भारत एक युवा राष्ट्र है, आज के युवा नौकरी देने वाले बन रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
एक समय था जब स्टार्ट-अप का मतलब केवल डिजिटल और तकनीकी नवाचार था, अब चीजें बदल रही हैं, हम विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्ट-अप उद्यमियों को काम करते देख रहे हैं: पीएम मोदी
स्टार्ट-अप अब बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, छोटे शहर और गांव भी अब स्टार्ट-अप के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं: प्रधानमंत्री
भारत में विश्व स्तरीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम तैयार हो रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
‘मेक इन इंडिया’ के साथ, ‘डिजाइन इन इंडिया’ भी आवश्यक है: पीएम मोदी
यदि हमने नवप्रवर्तन नहीं किए तो हम एक जगह अटक जाएंगे: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज देश भर के युवा नवाचारियों एवं स्टॉर्ट अप उद्यमियों से वीडियो ब्रिज के माध्यम से संवाद किया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से वीडियो ब्रिज के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा संवाद करने की कड़ी में यह चौथा ऐसा कार्यक्रम है।

भारत के युवाओं के रोजगार प्रदाता बनने से खुश प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवा जनसंख्या के फायदों को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि स्टार्ट अप की सफलता के लिये पर्याप्त पूंजी, साहस और लोगों से जुड़ना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय की तुलना में अब चीजें बदल गयी हैं जबकि स्टार्ट अप का मतलब केवल डिजिटल और तकनीक पर आधारित नवाचार था। उन्होंने कहा कि अब विविध क्षेत्रों में स्टार्ट अप उद्यमी हैं। स्टार्ट अप 28 राज्यों, 6 संघीय क्षेत्रों और 419 जिलों में दर्ज किये गये हैं। इनमें से 44%स्टार्ट अप द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में पंजीकृत किये गये हैं क्योंकि स्टार्ट अप इंडिया उनके क्षेत्रों में नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा 45% स्टार्ट अप महिलाओं द्वारा शुरू किये गये हैं।

श्री नरेंद्र मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे उनकी सरकार के कार्यकाल में पेटेंट और ट्रेडमार्क के लिये आवेदन करना आसान बन गया है। सरकार ने ट्रेडमार्क के आवेदन के लिये 74 फार्मों की जरूरत को घटाकर 8 कर दिया है जिसका नतीजा है कि पिछली सरकार की तुलना में पिछले तीन सालों में ट्रेडमार्क के पंजीकरण में तीन गुने की बढ़त हुई है।
युवा उद्यमियों से संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का 'फण्ड ऑफ फण्ड्स' बनाया है ताकि युवा उद्यमियों को उनके स्टार्ट अप के लिये पूंजी की कमी ना पड़े और युवाओं को नवाचार के लिये सुविधा दी जा सके।

इस 'फण्ड ऑफ फण्ड्स' के जरिेये 1,285 करोड़ रुपये मुहैया कराये जा चुके हैं, जिससे वेंचर फण्ड में अब तक कुल 6,980 करोड़ रुपये की राशि को जुटाया जा सका है।

स्टॉर्ट अप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लिये सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि गवर्नमेंट इ-मार्केट प्लेस (जीईएम) को स्टार्ट अप इंडिया पोर्टल से जोड़ दिया गया है ताकि स्टार्ट अप्स अपने उत्पाद सरकार को बेच सके। स्टार्ट अप्स को 3 साल के लिये आयकर भुगतान से छूट दी गयी है। 6 श्रम और 3 पर्यावरण कानूनों में बदलाव किया गया है जिससे युवा उद्यमियों को अब केवल स्व-प्रमाणित दस्तावेज देने की जरूरत है। सरकार ने स्टार्ट अप इंडिया हब के नाम से एक डिजिटल मंच भी शुरू किया है जिसमें स्टार्ट अप और इसके पारिस्थितकी तंत्र से जुड़ी सारी जानकारियों उद्यमियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।

