"आप 'अमृत पीढ़ी' का प्रतिनिधित्व करते हैं जो एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेगी"
“जब सपने संकल्प में बदलते हैं और उसके प्रति जीवन समर्पित किया जाता है तो सफलता सुनिश्चित होती है। भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है”
"भारत का समय आ गया है"
"युवा शक्ति भारत की विकास यात्रा की प्रेरक शक्ति है"
"जब देश युवाओं की ऊर्जा और उत्साह से भरा हो, तो उस देश की प्राथमिकता हमेशा उसके युवा ही होंगे"
"यह विशेष रूप से रक्षा बलों और एजेंसियों में देश की बेटियों के लिए अपार संभावनाओं का समय है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में वार्षिक राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी पीएम रैली को संबोधित किया। इस वर्ष एनसीसी अपनी स्थापना का 75वां वर्ष मना रहा है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 75 सफल वर्षों के उपलक्ष्य में एक विशेष डे कवर और 75 रुपये मूल्यवर्ग का विशेष रूप से ढाला हुआ एक स्मारक सिक्का जारी किया। कन्याकुमारी से दिल्ली-एकता की मशाल को प्रधानमंत्री को सौंप कर करियप्पा मैदान में प्रज्ज्वलित की गई। रैली को दिन और रात के हाइब्रिड कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया और इसमें 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' विषय पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल किया गया था। वसुधैव कुटुम्बकम की सच्ची भारतीय भावना में, 19 अन्य देशों के 196 अधिकारियों और कैडेट्स को समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।

 

प्रधानमंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और एनसीसी दोनों इस वर्ष अपनी 75 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। श्री मोदी ने उन लोगों के प्रयासों की प्रशंसा की जिन्होंने एनसीसी का नेतृत्व करके और इसका हिस्सा बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कैडेट्स से कहा कि एनसीसी कैडेट और राष्ट्र के युवा दोनों के रूप में वे देश की 'अमृत पीढ़ी' का प्रतिनिधित्व करते हैं जो आने वाले 25 वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे और एक 'विकसित' और 'आत्मनिर्भर भारत'' बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने 60 दिनों तक रोजाना 50 किलोमीटर की दूरी तय करके कन्याकुमारी से दिल्ली तक का सफर पूरा करने के लिए एकता की मशाल के लिए कैडेट्स की सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि इस मशाल और शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड में एनसीसी कैडेट्स के भाग लेने का जिक्र करते हुए पहली बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड की विशेषता पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को राष्ट्रीय समर स्मारक, पुलिस स्मारक, लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय, प्रधानमंत्री संग्रहालय, सरदार पटेल संग्रहालय और डॉ. भीम राव अंबेडकर संग्रहालय जैसे स्थानों का दौरा करने का भी सुझाव दिया ताकि वे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन प्राप्त कर सकें।

प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्र को संचालित करने वाली प्रमुख ऊर्जा के रूप में युवाओं की प्रमुखता पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “जब सपने संकल्प में बदलते हैं और उसके प्रति जीवन समर्पित किया जाता है तो सफलता सुनिश्चित होती है। भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है। हर जगह यह स्पष्ट है कि भारत का समय आ गया है। पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है और यह सब भारत के युवाओं के कारण है।”प्रधानमंत्री ने आगामी जी-20 अध्यक्षता के लिए युवाओं के उत्साह पर गर्व व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "जब देश युवाओं की ऊर्जा और उत्साह से भरा होता है, तो उस देश की प्राथमिकता हमेशा उसके युवा ही होंगे।" प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा, जो उन्हें उनके सपनों को हासिल करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने रेखांकित करते हुए कहा कि देश के युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों को खोला जा रहा है, चाहे वह डिजिटल क्रांति हो, स्टार्ट-अप क्रांति हो या इनोवेशन क्रांति, इन सबका सबसे बड़ा लाभ भारत के युवाओं को ही तो हो रहा है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए यह बताया कि असॉल्ट राइफलें और बुलेट प्रूफ जैकेट भी भारत में आयात किए जाते थे, लेकिन वर्तमान में भारत सैकड़ों रक्षा उपकरणों का निर्माण कर रहा है। उन्होंने तेजी से हो रहे सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के काम को भी रेखांकित किया और कहा कि यह भारत के युवाओं के लिए अवसरों और संभावनाओं की एक नई दुनिया खोलेगा।

