जीएसटी का सुचारू रूप से लागू होना प्रतिस्पर्धी संघवाद एक प्रमुख उदाहरण: नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी
वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत 7.7 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, देश की अर्थव्यवस्था के सामने अब चुनौती विकास दर को दहाई अंक तक पहुंचाने की है: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी
2022 तक ‘न्यू इंडिया’ का विजन अब देश के लोगों का संकल्प बन गया है: नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री
आयुषमान भारत के तहत 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है, लगभग 10 करोड़ परिवारों को हर साल 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है: नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की शासी परिषद की चौथी बैठक में उद्घाटन टिपण्णियां कीं।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों एवं अन्य शिष्टमंडलों का स्वागत करते हुए दुहराया कि शासी परिषद एक ऐसा मंच है जो ‘ऐतिहासिक बदलाव‘ ला सकता है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी जो वर्तमान में देश के विभिन्न भागों को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शासी परिषद ने सहकारिता, प्रतिस्पर्धी संघवाद की भावना के साथ ‘टीम इंडिया‘ के रूप में अभिशासन के जटिल मुद्वों का समाधान किया है। उन्होंने जीएसटी के सुगम आरंभ एवं क्रियान्वयन को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल लेनदेन एवं कौशल विकास जैसे मुद्वों पर उप-समूहों एवं समितियों के जरिये नीति निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इन उप-समूहों की सिफारिशों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा सम्मिलित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.7 प्रतिशत की स्वस्थ दर से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अब चुनौती इस विकास दर को दो अंकों में ले जाने की है जिसके लिए कई और महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने होंगे। उन्होंने कहा कि 2022 तक नए भारत का विजन अब हमारे देश के लोगों का एक संकल्प है। इस परिप्रेक्ष्य में, उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने, आकांक्षापूर्ण जिलों का विकास, आयुष्मान भारत, मिशन इंद्रधनुष, पोषण मिशन एवं महात्मा गांधी की 150 जयंती के समारोहों सहित आज की कार्यसूची के मुद्वों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत के अंतर्गत 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं कल्याण कंेद्रों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 10 करोड़ परिवारों को प्रत्येक वर्ष लगभग 5 लाख रुपये के बराबर का हेल्थ ऐश्योरंस उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना, जन धन योजना एवं स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाएं बेहतर वित्तीय समावेश में सहायता कर रही हैं। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक असंतुलनों से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मानव विकास के सभी पहलुओं एवं मानकों पर ध्यान दिए जाने एवं 115 आकांक्षापूर्ण जिलों में बेहतरी लाई जाने की आवश्यकता है।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक नए मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने कहा कि अभी तक आकांक्षापूर्ण जिलों के 45,000 गांवों में इसे विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सात महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं: उज्जवला, सौभाग्या, उजाला, जन धन, जीवन ज्योति योजना, सुरक्षा बीमा योजना एवं मिशन इंद्रधनुष में सार्वभौमिक कवरेज का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य लगभग 17,000 गांवों में अभी हाल में हासिल किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में क्षमताओं, सामर्थ्यों एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि चालू वित वर्ष के दौरान, राज्यों को केंद्र से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हो रहे हैं, जो पिछली सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी प्रदर्शित करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां एकत्रित समूह भारत के लोगों की उम्मीदों एवं आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यहां एकत्रित लोगों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे उनकी उम्मीदों को पूरी करने का हरसंभव प्रयास करें।

इससे पूर्व, नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव कुमार द्वारा मुख्यमंत्रियों एवं अन्य शिष्टमंडलों का स्वागत किया गया। विचार विमर्शों का सभापतित्व गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा किया गया।

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प्रधानमंत्री ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में विविधता की भूमिका को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 15, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति के सोचने का तरीका अलग होता है तथा एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। उन्होंने उल्लेख किया कि जिस प्रकार जल के प्रत्येक स्रोत का स्वाद अलग होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि विविध विचारों और क्षमताओं के मिलन से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जो इस प्रकार है:

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”

यह सुभाषित यह संदेश देता है कि नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति की सोचने की शैली अलग होती है तथा उसकी एक अद्वितीय रचनात्मक दृष्टि होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है। जिस प्रकार एक स्रोत से दूसरे स्रोत के जल का स्वाद भिन्न होता है, उसी प्रकार प्रत्येक प्रतिभा की अपनी विशिष्ट पहचान और योगदान होता है। इन भिन्न विचारों और क्षमताओं के मेल से ही नवाचार और प्रगति संभव हो पाती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।

जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”