प्रतिभागियों से बात करते हुये श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने कई प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया है जैसे अटल न्यू इंडिया चैलेंज, स्मार्ट इंडिया हैकॉथान एवं एग्रीकल्चर ग्रैण्ड चैलेंज। प्रधानमंत्री ने उनकी सिंगापुर के प्रधानमंत्री से भारत और सिंगापुर के नवाचारियों के बीच मुकाबला आयोजित करने और स्मार्ट इंडिया हैकाथान आयोजित करने के संबंध में हुई बातचीत का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने भारत में नवाचार को बढ़ावा देने की उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। युवाओं में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिये देश भर में 8 शोध पार्क और 2,500 अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की गयी है।
नवाचारियों को संबोधित करते हुये श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं का आह्वाहन किया कि वे कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव पर नये विचार सामने लायें। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' के साथ ही 'डिजायन इन इंडिया' भी उतना ही आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को सतत रूप से नवाचार के लिये प्रोत्साहित किया और मंत्र दिया कि या तो 'नयी खोज करों या फिर जड़ बनों'।

प्रधानमंत्री से संवाद करते हुये युवा उद्यमियों ने बताया कि कैसे स्टार्ट अप इंडिया पहल के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं ने नये स्टार्ट अप स्थापित करने में उनकी मदद की है। उद्यमियों एवं नवाचारियों ने कृषि क्षेत्र से लेकर ब्लॉक चेन तकनीक तक के क्षेत्र में उनके आविष्कारों के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। अटल टिंकरिंग लैब्स से संबंधित स्कूल के बच्चों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने आविष्कार साझा किये। प्रधानमंत्री ने स्कूली छात्रों की उनकी वैज्ञानिक क्षमताओं के लिये सराहना की और उन्हें ऐसे और नवाचारों के लिये प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने 'भारत में नवाचार' को एक जन आंदोलन बनाने का सुस्पष्ट आह्वाहन किया। उन्होंने नागरिकों से अपने विचार और नवाचारों को हैशटैग #InnovateIndia के जरिये साझा करने के लिये भी प्रोत्साहित किया।

 

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी
March 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह विशेष अवसर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “मैं उन्हें सादर प्रणाम करता हूं। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करती हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक सशक्त आंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने पीढ़ियों को सत्य, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि मतुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती है। श्री मोदी ने कहा, "पिछले एक दशक से हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और सम्मान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया:

"मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।"

यह विशेष अवसर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती से संबंधित है। मैं उन्हें सादर प्रणाम करता हूं। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करती हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक सशक्त आंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने पीढ़ियों को धर्म, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

मातुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती है। पिछले एक दशक से, हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और गरिमा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध रही है।

 

“মতুয়া ধর্মমেলায় আগত সমস্ত ভক্ত এবং অংশগ্রহণকারীদের জানাই আমার আন্তরিক শুভেচ্ছা ও অভিনন্দন।

এই বিশেষ তিথিটি পূর্ণ ব্রহ্ম শ্রী শ্রী হরিচাঁদ ঠাকুরজির জয়ন্তীর সঙ্গে যুক্ত। আমি তাঁকে আমার সশ্রদ্ধ প্রণাম নিবেদন করছি। তাঁর আদর্শ এবং শিক্ষা আজও অগণিত মানুষকে শক্তি ও আশার আলো দিয়ে চলেছে এবং সম্মান, সাম্য ও ভক্তির এক শক্তিশালী আন্দোলনের জন্ম ঘটিয়েছে। তিনি প্রজন্ম থেকে প্রজন্মান্তরকে ন্যায়ের পথ, সম্প্রীতি এবং সমষ্টিগত উন্নয়নের পথে চলার অনুপ্রেরণা জুগিয়েছেন।

মতুয়া সংস্কৃতির এই সমৃদ্ধ এবং প্রাণবন্ত ঐতিহ্য এক গভীর আধ্যাত্মিক শক্তি এবং সাম্যের প্রতি অটুট অঙ্গীকারকে প্রতিফলিত করে। এটি আমাদের দেশের সামাজিক কাঠামোকে উল্লেখযোগ্যভাবে সমৃদ্ধ করেছে। গত এক দশকে, আমাদের সরকার মতুয়া সম্প্রদায়ের কল্যাণ, ক্ষমতায়ন এবং মর্যাদার প্রতি সম্পূর্ণ দায়বদ্ধ থেকে কাজ করে চলেছে।”