आपने 5 साल तक डबल इंजन की सरकार का काम देखा है। गरीब का विकास हो, मूलभूत सुविधाएं मिलें, इसे हमने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है : पीएम मोदी
वंशवादी अब जान गए हैं कि उनकी नाव डूब गई है, इसलिए वे अब ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष दे रहे हैं: यूपी की रैली में पीएम मोदी
पिछली सरकार में माफिया और जबरन वसूली करने वालों के कारण क्षेत्र का विकास रुका हुआ था: यूपी के कासगंज में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कासगंज में आयोजित रैली में अपने संबोधन की शुरुआत ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ की। सीएम योगी ने लता मंगेशकर के नाम पर अयोध्या में एक चौराहे का नामकरण करने की घोषणा की है। इसके साथ ही फिल्म सिटी में लता मंगेशकर अकादमी बनाने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा, “आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत की एकता क्या है? लता मंगेशकर जी गोवा की बेटी, उनका पैतृक विस्तार गोवा, राम की भक्त, राम से जुड़े भजनों को अमर कर दिया, अयोध्या में एक चौराहे का नाम लता मंगेशकर जी के नाम पर करना निश्चित रूप से एक नेक कार्य है । मैं समझता हूं, जो भी राम मंदिर के दर्शन के लिए आएगा वो यहीं से निकलेगा तो लता मंगेशकर जी के भजन भी याद आएंगे। दूसरा योगी जी का फिल्म सिटी बनाने का सपना है, युवाओं को फिल्म जगत में अवसर मिले इसके लिए लता मंगेशकर अकादमी बनाकर नई पीढ़ी को तैयार करने का काम जो किया है उसके लिए योगी जी आपको, आपकी सरकार को और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।“

प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्य तिथि पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश की धरती का रत्न बताया। मोदी ने कहा कि उनका पूरा जीवन अंत्योदय के लिए समर्पित रहा, दीन-हीन के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कासगंज के साथ बाबू जी यानि प्रदेश के पूर्व यशस्वी मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जुड़ाव और उनके साथ अपने लगाव की चर्चा की। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह जी के साथ उनका बहुत गहरा संबंध रहा है, उनकी उंगली पकड़ कर चलने का सौभाग्य मिला। उन्हीं की प्रेरणा से भाजपा, निरंतर गरीबों, दलितों, पिछड़ों और जनता-जनार्दन की सेवा में दिन-रात जुटी हुई है।

पहले चरण के मतदान की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यूपी में पहले चरण के मतदान के लिए जिस प्रकार लोगों ने भारी संख्या में घरों से निकलकर यूपी को सुरक्षित रखने के लिए, यूपी के विकास के लिए कमल को वोट दिया है। विशेष रूप से हमारी बहन-बेटियों ने जिस प्रकार जमकर मतदान किया है। इससे साफ है कि पहले चरण में भाजपा का परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि आपने पांच साल तक डबल इंजन की सरकार का काम देखा है, आपने हमें परखा है। गरीब का विकास हो, गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलें, इसे हमने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गरीबों की सरकार ने गरीबों की जिंदगी सुधारने के लिए, उनके जीवन में विश्वास पैदा करने के लिए, पल-पल गरीबों की चिंता करने वाली इस डबल इंजन की सरकार ने उनके इन इरादों को सफल नहीं होने दिया। योगी जी की सरकार ने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का जाल बिछा दिया है। मेरा सौभाग्य था एक साथ 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करने का मुझे मौका मिला, ये हिंदुस्तान में कभी नहीं हुआ है, जो योगी जी की सरकार में हो रहा है। डबल इंजन की सरकार ने One Nation, One Ration Card की भी व्यवस्था की है। और उसके कारण यूपी के जो परिवार दूसरे राज्यों में गए हैं, उनको अब वहां भी इसी राशन कार्ड से राशन मिलेगा। उत्तर प्रदेश के व्यक्ति कहीं बाहर रोजी-रोटी के लिए गया है तो उसकी रोजी-रोटी की चिंता हमारी सरकारें करती हैं।”



