मानवता की रक्षा के लिए, राष्ट्र की रक्षा के लिए, धर्म की रक्षा के लिए, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सर्वोच्च बलिदान से देश और दुनिया परिचित है: प्रधानमंत्री मोदी
गुरु गोबिंद सिंह जी का काव्य भारतीय संस्कृति के ताने-बाने, हमारे जीवन दर्शन की सरल अभिव्यक्ति है: पीएम मोदी
अब गुरु नानक के बताए मार्ग पर चलने वाला हर भारतीय, हर सिख, दूरबीन के बजाय अपनी आंखों से नारोवाल जा पाएगा और बिना वीजा के गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर पाएगा: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के जयंती समारोहों के अवसर पर आज राष्ट्रीय राजधानी में 350 रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के उदात्त आदर्शों और मूल्यों- मानवता, भक्ति, वीरता और बलिदान की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और लोगों से उनके द्वारा बताये मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाने के लिए स्मारक सिक्का जारी करने के बाद अपने निवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर एक चुनिंदा सभा को संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी एक महान योद्धा, दार्शनिक, कवि और गुरु थे। उन्होंने उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। लोगों को उनके दिये गये उपदेश धर्म और जाति की बाधाओं को तोड़ने पर केंद्रित थे। प्रेम, शांति और बलिदान का उनका संदेश आज भी समान रूप से प्रासंगिक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी, उनके मूल्य और उपदेश आने वाले वर्षों में मानव जाति के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्मारक सिक्का हमारी ओर से उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रदर्शित करने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने लोगों से गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज द्वारा बताये गए 11 सूत्रीय मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं।

इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से 30 दिसंबर, 2018 के उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम, मन की बात की तर्ज पर गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा दिखाये गये देश भक्ति और बलिदान के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। उन्होंने 5 जनवरी, 2017 को पटना में गुरु गोविंद सिंह के 350 वीं जयंती समारोहों में भाग लिया और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। श्री मोदी ने 15 अगस्त, 2016 को लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस संबोधन में और फिर 18 अक्टूबर 2016 को लुधियाना में राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार समारोह में गुरु गोबिंद सिंह जी के आदर्शों और मूल्यों को मानवता के मूल के रूप में स्मरण किया।

Mr. Modi also recalled the ideals and values of Guru Gobind Singh jee’s as the core of humanity at the Independence Day Address from the ramparts of Red Fort on 15th August, 2016 and then at the National MSME Awards Ceremony in Ludhiana on 18th October., 2016.

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of knowledge, wisdom and foresight
June 19, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has said that virtues such as knowledge, wisdom and foresight are the foundation of success in life. He noted that a person enriched with these qualities is able to overcome even the most difficult challenges and emerge victorious.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी ।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु ॥”

The Subhashitam conveys that authentic knowledge of the subject, natural prudence, fearless self-confidence, powerful speech refined through practice, foresight to recognize the demands of the time and ever-new wisdom, these six qualities prove to be like 'kamadhenu' in every endeavor of a human being, which helps in achieving every goal.

The Prime Minister wrote on X;

“ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे सद्गुण जीवन में सफलता का प्रमुख आधार हैं। इनसे समृद्ध व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों में भी विजयी होता है।

शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी ।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु ॥”