जब-जब देश में चुनौती आई है, तब-तब बीजेपी कार्यकर्ता - सब कुछ छोड़कर, न्योछावर कर मां भारती की रक्षा में डटकर खड़े हुए हैं और संघर्ष किया है: प्रधानमंत्री मोदी
बीजेडी की नीयत सही होती तो, किसानों को उनकी उपज की लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य मिलता, जो चौकीदार ने तय किया है: पीएम मोदी
ओडिशा गरीब नहीं है, ओडिशा के लोगों में सामर्थ्य की कमी नहीं है, यहां संपदा भी है, संसाधन भी है और संकल्प को पूरा करने वाली जनता भी है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय, भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, सभी हमारे उम्मीदवार और विशाल संख्या में पधारे हुए सुंदरगढ़ के मेरे प्यारे भाइयो और बहनो, सुंदररगढ़ और बरगड़ का ये सैलाब ये हुजूम, ये लहर, आपका ये स्नेह देखकर के मैं अभिभूत हूं। आप इस सेवक को आशीर्वाद देने के लिए जिस बड़ी संख्या में आए हैं। इसे मैं जीवन भर कभी भूल नहीं सकता हूं, और मैं हेलीकॉप्टर से देख रहा था कि जितने लोग ये सामने दिखते हैं, उससे ज्यादा लोग बाहर दिख रहे हैं। थोड़ी देर पहले यहां मुझे किसी ने बताया कि पहली बार देश का कोई प्रधानमंत्री सुंदरगढ़ आया है। ये सही बात है? जब वो ये कह रहे थे तभी मैंने उनको बीच में ही रोक दिया और मैंने जरा टोक दिया। मैंने कहा कि सुंदरगढ़ में कोई प्रधानमंत्री आज भी नहीं आया है। आज भी जो आया है वो तो तो ओडिशा का प्रधान सेवक आज अपने मालिकों से आशीर्वाद लेने के लिए आया है। साथियो, आज से नवरात्र का पावन पर्व शुरू हो रहा है। मां कमलेश्वरी, मां मनीकेश्वरी की धरती से ओडिशा और देश को नवरात्र की बहत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। भगवान बिरसा मुंडा, श्री मादरी कालो, वीर सुरेंद्र साय, वीर निर्मल मुंडा, और आमको- सिमको के हर शहीद को मैं नमन करता हूं। देश की रक्षा सुरक्षा में जुटे वीर-जवानों और नक्सलियों, माओवादियों और आतंकियों से देश को सुरक्षित करने वाले ओडिशा के हर जवान को भी मैं नमन करता हूं।

भाइयो- बहनो, 2019 का ये चुनाव ओडिशा और देश के भविष्य के लिए बहुत अहम है। आप सभी को यहां विधानसभा में और केंद्र में किस तरह की सरकार चाहिए इसका फैसला करना है। आपको ये फैसला करना है कि ओडिशा और केंद्र में ईमानदार और मेहनती सरकार चाहिए या फिर भ्रष्ट और फैसले टालने वाली सरकार चाहिए। आपको ये फैसला करना है कि ओडिशा और केंद्र में गरीब, आदिवासी, दलित, वंचित, पिछड़ा-शोषित हर वर्ग का विकास करने वाली सरकार चाहिए या फिर वंशवाद, भाई-भतीजावाद की सरकार चाहिए। साथियो, आपने दशकों तक देश में केंद्र में कांग्रेस सरकार के काम को देखा है। पिछले 19 वर्षों से आप ओडिशा में बीजेडी की सरकार को भी देख रहे हैं। इन दोनों की तुलना में आपके सामने भारतीय जनता पार्टी की सरकार का कामकाज भी है। साथियो, आज ही भारतीय जनता पार्टी की स्थापना दिवस भी है।

