Your Excellency राष्ट्रपति जी,
दोनों देशों के delegates,
Media के सभी साथी,

नमस्कार !
कालीम्मेरा !

सबसे पहले मैं भव्य स्वागत और आतिथ्य-सत्कार के लिए राष्ट्रपति जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ। कल, जब से मैंने साइप्रस की धरती पर कदम रखा है, राष्ट्रपति जी और यहाँ के लोगों ने जो अपनापन और स्नेह दिखाया, वह सीधे दिल को छू गया।

अभी कुछ देर पहले, मुझे साइप्रस के इतने बड़े सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और साइप्रस की अटूट मित्रता की मोहर है। इसके लिए मैं एक बार फिर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

साइप्रस के साथ हम अपने संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। लोकतंत्र और rule of law जैसे मूल्यों में साझा विश्वास, हमारी साझेदारी के मजबूत आधार हैं। भारत और साइप्रस की मित्रता न परिस्थितियों से बनी है, और ना ही सीमाओं से बंधी है।

ये समय की कसौटी पर बार-बार परखी गई है। और समय के हर दौर में हमने सहयोग, सम्मान और समर्थन इस भावनाओ को जीवंत रखा है। हम एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं।

Friends,

दो दशक से भी लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा हो रही है। और ये आपसी संबंधों में एक नया अध्याय लिखने का एक स्वर्णिम अवसर है। आज राष्ट्रपति जी और मैंने, द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।

साइप्रस के ‘विज़न 2035’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के कई पहलुओं में समानता है। इसीलिए हम साथ मिलकर भविष्य को आकार देंगे। अपनी साझेदारी को स्ट्रेटेजिक दिशा देने के लिए हम अगले पाँच वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप बनायेंगे।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूती देने के लिए द्विपक्षीय Defence Cooperation प्रोग्राम के तहत रक्षा उद्योग पर बल दिया जायेगा। साइबर और मैरीटाइम सिक्योरिटी पर अलग से dialogue शुरू किया जायगा।

क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के विरुद्ध भारत की लड़ाई में साइप्रस के सतत समर्थन के लिए हम बहुत-बहुत आभारी हैं। आतंकवाद, drugs और arms की तस्करी की रोकथाम के लिए, हमारी एजेंसीज के बीच real time information exchange का मैकेनिज्म तैयार किया जायेगा। हम दोनों सहमत हैं कि हमारे आपसी व्यापार और निवेश में बहुत पोटेंशियल है।

कल राष्ट्रपति जी के साथ मैंने, दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को लेकर बिज़नेस जगत में एक उत्साह और Synergy को महसूस किया। हम एक पारस्परिक लाभकारी, भारत और EU Free Trade Agreement को साल के अंत तक संपन्न करने के लिए काम कर रहे हैं।

इस साल ‘भारत, साइप्रस और ग्रीस बिजनेस और इन्वेस्टमेंट काउंसिल भी launch किया गया है। इन initiatives से दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और निवेश को भी बल मिलेगा।

Technology, इनोवेशन, health, agriculture, renewable energy, climate justice जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर भी विस्तार से बात हुई। साइप्रस में योग और आयुर्वेद के प्रसार को देखकर हम उत्साहित हैं।

भारतीय tourists के लिए भी साइप्रस एक पससंदीदा डेस्टिनेशन है। उनके लिए Direct air connectivity बनाने पर जोर दिया जायेगा। हमने निश्चय किया कि Mobility Agreement को जल्द पूरा करने के लिए काम किया जाएगा।

Friends,

यूरोपियन यूनियन में साइप्रस हमारा विश्वसनीय पार्टनर है। अगले वर्ष, साइप्रस की यूरोपियन यूनियन अध्यक्षता के लिए हम शुभकामनाएं देते हैं। हमें विश्वास है कि आपकी अध्यक्षता में भारत और EU संबंधों में नए आयाम जुड़ेंगे।

UN को समकालीन बनाने के लिए जरूरी reforms को लेकर हमारे विचारों में समानता है। साइप्रस द्वारा सिक्योरिटी council में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए हम आपके आभारी हैं।

पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे conflicts को लेकर हम दोनों ने चिंता व्यक्त की है। इनका नकारात्मक प्रभाव केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है। हम दोनों मानते हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है।

संवाद से समाधान, और स्थिरता की बहाली ये मानवता की पुकार है । मेडिटरेनीयन क्षेत्र के साथ connectivity बढ़ाने पर भी हमने बात की। हम सहमत हैं कि India, Middle East, Europe Economic Corridor से क्षेत्र में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

राष्ट्रपति जी,

मैं आपको भारत यात्रा के लिए सादर निमंत्रित करता हूँ। आशा करता हूँ जल्द ही भारत में आपका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

एक बार फिर, इस विशिष्ट आतिथ्य और सम्मान के लिए, बहुत बहुत धन्यवाद।

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BAPS Swaminarayan Temple in Paris: PM Modi calls pran pratishtha a new era for India-France cultural relations

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स्वामी नारायण मंदिर का उद्घाटन भारत- फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ: पीएम मोदी
September 06, 2026
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!