प्रधानमंत्री मोदी गुजरात दौरे पर जाएंगे, कई विकास परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन एवं शिलान्यास
पीएम मोदी ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को डिजिटल साक्षर करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री वडनगर भी जाएंगे। जनसभा को करेंगे संबोधित, इनटेंसीफायड मिशन इंद्रधनुष की शुरूआत करेंगे
प्रधानमंत्री नर्मदा नदी पर बनने वाले बाधभुट बैराज का शिलान्यास करेंगे, उधना और जयनगर के बीच अंत्योदय एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 7 और 8 अक्‍टूबर 2017 को गुजरात का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री 7 अक्टूबर की सुबह द्वारकाधीश मंदिर की यात्रा करेंगे। द्वारका में वह ओखा और बैत द्वारका के बीच एक पुल एवं अन्‍य सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

द्वारका से प्रधानमंत्री सुरेंद्रनगर जिले के चोटीला पहुंचेंगे। वह राजकोट में एक नए हवाई अड्डे, अहमदाबाद-राजकोट राष्‍ट्रीय राजमार्ग को छह लेन बनाने और राजकोट-मारबी राज्‍य राजमार्ग को चार लेन बनाने के लिए आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा वह पूरी तरह स्‍वचलित दुग्‍ध प्रसंस्‍करण एवं पैकेजिंग संयंत्र और सुरेंद्रनगर के जोरावरनगर एवं रतनपुर क्षेत्र के लिए एक पेयजल वितरण पाइपलाइन को भी समर्पित करेंगे। वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

उसके बाद प्रधानमंत्री गांधीनगर की ओर रवाना होंगे। वह आईआईटी गांधीनगर के नवनिर्मित भवन को समर्पित करेंगे और प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीडीआईएसएचए) को लॉन्‍च करेंगे। पीएमजीडीआईएसएचए का उद्देश्‍य ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करना है। यह सूचना, ज्ञान, शिक्षा एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवा तक पहुंच प्रदान करेगा। यह आजीविका पैदा करने के लिए अवसर सृजित करेगा और डिजिटल भुगतान के जरिये वित्तीय समावेशीकरण को बढ़ावा देगा। वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री 8 अक्टूबर की सुबह वडनगर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह श्री नरेन्‍द्र मोदी की शहर की पहली यात्रा होगी। वह हटकेश्‍वर मंदिर की यात्रा करेंगे। एक जनसभा में प्रधानमंत्री मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ करेंगे ताकि पूर्ण प्रतिरक्षण कवरेज के लक्ष्‍य की ओर प्रगति को गति दी जा सके। यह कम प्रतिरक्षण कवरेज वाले शहरी क्षेत्रों एवं अन्य पॉकेटों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। प्रधानमंत्री आईएमटीईसीएचओ के उद्घाटन के लिए स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों को ई-टैबलेट वितरित करेंगे। आईएमटीईसीएचओ एक नवोन्‍मेषी मोबाइल फोन एप्लिकेशन है जो भारत में संसाधनों की खराब स्थिति के बीच मातृत्‍व, नवजात एवं शिशु स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल का दायरा बढ़ाने के लिए बेहतर निगरानी, सहायता और प्रेरणा के जरिये आशाओं के प्रदर्शन में सुधार लाने में मदद करता है। आईएमटीईसीएचओ का अर्थ है 'सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य संचालन के लिए अभिनव मोबाइल-फोन प्रौद्योगिकी'। 'टेको' का गुजराती में अर्थ है 'समर्थन', इसलिए 'आईएमटेको' का मतलब है 'आई एम सपोर्ट' यानी मैं सहायता करता हूं। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

उसी दिन दोपहर प्रधानमंत्री भरूच पहुंचेंगे। वह नर्मदा नदी पर भद्भुत बैराज के निर्माण के लिए आधारशिला रखेंगे। वह उधना (सूरत, गुजरात) और जयनगर (बिहार) के बीच अंत्‍योदय एक्‍सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वह गुजरात नर्मदा फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन के विभिन्‍न संयंत्रों के उद्घाटन एवं आधारशिला रखने के लिए पट्टिका का अनावरण करेंगे। वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री 8 अक्‍टूबर की शाम को दिल्‍ली लौट आएंगे।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।