39 वर्ष पहले आज ही के दिन सबसे बड़े राजनीति संगठन यानी हम सबके दिलों में बसी भाजपा का गठन हुआ हुआ था और इसका हम सभी देश प्रेमियों को गर्व है। बीजेपी इसलिए विशेष है क्योंकि ये पार्टी न तो धनबल से बनी है और न ही बाहुबल से बनी है और न ही ये बाहर से उधारी ली गई कोई विचारधारा से बनी है। साथियो बीजेपी देश की जन-जन की आकांक्षाओं में से जन्मी है और पली-बढ़ी है। भारत की मूलभूत इस मिट्टी की सुगंध के साथ ये उपजी है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति में रची-बसी है, और भारत के सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करती है। हम परिवार पर आधारित नहीं और न ही हम लोग पैसों पर आधारित है। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की है। कार्यकर्ताओं ने बनाई है। कार्यकर्ताओं के बलिदान हुए है। चार-चार पीढ़ी खप गई है। कई पार्टियां पैसे से बनी है ये पार्टी पसीने से बनी है। कार्यकर्ताओं के पसीने से बनी है।

जब-जब देश में चुनौती आई है तब-तब बीजेपी कार्यकर्ता सबकुछ छोड़कर न्यौछावर कर मां भारती की रक्षा में डटकर खड़े हुए हैं और संघर्ष किया है। जेपी आंदोलन के दौरान जनसंघ के रुप में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के दौरान युवा शक्ति के रुप में बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के दमनकारी और तानाशाही रवैये के खिलाफ लोकतंत्र को बचाने का काम किया। लाखों भाजपा के जनसंघ के कार्यकर्ता जेलों में रहे। 19-19 महीने जेलों में रहे। जब भारत की एकता और अखंडता पर सवाल उठा तभी बीजेपी एकता यात्रा के साथ देश को एकजुट रखने के लिए आगे आई। चरैवेति चरैवेति के मंत्र को लेकर हम चलते रहते थे, और अटल बिहारी वाजपेयी जी तो हमें कहा करते थे कि बीजेपी के कार्यकर्ता का एक पैर रेल में और दूसरा पैर जेल में रहना चाहिए। यानी बीजेपी का कार्यकर्ता लोगों की आवश्यकताओं को समझने के लिए जमीन से जुड़ा रहना चाहिए। लगातार भ्रमण करता रहना चाहिए। उसका एक पैर रेल के डिब्बे में होना चाहिए और दूसरा पैर विकास के जुड़े मुद्दों के लिए जनता जनार्दन को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करें संघर्ष करें। ताकी सरकार को उसे जेल में डाले बिना कोई चारा ना बचे। और साथियो ऐसे हुआ भी।

मुझे याद है, मैं तो छोटा सा कार्यकर्ता था गुजरात में था, राजनीति में नहीं था, लेकिन मैंने देखा कि अनेक कार्यकर्ता, अनेक ऐसी बहनें छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महीनों तक जेलों में समय गुजारती थी क्योंकि सरकार के दमन चला करते थे। इस समर्पण से भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। अगर केरल की तरफ नजर करें तो आय दिन हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या हो जाती है। वहां सत्ता में हम बैठे नहीं है। बंगाल में आय दिन हमारे कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया जाता है। जहां आतंकवाद है वहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया है लेकिन उसके बावजूद भी भारत माता की जय। इसी एक मंत्र के लिए समर्पित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता चार-चार पीढ़ी से न कुछ लेना है, न कुछ पाना है, न कुछ बनना है। न कभी अखबार में तस्वीर छपती है न टीवी पर चेहरा दिखता है। लेकिन फिर भी भारत माता की जय का नारा लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता लगे रहते हैं। अपने इस लंबे सफर में अनेक बार बीजेपी के मनोबल को तोड़ने की तरह तरह से कोशिशें की गई।

लेकिन पार्टी के निर्भीक और उत्साहित कार्यकर्ताओं उनके मनोबल को कभी कोई हिला नहीं पाय। डिगा नहीं पाया। आज बीजेपी का झंडा आज ऐसी जगहों पर लहरा रहा है जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आज नॉर्थ ईस्ट से लेकर भारत के चारों कोनों में भाजपा का परचम लहरा रहा है। देश भर में लोगों ने बीजेपी को गले लगाया है। अपने दिल में उतारा है। आज बीजेपी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है। लोकतांत्रिक दल है। आज सबसे ज्यादा दलित पिछड़े, आदिवासी, ग्रामीण तबके के किसान, महिलाएं आज भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। देश को कांग्रेस और कांग्रेस से निकली पार्टियों के सामने एक मजबूत विकल्प देने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है, साथियो, बीजेपी युवा भारत की पार्टी है, एक्सप्रेशनल भारत की पार्टी है। जिससे किसान जुड़ रहे हैं।

