भारत और फिलिस्तीन के बीच जो पुराना और मजबूत ऐतिहासिक संबंध है वह समय की कसौटी पर खरा उतरा है: प्रधानमंत्री मोदी 
फिलिस्तीन के लोगों ने निरंतर चुनौतियों और संकट की स्थिति में अद्भुत दृढ़ता और साहस का परिचय दिया है: पीएम मोदी 
भारत फिलिस्तीन के राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में उसका बहुत पुराना सहयोगी है: प्रधानमंत्री 
भारत, फिलीस्तीन के शांतिपूर्ण माहौल में शीघ्र एक संप्रभू, स्वतंत्र देश बनने की आशा करता है: प्रधानमंत्री मोदी 

Your Excellency President Mahmoud Abbas

Members of the Palestinian and Indian delegations,

Members of the Media, Ladies and Gentlemen,

सबाह अल-ख़ेर [Good Morning] 

किसी भारतीय प्रधान मंत्री द्वारा पहली यात्रा पर रामल्ला आना बहुत प्रसन्नता की बात है।

President Abbas, आपने मेरे सम्मान में जो शब्द कहे और जिस गर्मजोशी के साथ मेरा तथा मेरे शिष्टमंडल का शानदार स्वागत किया उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ।

Excellency, आपने मुझे आज बहुत आत्मीयता के साथ फिलीस्तीन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। यह पूरे भारत के लिए सम्मान का विषय है। और भारत के लिए फिलिस्तीन की मित्रता और सद्भावना का प्रतीक भी।

भारत और फिलिस्तीन के बीच जो पुराना और मजबूत ऐतिहासिक संबंध है वह समय की कसौटी पर खरा उतरा है। फिलिस्तीन के हितों को हमारा समर्थन हमारी विदेश नीति में सदैव ऊपर रहा है। अनवरत। अविचल।

इसलिए, आज यहां रामल्ला में President Mahmoud Abbas, जो कि भारत के बहुत पुराने मित्र हैं, उनके साथ खड़े होकर मुझे खुशी हो रही है। पिछले वर्ष मई में उनकी नई दिल्ली की यात्रा के दौरान उनका स्वागत करने का मुझे सौभागय मिला था।

हमारी मित्रता और भारत के समर्थन को नवीनता प्रदान करते हुए मुझे खुशी हो रही है।

इस यात्रा में अबू अमार के मकबरे में श्रद्धांजलि देने का मौका मिला। वे अपने समय के शीर्षस्थ नेताओं में से थे। फिलिस्तीन संघर्ष में उनकी भूमिका बेमिसाल है। अबू अमार भारत के भी एक विशिष्ट मित्र थे। उनको समर्पित संग्रहालय का भ्रमण भी मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है। मैं अबू अमार को एक बार फिर हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 

Ladies & Gentlemen,

फिलिस्तीन के लोगों ने निरंतर चुनौतियों और संकट की स्थिति में अद्भुत दृढ़ता और साहस का परिचय दिया है।  आपने परिस्थियों से निपटने के लिए चट्टान जैसी संकल्पशक्ति का परिचय दिया है।

और वह भी इसके बावजूद कि अस्थिरता और असुरक्षा का वातावरण रहा है, जो प्रगति को बाधित करता है और कठिन संघर्ष से प्राप्त लाभों को खतरे में डालता है। जिन कठिनाइयों और चुनौतियों के बीच आप आगे बढ़े हैं वह प्रशंसनीय है।

हम आपकी भावना और बेहतर कल के लिए प्रयास करने के आपके विश्वास की सराहना करते हैं।  

फिलिस्तीन के राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में भारत उसका बहुत पुराना सहयोगी है। हमारे बीच training, technology, infrastructure development, project assistance और budgetary support के क्षेत्र में सहयोग है।

हमारी नई पहल के हिस्से के रूप में, हमने यहां रामल्ला में एक Technology park project शुरू किया है जिसमें इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बन जाने के बाद, हम आशा करते हैं कि यह संस्था रोजगार को बढ़ावा देने वाले skills और services center के रूप में काम करेगी।

