शिक्षा के हर स्तर पर देशभर में लड़कों की तुलना में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात अधिक है: प्रधानमंत्री मोदी
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, प्री नर्सरी से लेकर पीएचडी तक देश के पूरे एजुकेशन सेटअप में मूलभूत बदलाव लाने वाला एक बहुत बड़ा अभियान है : प्रधानमंत्री मोदी
2014 तक भारत में 9 IIITs थीं। इसके बाद के 5 सालों में 16 IIITs बनाई गई हैं: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मैसूर विश्वविद्यालय के शताब्दी दीक्षांत समारोह 2020 को संबोधित किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैसूर विश्वविद्यालय प्राचीन भारत की समृद्ध शिक्षा व्यवस्था और भविष्य के भारत की महत्वाकांक्षाओं का प्रमुख केंद्र है। इस यूनिवर्सिटी ने 'राजर्षि' नालवाडी कृष्णराज वडेयार और एम. विश्वेश्वरैया जी के विजन और संकल्पों को साकार किया है।

उन्होंने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी जैसे दिग्गजों का उल्लेख किया जिन्होंने विश्वविद्यालय में अध्यापन का काम किया था।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को उनके वास्तविक जीवन के अलग—अलग चरणों में शिक्षा के माध्यम से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने असल जीवन को एक महान विश्वविद्यालय बताया जो ज्ञान की प्रासंगिकता का विभिन्न तरीका सिखाता है।

प्रधानमंत्री ने महान कन्नड़ लेखक और विचारक गोरुरु रामास्वामी अयंगर जी के शब्दों को उद्धृत किया कि "शिक्षा ही जीवन की पथ प्रदर्शक है।"

उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भारत की शिक्षा प्रणाली 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करे। इसके लिए बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी और संगठनात्‍मक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर किये गए गुणात्‍मक सुधारों से भारत उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक केन्‍द्र बनेगा और हमारे युवा प्रतिस्‍पर्धी बनेंगे, जिससे वे दूसरों के मुकाबले बढ़त ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी 2014 में देश में केवल 16 आईआईटी थे। पिछले 6 सालों में हर साल औसतन एक नया आईआईटी खोला गया है। उनमें से एक कर्नाटक के धारवाड़ में भी है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में केवल 9 आईआईआईटी, 13 आईआईएम और 7 एम्स थे। जबकि उसके बाद के 5 सालों में, 16 आईआईआईटी, 7 आईआईएम और 8 एम्स स्थापित किए गए थे या बनने की प्रक्रिया में है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 5-6 सालों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे प्रयास केवल नए संस्थानों को खोलने तक सीमित नहीं है बल्कि इन संस्थाओं के प्रशासन में सुधार से लेकर लैंगिक और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया गया है। ऐसे संस्थानों को ज्यादा अधिकार भी दिए गए हैं ताकि वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय ले सकें।

उन्होंने कहा कि पहले आईआईएम एक्ट ने देश भर के आईआईएम को और अधिक अधिकार मिले। चिकित्सा शिक्षा में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग बनाया गया है। होम्योपैथी और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में सुधार लाने के लिए दो नए कानून भी बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने देश में शिक्षा के सभी स्तरों पर लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात लड़कों की तुलना में अधिक होने पर खुशी व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से पूरे शिक्षा क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन को लेकर नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का फोकस एक लचीली और अनुकूल शिक्षा प्रणाली के जरिए हमारे युवाओं को प्रतिस्पर्धी बनाने की है। ‘स्किलिंग’, ‘रिस्किलिंग’ और ‘अपस्किलिंग’ आज की जरूरत हैं।

प्रधानमंत्री ने मैसूर विश्वविद्यालय से देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में से एक होने के नाते नई उभरती स्थिति के अनुसार नवाचार करने का आग्रह किया। उन्होंने संस्थान से इन्क्यबेशन सेन्टरों, प्रौद्योगिकी विकास केंद्रों, 'उद्योग-अकादमिक संपर्क' और 'इंटर-डिसप्लनेरी रिसर्च' पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वविद्यालय से संबंधित वैश्विक और समकालीन मुद्दों के साथ स्थानीय संस्कृति, स्थानीय कला और अन्य सामाजिक मुद्दों पर अनुसंधान को बढ़ावा देने का अनुरोध किया। उन्होंने छात्रों से अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं के आधार पर उत्कृष्टता हासिल करने का प्रयास करने का आग्रह किया।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India remains fastest-growing major economy, domestic investors power market resilience

Media Coverage

India remains fastest-growing major economy, domestic investors power market resilience
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 15 मार्च 2026
March 15, 2026

Empowering Bharat: From Loans to Global Leadership Under PM Modi