राष्ट्रहित और जनहित में कड़े और बड़े फैसले लेने का है, राजनीतिक इच्छाशक्ति का है, ‘सबका साथ, सबका विकास’ हमारी सरकार का संस्कार रहा है और यही हमारा सरोकार रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
हमारी सरकार शहर के गरीबों की ही नहीं बल्कि यहां के मध्यम वर्ग की भी चिंता कर रही है: पीएम मोदी
कमीशन खोरों के ये सारे दोस्त इकट्ठा होकर चौकीदार को डराने का सपना देख रहे हैं, लेकिन इनको निराशा हाथ लगने वाली है क्योंकि ये चौकीदार न सोता है और न डरता है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए संविधान संशोधन विधेयक गरीबों के उत्थान के लिए एक ऐतिहासिक कदम है जो सबका साथ – सबका विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा द्वारा इस विधेयक का मार्ग उन लोगों को मजबूत जवाब है जो इस संबंध में झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने यह उम्मीद जाहिर की कि यह विधेयक राज्यसभा में पास हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने कल लोकसभा में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए एक ऐतिहासिक विधेयक पास किया है। यह सबका साथ – सबका विकास के हमारे संकल्प को मजबूत बनाता है।

नागरिकता संशोधन विधेयक के बारे में प्रधानमंत्री ने असम और पूर्वोत्तर के लोगों को आश्वासन दिया कि उनके अधिकारों और अवसरों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले भारत मां के बेटों और बेटियों को भारतीय नागरिकता देने का मार्ग साफ किया है। इतिहास के उत्थान और पतन को देखने के बाद हमारे ये भाई और बहन भारत का एक अंग बनना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टचार और बिचौलियों के खिलाफ सरकार का अभियान उनके खिलाफ दोषारोपण के बावजूद लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह इस देश की जनता के आशीवार्द और समर्थन से भ्रष्टाचार और बिचौलियों के खिलाफ लड़ने में साहसपूर्वक अपना कर्तव्य निभा रहे है।

प्रधानमंत्री अनेक विकास परियोजनाओं की शुरूआत और आधारशिला रखने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 30,000 मकानों के निर्माण की भी आधारशिला रखी। इससे रद्दी बीनने वाले, रिक्शा चालक, बीड़ी कामगार जैसे गरीब और बेघर लोग लाभान्वित होंगे। इस परियोजना की लागत 1811.33 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि आज हमने गरीब, मजदूरों के परिवारों के लिए 30,000 घरों की परियोजना का उद्घाटन किया है। इस परियोजना से फैक्ट्ररियों में काम करने वाले, रिक्शा चलाने वाले और ऑटो चालक आदि लाभान्वित होंगे। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि बहुत जल्दी आपके हाथ में आपके घरों की चाबियां होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सस्ते मकान बनाने के भी प्रयास किए गए हैं। अब वे 20 वर्ष की अवधि के आवास ऋणों पर 6 लाख तक की बचत कर सकते है। यह आराम से रहने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनकी प्रतिबद्धता है कि वे उन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनका उन्‍होंने पहले शिलान्‍यास किया है। प्रधानमंत्री ने नये राष्‍ट्रीय राजमार्ग-52 की 98.717 किलोमीटर लम्‍बी सड़क राष्‍ट्र को समर्पित की। इस सड़क से सोलापुर की मराठवाडा क्षेत्र के साथ कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सोलापुर-तुलजापुर-उस्‍मानाबाद, राष्‍ट्रीय राजमार्ग-52 चार लेने वाली सड़क है। इसकी अनुमानित लागत 972.50 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ने 2014 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। राष्‍ट्रीय राजमार्ग-52 में दो बड़े और 17 छोटे पुल हैं। इसमें सुरक्षा विशेषताओं को शामिल किया गया है। इसमें 4 वाहन और 10 पैदल अंडरपास निर्मित किए गए हैं। इसके अतिरिक्‍त तुलजापुर में 3.4 किलोमीटर का बाईपास बनाया गया है, जो शहर की यातायात व्‍यवस्‍था को आसान बनाएगा।

बेहतर कनेक्टिविटी तथा जीवन को आसान बनाने के लिए राजमार्गों के विस्‍तार के प्रति सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान लगभग 40,000 किलोमीटर के राष्‍ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है। इसकी लागत लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपए है। लगभग 52,000 किलोमीटर के राष्‍ट्रीय राजमार्ग निर्माण की प्रक्रिया में हैं।

क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने सोलापुर-उस्‍मानाबाद वाया तुलजापुर रेल लाइन को मंजूरी दी है। इसकी अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये है। उन्‍होंने कहा कि उड़ान योजना के अंतर्गत सोलापुर से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी हेतु हवाई यात्राएं शुरू की जाएंगीं।

स्‍वच्‍छ भारत और स्‍वस्‍थ भारत विजन के तहत प्रधानमंत्री ने सोलापुर में भूमिगत सीवर प्रणाली तथा तीन सीवर शोधन संयंत्र राष्‍ट्र को समर्पित किए। इससे शहर की सीवर कवरेज बढ़ेगी और स्‍वच्‍छता बेहतर होगी।

प्रधानमंत्री ने जल आपूर्ति तथा सीवर प्रणाली से जुड़ी एक संयुक्‍त परियोजना का शिलान्‍यास किया। यह परियोजना सोलापुर स्‍मार्ट सिटी के क्षेत्र आधारित विकास का हिस्‍सा है। उजानी बांध से सोलापुर शहर की पेयजल आपूर्ति व्‍यवस्‍था को बेहतर बनाना तथा अमृत मिशन के तहत भूमिगत सीवर प्रणाली का निर्माण इस परियोजना के प्रमुख घटक हैं।

आशा है कि इन परियोजनाओं से सड़क व परिवहन कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति, स्‍वच्‍छता बेहतर होगी तथा सोलापुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे।

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हमारी सरकार सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन में विश्वास करती है; देश तेजी से सुधार के मार्ग पर कदम बढ़ा रहा है : प्रधानमंत्री
भारत का लोकतंत्र और जनसांख्यिकी विश्व के लिए आशा की किरण है: प्रधानमंत्री
यह समाधानों, सशक्त निर्णय और सुधारों में तेजी लाने का समय है : प्रधानमंत्री

नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।