आज कांग्रेस के पास न तो सिद्धांत बचे हैं और न ही नीतियां: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने 2014 के बाद से बुनियादी बदलावों को रेखांकित किया तथा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सीमा सुरक्षा और आर्थिक प्रगति पर जोर दिया।
देश के विकास के लिए जरूरी तेज रफ्तार भाजपा ही दे सकती है: पीएम मोदी
कांग्रेस के घोषणापत्र में वही सोच झलकती है, जो सोच आजादी के समय मुस्लिम लीग में थी: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने मतदाताओं से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान के अजमेर में शनिवार को चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि जहां कांग्रेस होती है, वहां विकास हो ही नहीं सकता। कांग्रेस ने ना कभी गरीब की परवाह की और ना ही कभी वंचितों-शोषितों-युवाओं और नारीशक्ति के बारे में सोचा है। कांग्रेस के लिए यही कहा जा सकता है- एक तो करेला, दूसरा नीम चढ़ा। एक तो परिवारवादी, दूसरा भ्रष्टाचारी। उन्होंने कहा कि याद करिए राजस्थान में कांग्रेस सरकार के समय कैसी खबरें आती थीं? युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ वाली पेपरलीक के साथ ही अपराधियों और माफियाओं के बेलगाम अपराध की खबरें आती थीं। महिलाओं से दुराचार की खबरें आती थीं। देश में राजस्थान की चर्चा केवल नकारात्मक कारणों से हो रही थी। लेकिन जब से बीजेपी सरकार आई है, हालात बदल गए हैं। अब चर्चा पेपर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर हो रही है। अब खबरें अपराधियों पर कस रहे कानून के शिकंजे की आती हैं।

राजस्थान की महान विभूतियों को नमन करते हुए पीएम ने कहा कि अजमेर-नागौर का ये क्षेत्र वीर तेजाजी महाराज और मीराबाई की आध्यात्मिक भूमि है। ये राष्ट्रगौरव पृथ्वीराज चौहान जैसे शूरवीरों की शौर्य भूमि भी है। राजस्थान तो वीर-वीरांगनाओं की महान धरती रही है। उन्होंने कहा कि आज 6 अप्रैल को ही भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। और संयोग देखिए कि आज ही मुझे पुष्कर क्षेत्र में आने का सौभाग्य मिला है। कमल से इस क्षेत्र का संबंध है और भाजपा भी देश के कोने-कोने में कमल खिलाने जा रही है। आज पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार। 4 जून...400 पार।


लोकसभा चुनाव को देश के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये कोई सामान्य चुनाव नहीं है। देश के इतिहास में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं, जब उस देश के नागरिकों का एक फैसला अगले सैकड़ों वर्षों का भविष्य तय करता है। 2024 का ये चुनाव, ऐसा ही बड़ा अवसर है। कितने दशकों से हमारे देश में जोड़तोड़ वाली सरकारें चल रही थीं। इस सबमें देश के हित पीछे छूट गए थे। लेकिन 2014 से देश में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हुई। आज भारत समंदर पर बड़े-बड़े पुल बना रहा है। आज भारत पहाड़ों में भी सुरंगे बनाकर सीमा की सुरक्षा बढ़ा रहा है। अजमेर से जब वंदेभारत रफ्तार भरती है, तो विदेशी भी हैरान हो जाते हैं। अब राजस्थान में एक से बढ़कर एक एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर बन रहे हैं। भाजपा के शासन में राजस्थान, विकास की नई ऊंचाई की ओर अग्रसर है।

कितने दशकों से हमारे देश में जोड़तोड़ वाली सरकारें चल रही थीं। इस सबमें देश के हित पीछे छूट गए थे। लेकिन 2014 से देश में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हुई। आज भारत समंदर पर बड़े-बड़े पुल बना रहा है। आज भारत पहाड़ों में भी सुरंगे बनाकर सीमा की सुरक्षा बढ़ा रहा है। अजमेर से जब वंदेभारत रफ्तार भरती है, तो विदेशी भी हैरान हो जाते हैं। अब राजस्थान में एक से बढ़कर एक एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर बन रहे हैं। भाजपा के शासन में राजस्थान, विकास की नई ऊंचाई की ओर अग्रसर है।

कांग्रेस के घोषणापत्र को झूठ का पुलिंदा बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसमें वही सोच झलकती है, जो सोच आजादी के समय मुस्लिम लीग की थी। मुस्लिम लीग की छाप वाले इस घोषणापत्र में जो बचा-खुचा हिस्सा था, उसमें वामपंथी हावी हो गए हैं। आज की कांग्रेस के पास ना तो सिद्धांत बचे हैं, ना ही नीतियां। कांग्रेस सब कुछ ठेके पर दे चुकी है। ऐसी कांग्रेस देशहित में कोई काम नहीं कर सकती। बीते 10 सालों के कार्यों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोगों के आशीर्वाद के बाद गरीब के इस बेटे ने देश की मातृशक्ति का जीवन आसान बनाने के लिए पूरी शक्ति लगा दी है। बीजेपी सरकार ने 12 करोड़ शौचालय यानि इज्जतघर बनाए। उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ गरीब परिवार की बहनों को धुएं से मुक्ति दी। गरीबों के जो 4 करोड़ घर बने उसमें से ज्यादातर घर महिलाओं के नाम हैं। 11 करोड़ परिवारों की बहनों के घर पहली बार नल से जल पहुंचा। हमने 25 करोड़ से ज्यादा बहनों के जन-धन बैंक खाते खोले। हमने पिछले 10 सालों में 10 करोड़ बहनों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है और 1 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया है। ऐसी अनेक योजनाओं का ही परिणाम है कि आज भारत की नारीशक्ति के हौसले बुलंद है। तभी मैं कहता हूं कि- नीयत सही, तो नतीजे भी सही

उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में नारी कल्याण के लिए हमने जो कुछ किया, वो तो बस ट्रेलर है, अभी तो हमें देश को बहुत आगे ले जाना है। हमें 2047 तक भारत को विकसित बनाना है। हमें भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाना है। हमें हर प्रकार से भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। ये तभी संभव होगा, जब देश की आधी आबादी की भागीदारी का विस्तार होगा। माताओं-बहनों-बेटियों का सुख, सुविधा, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि- ये मोदी की गारंटी है। इसलिए देश की नारीशक्ति भी कह रही है- मोदी को जिताएंगे, ये हमारी गारंटी है। पीएम मोदी ने कहा कि वो आप सबके बीच से, एक गरीब परिवार से ही उठकर यहां तक पहुंचे हैं। ये जो देश के नामदार, कांग्रेस और शाही परिवार के बड़े-बड़े लोग मोदी को गाली देते हैं, ये इनकी राजनीति का तरीका है। ये मोदी से इसलिए नाराज हैं क्योंकि मोदी आज देश के गांव-गरीब के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। मोदी ने पिछले 10 साल में लूट की बीमारी का परमानेंट इलाज कर दिया है। मोदी ने इनकी लूट की दुकान का शटर गिरा दिया है, इसलिए ये बौखलाए हुये हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि मैंने जांच एजेंसियों को खुली छूट दे दी है। आपने देखा होगा, कांग्रेस के एक सांसद के यहां से 300 करोड़ से ज्यादा का कैश बरामद हुआ। कांग्रेस का घमंडिया गठबंधन ऐसी ही कार्रवाई से चिढ़ा हुआ है। मैं कहता हूं- भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं-भ्रष्टाचारियों को बचाओ। ये कितना भी बोलते रहें...भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी की लड़ाई जारी रहेगी। तीसरे टर्म के पहले 100 दिन में भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी सरकार और भी बड़े फैसले लेने जा रही है। इसकी भी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसलिए ही मैं कहता हूं- 10 साल में जो कार्रवाई देखी, वो तो ट्रेलर है। अभी तो बहुत कुछ होना बाकी है। इसके लिए आपको बीजेपी को और भी मजबूती के साथ लोकसभा में भेजना है।

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।