जवान जुड़ रहे हैं, नौजवान जुड़ रहे हैं, महिलाएं जुड़ रही हैं, अगर भारत की राजनीति में किसी दल ने विकास को मुख्य मुद्दा बनाया, उसे जन आंदोलन का रुप दे दिया तो वो भारतीय जनता पार्टी है। इतने कम समय में इतनी तेजी से आगे बढ़ा दल इतनी छोटी आयु वाला दल जिसने भारत की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, वो है भारतीय जनता पार्टी। भाइयो और बहनो, अटल जी ने कहा था कि अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। आज मैं जब ओडिशा की धरती पर आया हूं तो मैं भी देख रहा हूं कि ओडिशा में चाहे राज्य की सरकार की चाहे केंद्र की कमल खिलना तय है। ओडिशा की जनता ने तय किया है। कोई पांच साल पहले कल्पना भी नहीं कर सकता था कि यहां बीजेपी का डंका बजने लगेगा। आज मैं दावे के साथ फिर से एक बार दोहराता हूं कि ओडिशा में इस बार सबसे ज्यादा कमल खिलने वाले हैं।

 हमारी इस सफर में, भारतीय जनता पार्टी की विचार यात्रा में भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा में भारतीय जनता पार्टी की त्याग-तपस्या की इस यात्रा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, कुशाभाऊ ठाकरे जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी, लाल कृष्ण आडवाणी जी, जगन्नाथराव जोशी जी, मुरली मनोहर जोशी जी, राजमाता सिंधिया जी, ऐसे अनके तपस्वी कार्यकर्ताओं के मार्ग दर्शन इस पार्टी को बनाया और यहां हमारे ओडिशा में भी किसी जमाने में देबेंद्र प्रधान जी देवेंद्र महापात्र जी, विश्व भूषण हरिचंदन जी, विक्रम केसरी देव जी जैसे अनके कार्यकर्ताओं ने अपनी तपस्या से पार्टी को मजबूत किया है, और आज की पीढी भी पूरी ताकत से लगी है और ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी का परचम फहरा रही है। मैं भारतीय जनता पार्टी के 11 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को आज भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर आदरपूर्वक नमन करता हूं, उनके उत्साह को नमन करता हूं। उनके जोश को नमन करता हूं। उनके संकल्प को नमन करता हूं। उनके परिश्रम को नमन करता हूं, और देश के लिए जीने मरने की उनकी भावना की प्रतिबद्धता को आज मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। अब उनके ही परिश्रम से देश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है।

