प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा के लिए ईरान पहुंचे
भारत और ईरान के बीच सभ्यतामूलक संबंध हैं: प्रधानमंत्री मोदी
दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के लिए आशावान हूँ: प्रधानमंत्री
आशा करता हूँ कि मेरी इस यात्रा से व्यापार, निवेश, ऊर्जा साझेदारी, संस्कृति और लोगों के मध्य संबंधों को बढ़ाने में मदद मिलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज ईरान की अपनी दो दिवसीय सरकारी यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं।

अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने कहा:

‘’मैं, राष्ट्रपति रूहानी के निमंत्रण पर आज और कल ईरान की अपनी यात्रा के लिए बहुत उत्सुक हूँ।

भारत और ईरान के मध्य सभ्यतामूलक संबंध हैं और दोनों देशों के शांति, सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्र की समृद्धि में साझा हित हैं।

राष्ट्रपति रूहानी और ईरान के माननीय सर्वोच्च नेता के साथ आयोजित बैठकों से हमारी सामरिक भागीदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा।

संपर्क, व्यापार,निवेश, ऊर्जा साझेदारी, संस्कृति और लोगों के मध्य संबंधों को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी।

मैं अपनी इस यात्रा के दौरान चाबहार समझौते के निष्कर्ष के लिए भी तत्पर हूं।

मैं तेहरान के गुरुद्वारे में जाऊंगा, और ‘भारत एवं ईरान संबंधों का पुनरावलोकन और संभावना' पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करुंगा। "

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Freed Banks From NPA Illness': PM Modi Discusses Reforms, Economy, Trade Deals, World Order

Media Coverage

Freed Banks From NPA Illness': PM Modi Discusses Reforms, Economy, Trade Deals, World Order
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 06, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए एक प्रार्थना का संदर्भ दिया, जो राष्ट्र की स्वास्थ्य, दीर्घायु और सेवा के प्रति समर्पण की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की उस भावना को दर्शाता करता है, जिसमें धरती के प्रति आदर, लोक कल्याण के प्रति समर्पण और सेवा का भाव राष्ट्रीय विकास के मूल स्तंभ बने हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा:

“उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः।

दीर्घं न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम॥”