भारत, रामल्ला में Institute of Diplomacy बनाने में भी सहयोग कर रहा है।  हमें विश्वास है कि यह संस्थान फिलिस्तीन के युवा राजनयिकों के लिए एक विश्व-स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान के रूप में उभरेगा।

हमारे capacity building cooperation में दीर्घ और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के लिए परस्पर प्रशिक्षण शामिल है। विभिन्न क्षेत्रों, जैसे अग्रणी भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में वित्त, प्रबंधन, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी में फिलिस्तीन के लिए Training और scholarship slots को हाल ही में बढ़ाया गया था।

मुझे खुशी है कि इस यात्रा के दौरान हम अपने विकास सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत, फिलिस्तीन में स्वास्थ्य और शैक्षणिक infrastructure तथा महिला सशक्तीकरण केंद्र और एक printing press लगाने की परियोजनाओं में निवेश करता रहेगा।  

हम ऊर्जावान Palestinian state के लिए यह योगदान building block मानते हैं।  

द्विपक्षीय स्तर पर, हम Ministerial level Joint Commission Meeting के माध्यम से अपने संबंधों को और अधिक गहन बनाने पर सहमत हुए हैं। 

पहली बार, पिछले वर्ष भारत और फिलीस्तीन के youth delegations के  बीच आदान-प्रदान हुआ। हमारे युवाओं में निवेश करना और उनके स्किल डेवेलेपमेंट और संबंधों में सहयोग करना, एक साझी प्राथमिकता है।  

भारत, फिलीस्तीन की तरह युवाओं वाला देश है। हमारी आकांक्षाएं फिलीस्तीन  युवाओं के भविष्य को लेकर वैसी ही हैं जैसी हम भारत के युवाओं के लिए रखते हैं, जिसमें प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध हों। ये ही हमारा भविष्य हैं और हमारी मित्रता के उत्तराधिकारी हैं।

मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हम इस साल से युवाओं के exchanges को 50 से बढ़ाकर 100 व्यक्तियों तक करेंगे।  

Ladies & Gentlemen,

हमारी आज हुई चर्चा में, मैंने President Abbas को एक बार फिर से आश्वस्त किया है कि भारत फिलीस्तीनी लोगों के हितों का ध्यान रखने के प्रति वचनबद्ध है।

भारत, फिलीस्तीन के शांतिपूर्ण माहौल में शीघ्र एक संप्रभू, स्वतंत्र देश बनने की आशा करता है।  

President Abbas और मैंने, हाल के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचार-विमर्श किया है जिसका संबंध फिलीस्तीन की शांति, सुरक्षा और शांति प्रक्रिया से है।

भारत, इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहुत उम्मीद करता है।

हमारा मानना है कि अंतत: फिलीस्तीन के प्रश्न का स्थायी जवाब ऐसी वार्ता और समझ में ही निहित है जिसके जरिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का मार्ग मिल सके।   

केवल गहन कूटनीति और दूरदर्शिता से ही हिंसा के चक्र और इतिहास के बोझ से मुक्ति पाई जा सकती है। 

हम जानते हैं यह आसान नहीं है। लेकिन हमें लगातार कोशिश करते रहना चाहिए क्योंकि बहुत कुछ दांव पर है।

Your Excellency, मैं हृदय से आपकी शानदार मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।

मैं, 1.25 बिलियन भारतीयों की ओर से फिलीस्तीनी लोगों की प्रगति और समृद्धि  की हार्दिक शुभकामनाएं भी देता हूँ।

धन्यवाद ।

शुक़रन जज़ीलन

 

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा किया और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया
April 16, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi said that with the special session of Parliament commencing today, the country is set to take a historic step towards women empowerment. He noted that respect for mothers and sisters is respect for the nation, and with this spirit, the country is moving forward with firm resolve in this direction.

The Prime Minister shared a Sanskrit Shubhashitam-

“व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥”

The Sanskrit Shubhashitam conveys that a woman, with the light of her knowledge, dispels the darkness of ignorance and illuminates the entire world. Therefore, those who aspire for prosperity and noble virtues always honor and respect women.

The Prime Minister wrote on X;

“आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।

व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।

ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥”