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हमारे जीवन में कितना समय है, ये हमारे हाथों में नहीं है, लेकिन हम यह निर्धारित कर सकते हैं कि हमारा जीवन कैसा रहेगा: प्रधानमंत्री मोदी
अटल जी ने हर पल आम जन के लिए बिताया, उन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया: पीएम मोदी
वाजपेयी जी ने कश्मीर पर वैश्विक धारणा को बदल दिया: प्रधानमंत्री
बीजेपी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए अटल जी हमेशा एक प्रेरणा बने रहेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्‍मृति में नई दिल्‍ली में आयोजित प्रार्थना सभा को संबोधित किया।

उन्‍होंने कहा कि हमारे हाथ में यह नहीं है कि हमारा जीवन कितना लम्‍बा हो, लेकिन हम यह निर्धारित कर सकते हैं कि हमारा जीवन कैसा होगा। उन्‍होंने कहा कि अटलजी ने अपने जीवन में यह दिखाया कि जीवन कैस होना चाहिए और इसका उद्देश्‍य क्‍या होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि अटलजी ने हर पल आम जन के लिए बिताया। युवा अवस्‍था से लेकर जब तक शरीर ने साथ दिया, वह देश के लिए जिये। उन्‍होंने कहा कि अटलजी देशवासियों के लिए, अपने सिद्धांतों के लिए और जनसाधारण की आकांक्षाओं के लिए जिये।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयीजी ने अपना अधिकतर राजनीतिक जीवन उस समय बिताया, जब मजबूत राजनीतिक विचारधारा का कोई विकल्‍प नहीं था। उन्‍होंने कहा कि अलगाव सहने के बावजूद वह अपने आदर्शो के प्रति संकल्‍पबद्ध रहे। वह लम्‍बे समय तक विपक्ष में रहे, लेकिन उनके आदर्श अछूते रहे। श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि वाजपेयीजी ने संसदीय परम्‍पराओं का सम्‍मान किया और अवसर आने पर लोगों की भलाई के लिए अपने विज़न को लागू किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि  उनमें प्रत्‍येक क्षण अटल का अनुभव किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 मई 1998 को परमाणु परीक्षण करके उन्‍होंने विश्‍व को आश्‍चर्यचकित कर दिया। उन्‍होंने इन परीक्षणों की सफल्‍ता का श्रेय हमारे वैज्ञानिकों के कौशल को दिया। व्‍यापक वैश्विक प्रतिकूल प्रतिक्रिया के बावजूद अटलजी दबाव में नहीं झुके और विश्‍व  को दिखाया कि भारत अटल है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी जी के नेतृत्‍व में किसी तरह की कड़वाहट के बिना तीन नये राज्‍यों का गठन किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी जी ने यह दिखाया कि निर्णय लेने में कैसे सभी को साथ लेकर चला जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाते हुए कहा कि जब अटलजी ने केन्‍द्र में पहली बार सरकार बनाई तो कोई भी समर्थन देने को राजी नहीं था और सरकार 13 दिनों में गिर गई, लेकिन अटलजी ने आशा नहीं खोई और लोगों की सेवा करने के प्रति संकल्‍पबद्ध रहे। उन्‍होंने गठबंधन की राजनीति की राह दिखाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयीजी ने कश्‍मीर पर वैश्विक धारणा को बदल दिया। उन्‍होंने आतंकवाद के विषय को उठाया और इसे विश्‍व के केन्‍द्र में ला खड़ा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अटलजी हमारी प्रेरणा बने रहेंगे। वह सार्वजनिक जीवन और राजनीति से एक दशक से अधिक समय तक दूर रहे, लेकिन उनके निधन पर भावनाओं का सैलाब उमड़ा। यह उनकी महानता को दिखाता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अटलजी से कभी नहीं मिलने वाले युवा भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने कल एशियाई खेलों में प्राप्‍त स्‍वर्ण पदक को अटलजी के प्रति समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक व्‍यक्ति कितनी ऊंचाई और कितनी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।