प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोकराझार, असम में जनसभा को संबोधित किया
विकास, विकास, विकास: प्रधानमंत्री मोदी का असम के लिए एकमात्र लक्ष्य
केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समर्पित है चाहे सड़क हो, रेलवे हो या जलमार्ग: प्रधानमंत्री मोदी
हमारी सरकार का उद्देश्य सभी परिवारों को 24/7 बिजली उपलब्ध कराना है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सभी के लिए आवास’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि हर भारतीय के पास अपना घर होना चाहिए
पिछली सरकार ने 15 वर्षों तक शासन किया, कई वादे किए लेकिन उन वादों को पूरा करने में नाकाम रही है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी में एक युवा रैली को संबोधित किया
सरकार का लक्ष्य है - असम का तेज़ी से विकास, वहां के युवाओं को रोजगार और किसानों का उज्जवल भविष्य: प्रधानमंत्री
भारत का विकास किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं होना चाहिए और भारत का चौतरफा विकास होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी
सड़क निर्माण की गति सबसे तेज अगर कहीं है, तो उत्तर-पूर्व में है: प्रधानमंत्री मोदी
जैविक खेती उत्तर-पूर्वी राज्यों की ताकत है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ‘आगे बढ़ेगा असम’ के मंत्र के साथ राज्य के विकास के लिए काम करेगी: प्रधानमंत्री

कोकराझार में प्रधानमंत्री की रैली की हाईलाइट:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में एक जनसभा को संबोधित किया। भाजपा और बोडो पीपुल्स फ्रंट आदिवासी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह एक ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हुई है जब वहां एकता और सद्भावना का माहौल है। प्रधानमंत्री का इशारा विभिन्न बीपीएफ गुटों के विलय और भाजपा एवं बीपीएफ के नए गठबंधन की ओर था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास ही असम के लोगों की सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है। प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरा एकमात्र लक्ष्य है - विकास, विकास और विकास। सभी समस्याओं का समाधान विकास में निहित है।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समर्पित है चाहे सड़क हो, रेलवे हो या जलमार्ग। प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को विकास यात्रा में शामिल करने की सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का उल्लेख किया।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 68 साल पहले आज़ाद होने के बाद भी भारत के करीब 18,000 गांवों में अभी भी बिजली नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ़ कुछ घंटों के लिए बिजली उपलब्ध कराना नहीं है बल्कि वे लोगों को 24/7 बिजली उपलब्ध कराना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “लाल किले से मैंने कहा था कि यह स्थिति बदलेगी। हम सभी गांवों में बिजली उपलब्ध कराएंगे।”

श्री मोदी ने ‘सभी के लिए आवास’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि हर भारतीय के पास अपना घर होना चाहिए।

पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कई वादे किए लेकिन उन वादों को पूरा करने में वे विफल रहे। प्रधानमंत्री ने कहा, “एक पार्टी ने 15 साल तक राज्य में शासन किया, 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री असम क्षेत्र के रहे, लेकिन अभी भी राज्य की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है! कांग्रेस ने भी इस बात को माना है कि देश के प्रधानमंत्री के असम क्षेत्र से रहने के बावजूद राज्य की समस्याएं समाप्त नहीं हुई हैं।”

प्रधानमंत्री ने भारी संख्या में रैली में भाग लेने के लिए कोकराझार के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे उन्हें लोगों के लिए और भी लगन से काम करने की प्रेरणा मिलती है।

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गुवाहाटी में प्रधानमंत्री की रैली की हाईलाइट:

असम के गुवाहाटी में एक युवा रैली को संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोग राज्य का तेज़ी से विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है - असम का तेज़ी से विकास, वहां के युवाओं को रोजगार और किसानों का उज्जवल भविष्य।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने आगे कहा, “हमारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ रहा है और इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।” उन्होंने कहा कि भारत का विकास किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं होना चाहिए और भारत का चौतरफा विकास होना चाहिए।

श्री मोदी ने कहा कि भारत के उत्तर-पूर्व में विकास की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि यहाँ प्राकृतिक संसाधनों और कच्चे माल का भंडार है। श्री मोदी ने उत्तर-पूर्वी राज्यों में जैविक खेती पर बल दिया और कहा कि यह इस क्षेत्र की ताकत हो सकती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दूसरी हरित क्रांति असम में होगी। यहाँ पानी है; यहाँ के किसान जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। बस तकनीक की जरूरत है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘आगे बढ़ेगा असम’ के मंत्र के साथ राज्य के विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि कोई शक्ति असम के विकास को नहीं रोक पाएगी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे लिए युवाओं का अर्थ है – जो युवा यहाँ हमारे सामने हैं। कांग्रेस के लिए युवा का अर्थ है – कुछ लोगों का परिवार।”

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.