पीएम मोदी ने एक वोट की ताकत के बारे में बताते हुए कहा कि आपके एक वोट की ही ताकत है, जो गरीबों का भला करती है। आपका दिया हुआ एक-एक वोट यूपी की तस्वीर बदल सकता है। इसलिए मैं यूपी के लोगों को सावधान भी करना चाहता हूं। इस क्षेत्र के जिन गांवों को इन लोगों ने बेसहारा छोड़ दिया था, उनको डबल इंजन की सरकार ने अच्छी सड़कें दी हैं, नदी पर अच्छे पुल दिए हैं। एटा में 11 हज़ार करोड़ रुपये का बिजली प्रोजेक्ट लगा है। हजारों करोड़ रुपये का बजट कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाने के लिए तय किया गया है। किसान उत्पादक संघों यानि FPO’s में छोटे किसानों को संगठित कर फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने में मदद दी जा रही है। हमारी सरकार ने पशुपालकों और मछली पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी है। इससे उन्हें कम ब्याज पर बैंक से लोन मिल सकता है। यूपी में जो बायोगैस प्लांट का नेटवर्क तैयार हो रहा है, वो किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक और जरिया बनेगा। ये सब इसलिए हो पाया है क्योंकि आज आपके पास एक ऐसा मुख्यमंत्री है जिनपर विरोधियों ने भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की हिम्मत नहीं की है। उन्होंने कहा कि जहां डर होता है वहां विकास संभव नहीं होता है। कानून व्यवस्था स्थापित करना कोई छोटी बात नहीं है। जहां सालों-साल से हालात बिगड़े हुए हों, वहां दशकों-दशक निकल जाते हैं, लेकिन कानून का राज स्थापित नहीं होता है। बहुत मेहनत करनी पड़ती है, योगी जी ने ऐसी कठिन परिस्थिति से उत्तर प्रदेश को बाहर लाकर 5 साल के भीतर कानून का राज स्थापित करने में सफलता पाई है।

अपने संबोधन के दौरान प्रदेश में कृषि और उद्योग क्षेत्र में किए कार्यों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “खेती और छोटे उद्योग आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत हैंं। कोरोना के इस संकटकाल में डबल इंजन की सरकार ने खेती और छोटे उद्योगों के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं। कोरोना के कारण खाद की सप्लाई चेन खत्म हो जाने से खाद और कीटनाशकों की सप्लाई भी बहुत प्रभावित हुई। दुनिया के मार्केट में अनेक गुना कीमत बढ़ गई है। लेकिन हमारी संवेदनशील सरकारों ने छोटे किसानों पर बोझ न आए इसकी चिंता की। सारा बोझ सरकार ने झेला लेकिन किसानों को कम पैसों में सब कुछ उपलब्ध कराया। इस बजट में भी एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खाद सब्सिडी के लिए रखा है, ताकि आगे अगर कोई आफत आए तो मेरे किसानों को कोई मुसीबत न आ जाए, इसका प्रबंध हमने अभी से किया है। छोटे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से जो हजारों रुपये इस दौरान मिले हैं उससे भी उनकी बहुत बड़ी मदद हुई है। छोटे किसान के लिए जरूरत के समय उनके खातों में 2 हजार रुपये जमा हो जाते हैं। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के किसानों ने रिकार्ड उत्पादन करके दिखाया है, इतना ही नहीं सरकार ने भी किसानों से एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की है। डबल इंजन की सरकार ने लघु उद्योगों को एमएसएमई को बचाने के लिए भी निरंतर प्रयास किया है। कोरोना काल में करीब ढाई लाख करोड़ रुपये छोटे उद्योग को दिए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस प्रयास से लघु उद्योगों में काम करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों का रोजगार जाने से बचा है। 13 लाख से ज्यादा लघु उद्योगों को हमारी सरकार ने बंद होने से बचाया है। इस संकटकाल में इतना बड़ा काम हुआ है। केंद्र सरकार की योजना की वजह से यूपी के लघु उद्यमियों को भी करीब 19 हजार करोड़ रुपया मिला है, ताकि हमारे गरीबों की रोजी-रोटी चालू रहे, देश में उत्पादन का काम चलता रहे।”



अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज यूपी के लोगों के पास डबल इंजन की ऐसी सरकार है जो लोकल के लिए वोकल है। योगी जी ने जो वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना शुरू की है आज चारों तरफ उसकी वाहवाही हो रही है। इससे हींग, चूड़ियां, कपड़े, फर्निचर, ऐसे उत्पादों को भी बहुत बढ़ावा मिला है। क्योंकि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट ने ग्लोबल लेवल के मार्केट की संभावनाएं पैदा की हैंं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीब, किसान, मजदूर, दलित, पिछड़ों के लिए जो सुरक्षा कवच दिया है वो पहले कभी नहीं था। हमारी सरकार ने देश के करोड़ों गरीबों को चार लाख रुपये तक के जीवन और दुर्घटना बीमा की सुविधा दी है। 60 वर्ष होने के बाद गरीब को पेंशन का सहारा मिले इसके लिए भी हमारी सरकार ने बहुत बड़ी पेंशन योजना लागू की है। इस योजना के तहत गरीबों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की सुविधा है। बुढ़ापे में रोजी-रोटी की तकलीफ न हो इसकी व्यवस्था है। आज करोड़ों गरीब लोग इस योजना से जुड़े हैं। पहली बार देश के असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को हमने श्रम कार्ड दिया है, पहली बार देश में रेड़ी-पटरी-ठेले वाले साथी को भी बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है। गरीबों की सरकार जब होती है तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के तहत काम करती है। पीएम ने कहा कि विकास के इस सिलसिले को आगे बढ़ाना है मजबूत करना है। यूपी को दंगों और दबंगों से हमें दूर रखना है। इसके लिए कमल के फूल पर भारी संख्या में मतदान करना है। सभी मतदाताओं का अभिनंदन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं उत्तर प्रदेश के सभी मतदाताओं से यही कहूंगा कि पहले मतदान, फिर जलपान।”

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कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में ₹24,815 करोड़ की दो रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी
April 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 24,815 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में निम्नलिखित शामिल हैं:

परियोजना का नाम

मार्ग की लंबाई (किमी में)

ट्रैक की लंबाई (किमी में)

पूर्ण होने की लागत (रुपये करोड़ में )

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन

403

859

14,926

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन

 

198

 

458

 

9,889

कुल

601

1,317

24,815

 

इस बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्‍टीट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को सुव्यवस्थित करेंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नए भारत की परिकल्‍पना के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मुख्‍य योजना के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश राज्यों के 15 जिलों को कवर करने वाली ये 02 (दो) परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 601 किलोमीटर तक बढ़ाएंगी।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा, जिनमें दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद (अमरोहा), नैमिषारण्य (सीतापुर), अन्नवरम, अंतर्वेदी, द्रक्षरामम आदि शामिल हैं।

प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, अनाज, सीमेंट, पीओएल, लोहा और इस्पात, कंटेनर, उर्वरक, चीनी, रासायनिक लवण, चूना पत्थर आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन का साधन होने के नाते, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने में मदद करेगा, जिससे कार्बन डाइऑक्‍साइड के उत्सर्जन (180.31 करोड़ किलोग्राम) में कमी आएगी, जो 7.33 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी)

  • गाजियाबाद-सीतापुर एक मौजूदा दोहरी लाइन खंड है जो दिल्ली-गुवाहाटी उच्च घनत्व नेटवर्क (एचडीएन 4) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • यह परियोजना देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों के बीच संपर्क सुधारने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • इस खंड की मौजूदा लाइन क्षमता का 168% तक उपयोग हो रहा है और परियोजना शुरू न होने की स्थिति में इसके 207% तक होने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, हापुड, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों से होकर गुजरती है।
  • परियोजना का मार्ग गाजियाबाद (मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स), मुरादाबाद (पीतल के बर्तन और हस्तशिल्प), बरेली (फर्नीचर, वस्त्र, इंजीनियरिंग), शाहजहांपुर (कालीन और सीमेंट से संबंधित उद्योग) और रोजा (तापीय विद्युत संयंत्र) जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से होकर गुजरता है।
  • सुगम परिवहन के लिए, परियोजना की रूपरेखा हापुड़, सिंभाओली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर के भीड़भाड़ वाले स्टेशनों को बाईपास करने के लिए बनाई गई है और तदनुसार, बाईपास खंडों पर छह नए स्टेशन प्रस्तावित हैं।
  • परियोजना खंड के पास/पास प्रमुख पर्यटक/धार्मिक स्थान दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद (अमरोहा), और नैमिषारण्य (सीतापुर) हैं।
  • इस परियोजना से कोयला, खाद्यान्न, रासायनिक खाद, तैयार इस्पात आदि के 35.72 मीट्रिक टन प्रति वर्ष के अतिरिक्त माल परिवहन का अनुमान है।
  • अनुमानित लागत: लगभग 14,926 करोड़ रुपये।
  • रोजगार सृजन: 274 लाख मानव दिन।
  • कार्बन डाइऑक्‍साइड उत्सर्जन में लगभग 128.77 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्‍साइड की कमी। यह 5.15 करोड़ पेड़ों के बराबर है।

