प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं की क्षमता पर जोर देते हुए अपने एक संदेश में आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के महत्व को रेखांकित करने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा मित्र जो भी करने का संकल्प लेते हैं, उसे पूरा कर लेते हैं और यही कारण है कि देश आज अपने सपनों को साकार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
"भारतवर्ष की युवाशक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। हमारे युवा साथी जो ठान लेते हैं, वो करके दिखाते हैं। यही वजह है कि आज हमारा देश अपने सपनों को साकार कर रहा है।
न वा उ मां वृजने वारयन्ते न पर्वतासो यदहं मनस्ये।
मम स्वनात् कृधुकर्णो भयात एवेदनु द्यून्किरणः समेजात्।।"
आपके आत्मविश्वास की शक्ति गहन है। कोई भी आपके आत्मविश्वास को कुचल नहीं सकता। बड़े से बड़ा पहाड़ भी आपके लिए रूकावट नहीं बन सकता। आप सूरज से भी अधिक शक्तिशाली हैं, बस आपको अपनी इच्छाशक्ति को पहचानने की जरूरत है।