प्रधानमंत्री ने युवाओं की क्षमताओं पर भरोसा करने के सकारात्मक परिणामों के उदाहरण के रूप में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जैसे ही युवा प्रतिभाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाजे खुले, पहले निजी उपग्रह के प्रक्षेपण जैसे शानदार परिणाम प्राप्त हुए। इसी तरह, गेमिंग और एनिमेशन क्षेत्र भारत के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार कर रहा है। ड्रोन तकनीक का लाभ मनोरंजन, लॉजिस्टिक्स से लेकर कृषि तक नए क्षेत्रों को भी हो रहा है।

रक्षा बलों और एजेंसियों के साथ जुड़ने की युवाओं की आकांक्षा के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विशेष रूप से देश की बेटियों के लिए अपार संभावनाओं का समय है। उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों में महिलाओं की संख्या दोगुनी हुई है। श्री मोदी ने कहा कि सीमाओं पर तीनों सेनाओं की महिलाओं की तैनाती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने नौसेना में नाविकों के रूप में महिलाओं की पहली भर्ती की घोषणा की। श्री मोदी ने कहा कि महिलाओं ने सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में प्रवेश करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि महिला कैडेट्स के पहले बैच ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी-एनडीए, पुणे में प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा कि 1500 लड़कियों को सैनिक स्कूलों में प्रवेश दिया गया है क्योंकि इन स्कूलों को पहली बार छात्राओं के लिए खोला गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी ने भी पिछले एक दशक में महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है।

प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति की ताकत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश के सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों से एक लाख से अधिक कैडेट्स को नामांकित किया गया है और विश्वास व्यक्त किया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में युवा राष्ट्र के विकास के लिए एक साथ आते हैं, तो कोई भी उद्देश्य अजेय नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि कैडेट व्यक्तिगत रूप से और एक संस्था के रूप में राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय देश के लिए कई वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देने का मार्ग अपनाया था, लेकिन आज देश के लिए जीने का जज्बा ही देश को नई ऊंचाईयों तक ले जाता है।

प्रधानमंत्री ने मतभेद पैदा करने और लोगों के बीच खाई पैदा करने के प्रयासों के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी दी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "मतभेद पैदा करने के इस तरह के प्रयासों के बावजूद भारत के लोगों के बीच कभी मतभेद पैदा नहीं होंगे।" उन्होंने कहा 'मां के दूध में कभी दरार नहीं हो सकती'। एकता का यह मंत्र परम औषधि है। एकता का मंत्र संकल्प भी है और भारत की ताकत भी है। यही एकमात्र तरीका है जिससे भारत भव्यता हासिल करेगा।”

प्रधानमंत्री ने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि यह केवल भारत का अमृत काल नहीं है, बल्कि भारत के युवाओं का अमृत काल है और जब राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा, तो वे युवा ही होंगे जो सफलताओं के शिखर पर होंगे। श्री मोदी ने अंत में कहा, "हमें कोई अवसर नहीं गंवाना चाहिए और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।"

केंद्रीय रक्षा मंत्री, श्री राजनाथ सिंह, एनसीसी के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान, थल सेना अध्यक्ष, जनरल मनोज पांडे, नौ सेना अध्यक्ष, एडमिरल आर हरिकुमार, वायु सेना अध्यक्ष और रक्षा सचिव श्री गिरधर अरमाने इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

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प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की उन्नति और कल्याण के लिए सामूहिक शक्ति और संकल्प पर जोर देते हुए संस्कृत सुभाषितम् पर जोर दिया
March 11, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam emphasising on collective strength and resolve for progress and well-being of the nation:

“स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।

पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥”

The Prime Minister said that boundless strength of the people of India is the axis of the nation's development. Through our capabilities and mutual trust, we have realized every resolve and will continue to do so in the future.

The Subhashitam conveys that, may we continuously walk on the auspicious path like the sun and the moon. May we move forward together with mutual nonviolence, harmony, and wisdom, and with each others’ support towards progress and well-being.

The Prime Minister wrote on X;

“भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।

स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।

पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥”