जब-जब देश में चुनौती आई है, तब-तब बीजेपी कार्यकर्ता - सब कुछ छोड़कर, न्योछावर कर मां भारती की रक्षा में डटकर खड़े हुए हैं और संघर्ष किया है: प्रधानमंत्री मोदी
बीजेडी की नीयत सही होती तो, किसानों को उनकी उपज की लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य मिलता, जो चौकीदार ने तय किया है: पीएम मोदी
ओडिशा गरीब नहीं है, ओडिशा के लोगों में सामर्थ्य की कमी नहीं है, यहां संपदा भी है, संसाधन भी है और संकल्प को पूरा करने वाली जनता भी है: प्रधानमंत्री

 “आज से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। मां कमलेश्वरी की धरती से ओडिशा और देश को नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। देश की रक्षा में जुटे ओडिशा के हर जवान को नमन करता हूं। 2019 का ये चुनाव ओडिशा और देश के भविष्य के लिए बहुत अहम है। आप सभी को राज्य और केंद्र में कैसी सरकार चाहिए, इसके लिए फैसला करना है। आपको ये फैसला करना है कि ओडिशा और केंद्र में मेहनती और फैसले करने वाली सरकार चाहिए या फैसले टालने वाली सरकार चाहिए।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने शनिवार को ओडिशा के सुंदरगढ़ और सोनपुर में सभाओं को संबोधित किया। सुंदरगढ़ की रैली में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने भाजपा के गठन और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है। 39 वर्ष पहले आज ही के दिन सबसे बड़े राजनीतिक संगठन यानि हम सबके दिलों में बसी भाजपा का गठन हुआ। बीजेपी इसलिए विशेष है, क्योंकि यह पार्टी न तो धनबल से बनी है और न ही बाहुबल से, और न ही यह बाहर से उधार ली गई किसी विचारधारा से बनी है। बीजेपी देश के जन-जन की आकांक्षाओं से जन्मी और इनके बीच पली-बढ़ी है। यह भारत की मूलभूत मिट्टी की सुगंध से उपजी है। यह पार्टी भारतीय सभ्यता और संस्कृति में रची-बसी है और भारत के सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करती है। हम परिवार पर आधारित नहीं हैं और न ही हमलोग पैसों पर आधारित हैं। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है।“

पीएम मोदी ने कहा, “आज बीजेपी का झंडा ऐसी जगहों पर भी लहरा रहा है, जहां कभी किसी ने ऐसी कल्पना भी नहीं की थी। आज नॉर्थ-ईस्ट से लेकर देश के चारों कोनों में भाजपा का परचम लहरा रहा है। देशभर में लोगों ने बीजेपी को गले लगाया है। आज बीजेपी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है। आज सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े, आदिवासी, ग्रामीण तबके के किसान और महिलाएं भाजपा से जुड़ी हुई हैं। बीजेपी युवा भारत की पार्टी है। अगर भारत की राजनीति में किसी दल ने विकास को जन आंदोलन बनाया, तो वो भाजपा है।“

जनसभा में उपस्थित लोगों से भाजपा के उम्मीदवारों को वोट देने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा में इस बार सबसे ज्यादा कमल खिलने वाला है। उन्होंने कहा, ”मैं भाजपा के 11 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को पार्टी के स्थापना दिवस पर आदरपूर्वक नमन करता हूं। उनके उत्साह को नमन करता हूं, उनको जोश, परिश्रम और देश के लिए जीने-मरने की उनकी भावना की प्रतिबद्धता को नमन करता हूं। उनके ही परिश्रम से देश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है।“

सोनपुर की रैली में पीएम मोदी ने कहा, “आज ओडिशा के जन-जन में विकास का विश्वास नजर आ रहा है। ओडिशा का विश्वास तब बढ़ता है जब झारसुगुडा का एयरपोर्ट बन जाता है, बलांगीर-बिचुपली जैसे रेलवे लाइन प्रोजेक्ट पूरे हो जाते हैं। ओडिशा का विश्वास तब बढ़ता है, जब ओडिशा में रेलवे के विकास के लिए पांच साल पहले की तुलना में पांच गुना अधिक पैसा लगाया जाता है। ओडिशा का विश्वास तब बढ़ता है, जब ओडिशा के लाखों गरीब परिवारों को पक्के घर, शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली मिल जाती है।“ 

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दिल्ली और भुवनेश्वर में जब 23 मई को विकास का कमल छाप डबल इंजन लगेगा तो यहां की पहचान पलायन से नहीं पर्यटन से होगी- मैं ये विश्वास आपको दिलाता हूं। ‘सबका साथ सबका विकास’ हमारा प्रण है, और आप हमारी प्रेरणा हैं। आपकी प्रेरणा से ही आदिवासियों के लिए ‘जन धन’ से लेकर ‘वन धन’ तक की व्यवस्था हमने की है। भाजपा के उम्मीदवार को दिया गया हर वोट देश को मजबूत करेगा। आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तो आपका वोट सीधा-सीधा मोदी को मिलेगा।“

सुंदरगढ़ का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.