5 महीने में ये दूसरी बार है जब उद्योग जगत से जुड़े साथियों के साथ मैं यहां लखनऊ में मिल रहा हूं। इससे पहले फरवरी में यूपी इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी आप आए थे। मुझे प्रसन्नता है कि उस संकल्प को ज़मीन पर उतारने की कड़ी में आज बड़ा कदम उठ रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
उत्तर प्रदेश में जितने कम समय में और जितनी तेजी से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया: पीएम मोदी
मैंने यूपी की 22 करोड़ जनता को वचन दिया था कि उनके प्यार को ब्याज़ समेत लौटाउंगा, यहां जो परियोजनाएं शुरु हो रही हैं वो उसी वचनबद्धता का हिस्सा हैं, ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में आर्थिक और औद्योगिक असंतुलन को दूर करने में भी सहायक होंगी: प्रधानमंत्री
ये प्रोजेक्ट्स डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को नया आयाम देने की दिशा में बहुत बड़े कदम सिद्ध होने वाले हैं, उत्तर प्रदेश में इंटरनेट सर्विस पहुंचाने के लिए फाईबर बिछाना हो या फिर आईटी सेंटर स्थापित करना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के विकास को नई गति, नई दिशा देने वाला है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लखनऊ का दौरा किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में लगभग 60,000 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ 81 परियोजनाओं को शुरु किए जाने से संबंधित समारोहों में भाग लिया।

ये परियोजनाएं राज्य में निवेश को आकर्षित करने एवं औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए फरवरी, 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन के कुछ ही महीनों के भीतर अस्तित्व में आ गई हैं।

प्रधानमंत्री ने देश के कुछ भागों में हो रही भारी वर्षा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है और सभी प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकारों के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक देखभाल करने वाली सरकार के रूप में हमारा उद्वेश्य लोगों के जीवन से कठिनाईयों को दूर करना एवं जीवन की सुगमता में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य को रूपांतरित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिस गति से ये परियोजनाएं पांच महीनों के भीतर आगे बढ़ी (प्रस्ताव से लेकर निर्माण कार्य आरंभ होने तक) हैं, वह असाधारण है।

उन्होंने राज्य सरकार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के विशिष्ट भागों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संतुलित विकास में सक्षम बनाएंगी।

उन्होंने राज्य सरकार की कार्य संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के बदले माहौल से रोजगार, व्यापार, अच्छी सड़कों, पर्याप्त बिजली आपूर्ति और एक बेहतर भविष्य के लिए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कई नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराएंगे और समाज के विभिन्न वर्गों को लाभान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे प्रमुख कार्यक्रमों को इन परियोजनाओं से बहुत बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में तीन लाख कॉमन सर्विस सेंटर फैले हुए है जो प्रभावी एवं पारदर्शी सेवा प्रदायगी को सक्षम बनाने के जरिये ग्रामीण जीवन में बदलाव ला रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सिलो को समाप्त कर रही है एवं सॉल्यूशंस तथा सिंक्रोनाइजेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बन गया है और उत्तर प्रदेश इस विनिर्माण क्रांति का नेतृत्व कर रहा है

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के पूरे हो जाने के बाद भारत में व्यवसाय करना और भी आसान हो जाएगा तथा लॉजिस्टिक्स पर आने वाली लागत में कमी आ जाएगी। उन्होंने उद्यमियों एवं व्यापारियों से डिजिटल लेनदेन की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने देश में बिजली आपूर्ति में सुधार लाने के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश पारंपरिक ऊर्जा से हरित ऊर्जा की तरफ आगे बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा का एक हब बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का ऊर्जा घाटा 2013-14 के 4.2 प्रतिशत से घट कर आज एक प्रतिशत से भी कम रह गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत का रोडमैप जन भागीदारी के जरिये अपने लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति करना है।.

 

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।