#AdvantageAssam की टैगलाइन सिर्फ एक टैगलाइन नहीं, एक समग्र विजन है: प्रधानमंत्री मोदी
‘आयुष्मान भारत’ गरीबों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए विश्व का सबसे बड़ा कार्यक्र: पीएम मोदी
जीएसटी के परिणामस्वरूप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के व्यवसाय हुए संगठित, जिससे एमएसएमई को वित्तीय क्षेत्र से क्रेडिट का लाभ लेने में मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री
सरकार अगले 3 वर्षों तक सभी सेक्टर के नए कर्मचारियों के ईपीएफ में उनके वेतन का 12% का योगदान करेगी: प्रधानमंत्री मोदी
पिछले 3 वर्षों में हमारी सरकार ने कई साहसिक आर्थिक सुधार किए हैं जिससे व्यापार करने की प्रक्रिया सरल हुई है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज गौहाटी में एडवॉन्टेज असम - विश्व निवेशक शिखर सम्मेलन 2018 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया

शिखर बैठक में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर-पूर्व केंद्र सरकार की ऐक्ट ईस्ट नीति के केंद्र में है। उन्होंने आगे कहा कि ऐक्ट ईस्ट नीति आसियान देशों की जनता के साथ पारस्परिक जन संबंधों, व्यापारिक संबंधों एवं अन्य रिश्तों को बढ़ाने पर आधारित है।

प्रधानमंत्री ने भारत और आसियान की मित्रता के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हाल ही में आयोजित आसियान-भारत स्मारक शिखर सम्मेलन का भी स्मरण किया। उन्होंने आगे कहा कि भारत और आसियान देशों के संबंध हजारों वर्ष पुराने हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में 10 आसियान देशों के नेताओं का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करना भारत के लिये प्रतिष्ठा का विषय था।

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के संतुलित और तेज गति वाले विकास से भारत की विकास यात्रा को और ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का उद्देश्य लोगों के जीवन में गुणवत्तामय बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य 'जीवन को सरल बनाना है'।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित 'आयुष्मान भारत' योजना संपूर्ण विश्व में इस तरह की सबसे बड़ी योजना है। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य बीमा योजना 45-50 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचायेगी। उन्होंने गरीबों को स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराने के लिये केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये अन्य कदमों का भी जिक्र किया।

श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार लागत व्यय को कम कर के और उचित मूल्य की व्यवस्था करके किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिये केंद्र सरकार द्वारा उठाये अन्य कदमों का भी ब्योरा दिया।

प्रधानमंत्री ने लोगों को सस्ते घर मुहैया कराने के लिये सरकार द्वारा उठाये कदमों की जानकारी दी। उन्होंने एलईडी बल्बों के वितरण के लिये उजाला योजना का भी जिक्र किया जिसकी वजह से घरों के बिजली के बिल को काफी कम करने में मदद मिली है। उन्होंने राष्ट्रीय बांस अभियान के पुनर्गठन का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्तर-पूर्व के लिये बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नौकरशाही ढांचे में सुधार से परियोजनाओं के अमल में काफी तेजी आयी है।

प्रधानमंत्री ने मुद्रा योजना के तहत उद्यमियों को गारंटी मुक्त कर्ज मुहैया कराने की दिशा में उठाये गये कदमों का जिक्र किया। उन्होंने केंद्रीय बजट में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम सेक्टर को करों में राहत दिये जाने की बात का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने काले धन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई अहम आर्थिक सुधार किये हैं जिससे व्यापार करने की प्रक्रिया सरल हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इन सुधारों के परिणाम स्वरूप विश्व बैंक द्वारा जारी व्यापार करने की सुगमता की रिपोर्ट के अनुसार 190 देशों के बीच भारत 42 स्थान चढ़ कर 100वें स्थान पर पहुंच गया है। 

महान असमी संगीतकार भूपेन हज़ारिका को उद्धृत करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के सपनों को पूरा करना और 2022 तक एक नये भारत का निर्माण करना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। 

प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र में परिवहन के एक नये बुनियादी ढांचे के विकास के लिये उठाये गये कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य में व्यवसाय और विकास के लिये मैत्रीपूर्ण वातावरण तैयार करने के लिये असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल को बधाई दी।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!