ये काशी नगरी अपने आप में महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा प्रतीक है, यहां मोक्षदायिनी मां गंगा भी हैं और उनको धारण करने वाले देवाधि देव महादेव भी हैं: प्रधानमंत्री मोदी
आज भारत में बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं तो नाव से समंदर की परिक्रमा भी पूरी कर रही हैं: पीएम मोदी
हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से समर्पित है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित राष्ट्रीय महिला आजीविका सम्मेलन-2019 में भाग लिया।

उन्होंने इस मौके पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से चलाए जा रहे स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखी। प्रधानमंत्री ने महिला लाभार्थियों को बिजली से चलने वाला चाक, सौर चरखा और मधुमक्खी पालन में इस्तेमाल किए जाने वाला शहद ताना वितरीत किया। उन्होंने स्व-सहायता समूह की पांच महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना की दीनदयाल अंत्योदय योजना की मदद से काम कर रहीं विभिन्न महिला स्व-सहायता समूह ने ‘भारत के वीर’ कोष के लिए प्रधानमंत्री को अपनी तरफ से 21 लाख रुपये का चेक भेंट किया।

प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि नए भारत के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने देशभर में 75,000 स्थानों से 65 लाख से ज्यादा महिलाओं के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्मेलन में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वाराणसी महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस संदर्भ में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। इसमें उन्होंने स्वास्थ्य, पोषक आहार, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास, स्व-रोजगार, नए रसोई गैस कनेक्शन और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े उपायों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए 6 महीने के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था दुनिया में अपनी किस्म की एक सबसे बेहतरीन व्यवस्था है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि मुद्रा ऋण योजना के तहत अब दिए गए 15 करोड़ के ऋणों में से 11 करोड़ ऋण महिलाओं को दिए गए है।

देश में स्व-सहायता समूह के उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे न सिर्फ ऐसे समूह में काम करने वाले लोगों के परिवारों को लाभ हुआ है, बल्कि इससे राष्ट्र के विकास में भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओँ की मदद से स्व-सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराके उनमें नई ऊर्जा का समावेश कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि इस समय देश में करीब 50 लाख स्व-सहायता समूह हैं जिनमें 6 करोड़ महिलाएं काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक महिला स्व-सहायता समूह से जुड़े।

प्रधानमंत्री ने स्व-सहायता समूहों से नवोन्मेषी बनने और अपने बाजारों की बेहतर समझ विकसित करने और नए क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्व-सहायता समूहों को जीईएम पोर्टल का इस्तेमाल करना चाहिए।

श्री मोदी ने महिलाओं से कहा कि वे हाल में शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रममान धन योजना का लाभ उठाए, क्योंकि इसके जरिए वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत योजना का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों से बातचीत भी की।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PM Modi Praises Farmers For Taking India's Rich Mango Heritage To Global Markets

Media Coverage

PM Modi Praises Farmers For Taking India's Rich Mango Heritage To Global Markets
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”