  • लॉजिस्टिक लागत में बचत: सड़क परिवहन की तुलना में प्रति वर्ष 2,877.46 करोड़ रुपये की बचत।

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी)

 

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन (198 किमी)

 

  • राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) खंड हावड़ा - चेन्नई उच्च घनत्व नेटवर्क (एचडीएन) का हिस्सा है।
  • प्रस्तावित परियोजना हावड़ा-चेन्नई उच्‍च घनत्‍व नेटवर्क (एचडीएन) मार्ग के चौगुने विस्तार की पहल का हिस्सा है।
  • यह परियोजना आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी, कोनासीमा, काकीनाडा, अनाकापल्ले और विशाखापत्तनम जिलों से होकर गुजरती है।
  • विशाखापत्तनम को आकांक्षी जिला कार्यक्रम में एक आकांक्षी जिला माना गया है।
  • यह पूर्वी तट पर स्थित विशाखापत्तनम, गंगावरम, मछलीपटनम और काकीनाडा जैसे प्रमुख पत्तनों को जोड़ती है।
  • परियोजना का मार्ग पूर्वी तटरेखा के साथ-साथ चलता है और यह पूर्वी तटीय रेल गलियारे के सबसे व्यस्त, मुख्य रूप से माल ढुलाई के खंडों में से एक है।
  • इस खंड की लाइन क्षमता का उपयोग पहले ही 130% तक पहुंच चुका है, जिसके कारण बार-बार जाम और परिचालन में देरी हो रही है। क्षेत्र में पत्तनों और उद्योगों के प्रस्तावित विस्तार के कारण लाइन की क्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
  • परियोजना के इस खंड में गोदावरी नदी पर 4.3 किमी लंबा रेल पुल, 2.67 किमी लंबा वायडक्ट, 3 बाईपास शामिल हैं और नया मार्ग मौजूदा मार्ग से लगभग 8 किमी छोटा है, जिससे संपर्क और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
  • प्रस्तावित खंड अन्नवरम, अंतर्वेदी और द्रक्षरामम आदि जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच में सुधार करके पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
  • कोयला, सीमेंट, रासायनिक खाद, लोहा और इस्पात, खाद्यान्न, कंटेनर, बॉक्साइट, जिप्सम, चूना पत्थर आदि सहित 29.04 मीट्रिक टन प्रति वर्ष के अतिरिक्त माल परिवहन का अनुमान है।
  • अनुमानित लागत: लगभग 9,889 करोड़ रुपये।
  • रोजगार सृजन: 135 लाख मानव दिन।
  • कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 51.49 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड की कमी। यह 2.06 करोड़ पेड़ों के बराबर है।

  • लॉजिस्टिक लागत में बचत: सड़क परिवहन की तुलना में प्रति वर्ष 1,150.56 करोड़ रुपये की बचत।

 

आर्थिक सशक्तिकरण:

आकांक्षी जिले - विशाखापत्तनम जिले को बेहतर संपर्क मिलेगा।

पर्यटन और उद्योगों के माध्यम से इस क्षेत्र में अतिरिक्त आर्थिक अवसर उपलब्ध होंगे।

रेल संपर्क में सुधार के कारण नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्राप्त होगी।

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन (198 किलोमीटर)

 

प्रधानमंत्री का ध्यान रेलवे पर:

  • वित्त वर्ष 26-27 के लिए रिकॉर्ड 2,65,000 करोड़ रुपये का बजट आबंटन।
  • 1600 से अधिक लोकोमोटिव का निर्माण करके, इसने लोकोमोटिव उत्पादन में अमेरिका और यूरोप को पीछे छोड़ दिया।
  • वित्त वर्ष 2026 में, भारतीय रेल के वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन मालवाहकों में शामिल होने की उम्मीद है, जो 1.6 बिलियन टन माल का परिवहन करेगा।

  • भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को बोगियां निर्यात करना शुरू कर दिया है।