Your Excellency, राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिन्घे,

दोनों देशों के डेलीगेट्स,
Media के सभी साथी,
नमस्कार!
आयु बोवन!
वणक्कम्!

मैं राष्ट्रपति विक्रमसिन्घे और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। आज राष्ट्रपति विक्रमसिन्घे अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा कर रहे हैं। इस अवसर पर मैं उन्हें हम सभी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। पिछला एक वर्ष, श्रीलंका के लोगों के लिए चुनौतियों से भरा रहा है।एक निकटतम मित्र होने के नाते, हमेशा की तरह, हम इस संकट के काल में भी श्रीलंका के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।और जिस साहस के साथ, उन्होंने इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, उसके लिए मैं श्रीलंका के लोगों का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ।

Friends,

हमारे संबंध हमारी सभ्यताओं की तरह ही प्राचीन भी है और व्यापक भी हैं। भारत की "Neighbourhood First” पॉलिसी और "सागर” विज़न, दोनों में भी श्रीलंका का एक महत्वपूर्ण स्थान है। आज हमने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। हमारा मानना है, कि भारत और श्रीलंका के सुरक्षा हित और विकास एक दूसरे से जुड़ें हैं। और इसलिए, यह आवश्यक है कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा और संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए साथ मिलकर काम करें।

Friends,

आज हमने हमारी Economic Partnership के लिए एक विज़न डॉक्यूमेंट अपनाया है। यह विज़न है - दोनों देशों के लोगों के बीच Maritime, Air, Energy और people-to-people connectivity को मजबूती देने का। यह विज़न है - Tourism, Power, Trade, उच्च शिक्षा, और Skill Development में आपसी सहयोग को गति देने का।यह विज़न है - श्रीलंका के प्रति भारत के long-term कमिटमेंट का।

Friends,

हमने तय किया है कि Economic and Technological Cooperation Agreement पर शीघ्र ही बातचीत शुरू की जाएगी। इससे दोनों देशों के लिए व्यापार और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी।हम भारत और श्रीलंका के बीच हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सहमत हैं। व्यापार और लोगों का आवागमन बढ़ाने के लिए, तमिलनाडु के नागपट्टनम और श्रीलंका के कांके-संतुरई के बीच Passenger Ferry Services शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है।

हमने तय किया है, कि दोनों देशों के बीच electricity grids को connect करने के काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।भारत और श्रीलंका के बीच, पेट्रोलियम पाइपलाइन के लिए Feasibility study की जाएगी।इसके अलावा, एक land bridge की feasibility को भी जांचने का निर्णय लिया गया। आज श्रीलंका में UPI को launch करने के लिए हुए समझौते से Fintech connectivity भी बढ़ेगी।

Friends,

आज हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं, कि हमें इस मामले में एक मानवीय approach के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमने श्रीलंका में reconstruction और reconciliation पर भी बात की। राष्ट्रपति विक्रमसिन्घे ने अपने समावेशी दृष्टिकोण के बारे में मुझे बताया। हम आशा करते हैं कि श्रीलंका सरकार तमिलों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।समानता, न्याय और शांति के लिए पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।तेरहवें संशोधन का implementation और Provincial Council Elections कराने की अपनी प्रतिबद्धता को पूर्ण करेगी।और, श्रीलंका के तमिल समुदाय के लिए respect और dignity की जिंदगी सुनिश्चित करेगी।

Friends,

यह वर्ष हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए विशेष महत्त्व रखता है। हम अपने डिप्लोमेटिक संबंधों की पचहत्तरवीं वर्षगांठ मना रहें हैं। साथ ही, भारतीय मूल का तमिल समुदाय, श्रीलंका में अपने आगमन के 200 वर्ष पूरे कर रहा है।मुझे यह कहते हुए खुशी है, कि इस अवसर पर, श्रीलंका के भारतीय मूल के तमिल नागरिकों के लिए 75 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न प्रोजेक्ट्स कार्यान्वित किये जाएंगे।इसके साथ-साथ, भारत श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में भी विकास कार्यक्रमों में योगदान देगा।

Excellency,

एक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध श्रीलंका न केवल भारत के हित में है, बल्कि पूरे Indian Ocean Region के हित में है।मैं एक बार फिर आश्वासन देता हूँ, कि श्रीलंका के लोगों की इस संघर्ष की घड़ी में भारत के लोग उनके साथ हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने धैर्य और दृढ़ता की शक्ति को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 08, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi said that courage is the greatest strength of a nation. He noted that it inspires the country to remain united even in the face of difficult challenges and to move steadily towards progress, prosperity and self-reliance.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः।

कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः।। ”

The Subhashitam conveys that even mountains, lashed by tempestuous winds, are shaken and set in motion at the time of dissolution; yet amid the gravest trials, the mind of the steadfast remains unwavering and undisturbed.

The Prime Minister wrote on X;

“धैर्य किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। इससे कठिन चुनौतियों के बीच भी देश को एकजुट रहने के साथ ही प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः।

कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः।।”