडॉर की नींव रखी थी। इस कॉरिडोर के कन्याकुमारी-नारीकुलम ब्रिज का काम इन लोगों ने इतने वर्षों तक लटकाकर रखा। 2014 में जब हमारी सरकार आई, तब हमने उसे पूरा किया। कन्याकुमारी और तिरुवनन्तपुरम फोरलेन रोड भी यहां की सरकारें बनने नहीं दे रही थीं। हमें इसके लिए अतिरिक्त फंड देना पड़ा, तब ये काम शुरू हो पाया। कन्याकुमारी के लोग मार्तंडम और पार्वतीपुरम फ्लाइओवर के लिए भी वर्षों से मांग कर रहे थे। लेकिन, डीएमके और कांग्रेस के लोगों ने एक बार भी नहीं सुना। जब बीजेपी केंद्र में आई, तब ये काम भी पूरा किया गया। यहां लोग 40 साल से डबल रेल ब्रिज का भी सपना देख रहे थे। उसे भी इन्होंने पूरा नहीं होने दिया। अब बीजेपी सरकार ये काम कर रही है।

साथियों,
हम तमिलनाडु का Port Infrastructure डवलप करने में भी जुटे हुए हैं। अभी पिछले महीने ही मैं थूथुकुडी आया था। वहां मैंने चिदम्बरनार पोर्ट ‘आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल’ का शिलान्यास किया था। हमारे फिशरमेन भाइयों के लिए भी बीजेपी सरकार लगातार काम कर रही है। चाहे वो आधुनिक फिशिंग बोट्स के लिए आर्थिक मदद देना हो या फिर उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में लाना, आपकी हर चिंता का हमने समाधान करने का प्रयास किया है। यहां के हमारे साथी श्रीमान ‘जॉय डी क्रूज’ ने भी फिशरमेन कम्यूनिटी के लिए जो काम किया है, मैं उसकी प्रशंसा करता हूं। और जब भी मैं उनको मिलता हूं, ऐसे अनेक विषयों पर उनसे मुझे बात करने का अवसर मिलता है।

साथियों
हम तमिलनाडु की connectivity को बेहतर बनाने के लिए रेलवेज और हाइवेज का नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। इन 10 वर्षों में तमिलनाडु में भी करीब-करीब Fifty Thousand Crore के हाइवे प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। Seventy Thousand करोड़ रुपये के हाइवे प्रोजेक्ट्स पर काम भी चल रहा है। 2009 से 2014 तक, कांग्रेस-डीएमके सरकार, दिल्ली में बैठी थी, हर साल तमिलनाडु को रेल विकास के लिए करीब-करीब सिर्फ Eight Hundred करोड़ rupees देती थी। बीजेपी सरकार ने इस साल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तमिलनाडु को करीब Sixty Three Hundred करोड़ रुपए दिये हैं।

साथियों,
डीएमके तमिलनाडु के भविष्य की ही दुश्मन नहीं है, डीएमके तमिलनाडु के अतीत की, उसकी विरासत की भी दुश्मन है। मैं अयोध्या में राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पहले तमिलनाडु आया था। मैंने यहां के प्राचीन तीर्थों के दर्शन किए थे। लेकिन डीएमके सरकार ने क्या किया? डीएमके ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखने तक पर रोक लगाने का प्रयास किया था। सुप्रीम कोर्ट को तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगानी पड़ी थी। आप कल्पना कीजिए, कि इनके मन में हमारा देश, हमारी संस्कृति, हमारे महापुरुष, हमारी परंपरा इन सब बातों के लिए कितनी नफरत है। इतना ही नहीं, जब दिल्ली में संसद की नई इमारत बनी तो, तमिल महान परंपरा के प्रतीक इस धरती के आशीर्वाद स्वरूप पवित्र सेंगोल को हमने संसद के नए भवन में स्थापित किया। लेकिन इन लोगों ने डीएमके वालों ने इसका भी बॉयकॉट किया, उन्हें सेंगोल की स्थापना भी पसंद नहीं आई। ये लोग अब गाली-गलौच पर उतर आए है। तमिलनाडु की पहचान को बदनाम कर रहे हैं। आप सोचिए, डीएमके और कांग्रेस तब भी चुप बैठे रहे थे जब जलिकट्टू पर पाबंदी लगी थी। ये लोग तमिल संस्कृति को नष्ट करना चाहते हैं। ये हमारी सरकार है, एनडीए की सरकार है जिसने जलिकट्टू को पूरे उत्साह के साथ मनाए जाने का रास्ता साफ किया। जलिकट्टू तमिलनाडु का गौरव है। जलिकट्टू हो, या तमिलनाडु की पहचान यहां की संस्कृति हो, जब तक मोदी है, इस पर आंच नहीं आने देगा। इदु मोदियिन् गारंटी।

साथियों,
ये दिल्ली में बैठे हुए लोगों की नींद खराब हो रही है कि कन्याकुमारी से आवाज उठ रही है। ये आपका प्यार, ये आपके आशीर्वाद सिर्फ मेरी ही नहीं, पूरे देश की ऊर्जा को नई ताकत दे रहे हैं।

साथियों,
इंडी अलायंस के ये लोग तमिलनाडु के लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ के भी गुनहगार हैं। और मैं बहुत जिम्मेवारी के साथ कह रहा हूं, ये गुनहगार हैं। आपको याद होगा, श्रीलंका में हमारे मछुआरे भाइयों को फांसी की सजा दे दी गई थी। ये मोदी चुप नहीं बैठा, ये मोदी सोता नहीं रहा, हर रास्ते का इस्तेमाल किया, डिप्लोमेटिक चैनल का इस्तेमाल किया, हर प्रकार का दबाव बनाया, और मेरे तमिलनाडु के भाइयों-बहनों, मैं उन सभी मछुआरों को श्रीलंका में फांसी के फंदे से उतारकर वापिस लेकरके आया हूं। हमारे मछुआरों को क्यों श्रीलंका की जेलों में जाना पड़ता है, इसका जिम्मेदार कौन है? किसने हमारे मछुआरों को, हमारे तमिल भाई बहनों को, और देश की जनता को इतने सालों तक किसने गुमराह किया है?

साथियों,
ये पाप न आपने किया है न हमने किया है। ये पाप कांग्रेस और DMK ने मिलकर किया है। दशकों से दोनों मिल कर देश की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। लेकिन अब देश इनको और नहीं सहेगा। मेरे तमिल परिवारजन अब और नहीं सहेंगे। मेरे मछुआरे भाई-बहन अब और नहीं सहेंगे। कांग्रेस और DMK, दोनों को अपने इन पापों का हिसाब जल्द ही देना होगा। हिसाब मांगोगे ना?

साथियों,
केंद्र की NDA सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी शक्ति से काम कर रही है। और मुझे खुशी है कि आज मंच पर भी बहुत बड़ी मात्रा में महिलाएं नेतृत्व की ताकत दिखा रही है। लेकिन भाइयों-बहनों, डीएमके कांग्रेस के लोग महिलाओं को केवल धोखा देना जानते हैं, उनका अपमान करना जानते हैं। तमिलनाडु के लोग जानते हैं कि जयललिता जी के साथ डीएमके नेताओं ने कैसा व्यवहार किया था। डीएमके में वही संस्कृति अब भी जारी है। तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। ये लोग महिलाओं के नाम पर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। जब हम महिला आरक्षण बिल लेकर आए, तो इसमें सहयोग की जगह डीएमके नेताओं ने उस पर भी सवाल उठाए। डीएमके और कांग्रेस, महिला विरोधी है और यही इनका असली चेहरा है।

साथियों,
मुझे तमिलनाडु में आपका इतना प्यार मिलता है, इतने आशीर्वाद मिलते हैं, आप इतनी बड़ी तादाद में आते हैं, लेकिन, मुझे ये तकलीफ भी रहती है कि मैं तमिल भाषा नहीं सीख पाया। थोड़ा-बहुत समझ लेता हूं। मुझे इसकी तकलीफ है। लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए हमने technology की मदद लेना शुरू किया है। अब आप सोशल मीडिया साइट एक्स पर...नमो इन तमिल हैंडल पर भी मेरी बात सुन सकते हैं। और वो तमिल में सुन सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि काफी हद तक 95 परसेंट मैं कह सकता हूं। मैं इसके जरिए आप तक अपनी बात पहुंचाऊंगा। और बाद में मैं अन्नामलाई को कहूंगा कि वो आपको, ये टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है, आपको क्या करना है, कैसे मोदी का तमिल भाषा में सुन सकते हैं, वो अन्नामलाई समझाएंगे आपको। आपके इस आशीर्वाद के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरे ये प्रयास आपके आशीर्वाद से सफल होगा। क्या आपलोग इसको डाउनलोड करके तमिल में मेरे मन की बात सुनेंगे। औरों को भी सुनने के लिए बताएंगे। हरेक को मोबाइल पर सिखाएंगे कि कैसे सुनना चाहिए। ये मोदी जो तमिल में कोशिश कर रहा है न, आप तमिल भाषा का सम्मान कर रहे हैं। आप… मोदी का तमिल के प्रति प्यार है उसका सम्मान कर रहे हैं। और इसलिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
बहुत-बहुत धन्यवाद, वणक्कम।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.