बीते पांच वर्षों में हमने देश को ये दिखाया है कि जब कांग्रेस कल्चर से मुक्त पूर्ण बहुमत वाली सरकार चलती है तो उसका मतलब क्या होता है। भाइयो और बहनो, भारत अब आतंकियों को घर में धुसकर के मारता है। मारता है कि नहीं मारता है। आप खुश हैं, आतंकियों को अब ऐसा ही जवाब देना चाहिए कि नहीं चाहिए। भाइयो और बहनो, सरकारें पहले भी थी लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक का कभी सोच भी नहीं पाती थी। सरकारें पहले भी थी लेकिन दूसरे देश की सीमा के पार जाकर के हवाई जहाज से आतंकियों के ठीकानों को खत्म करना उनके बस का रोग नहीं था। ये बदलते हुए भारत दिनों दिन मजबूत होते भारत का प्रमाण है। आप मुझे बताइए देश मजबूत होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? मजबूत भारत के लिए मजबूत सरकार होनी चाहिए कि नहीं चाहिए? मजबूत भारत के लिए मजबूत ओडिशा होना चाहिए कि नहीं चाहिए? मजबूत ओडिशा और मजबूत भारत के लिए कमल खिलना चाहिए कि नहीं चाहिए? पूरे ओडिशा में कमल खिलना चाहिए कि नहीं चाहिए? हर विधानसभा में कमल खिलना चाहिए कि नहीं चाहिए? हर लोकसभा में कमल खिलना चाहिए कि नहीं चाहिए? साथियो, एक मजबूत देश उसकी मजबूत सरकार ही अपने देश के भीतर की चुनौतियों को तेजी से समाप्त कर सकती है। गरीबी हो, पिछड़ापन हो, अशिक्षा हो, बीमारियां हो, इस मोर्चे पर एक मजबूत सरकार एक साथ काम कर सकती है। साथियो, आप बताइए ओडिशा और देश को एक मजबूत सरकार की जरूरत है कि नहीं है? जरूरत है कि नहीं है? जरूरत पूरी करेंगे? जी जान से जुटेंगे? देश के तेज विकास के लिए एक मजबूत सरकार की जरूरत है ये हम सब स्वीकार करते हैं। साथियो, सरकार ऐसी होनी चाहिए जो सबका साथ सबका विकास इस मंत्र पर चलने वाली न कि जाति, पंथ, संप्रदाय और क्षेत्र के नाम पर भेदभाव करने वाली सरकार है। भाइयो और बहनो, क्षेत्र के आधार पर जो भेदभाव ओडिशा की बीजेडी सरकार कर रही है। ऐसा ही भेद इस प्रकार का भेदभाव कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों से पूरे पूर्वी भारत के साथ किया है। यहीं कारण है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, नॉर्थ ईस्ट, प. बंगाल और ओडिशा सहित देश का ये पूर्वी हिस्सा विकास की रौशनी से दूर रहा।

ये आपका चौकीदार है, ये आपका चौकीदार है, जिसने पूरे पूर्वी भारत को नए भारत का विकास इंजन बनाने का बीड़ा उठाया है। आपके हितों की चौकीदारी करने का संकल्प लिया है। साथियो, ये संकल्प बड़े सपनों की बात सबको सुरक्षा सबको समृद्धि और सबको सम्मान देने की बात हम ऐसे ही नहीं करते बल्कि काम के आधार पर करते हैं। आपके पड़ोस में झारखंड है छत्तीसगढ़ है। देश के आदिवासियों के विकास और जनजातीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही अटल जी के नेतृत्व वाली सरकार ने इन दोनों राज्यों का निर्माण किया था। छत्तीसगढ़ तो बिल्कुल नया था, हिंसा से प्रभावित था। आप तुलना कीजिए 15 वर्ष बीजेपी के और ये 19-20 साल यहां के बीजेडी के, ऐसे ही झारखंड में आज विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है। सामान्य मानवी को हर प्रकार की सुविधा पहुंचने में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आज झारखंड के युवाओँ को पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता है। उन्हें राज्य में ही काम करने के अच्छे विकल्प मिल रहे हैं। बीजेपी का यहीं ट्रैक रिकॉर्ड है। विकास के डबल इंजन का यहीं इतिहास है, जिसको लेकर आज मैं आपके सामने आज खड़ा हूं। आपको विकास चाहिए या भेदभाव चाहिए? विकास चाहिए या भेदभाव चाहिए? ओडिशा में विकास के कमल का फूल खिला कर रखोगे? भाइयो और बहनो, ओडिशा गरीब नहीं है, ओडिशा के लोगों में सामर्थ्य की कमी नहीं है। यहां संपदा भी है, संसाधन भी है और संकल्प को पूरा करने वाली ये मेरे ओडिशा की जनता जर्नादन भी है। अगर यहां कुछ नहीं रहा है तो वो है, सही नीति नहीं है और सही नीयत नहीं है। बीजेडी की नीयत सही होती तो किसानों को उनकी उपज की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य मिलता जो चौकीदार ने तय किया है।

अगर बीजेडी की नीयत सही होती तो यहां के गरीब 50 लाख किसानों को जो हजारों करोड़ रुपये सीधे खाते में आने थे उसको रोका नहीं जाता। बीजेडी की नीयत सही होती तो आयुष्मान भारत के तहत देशभर के अस्पतालों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज यहां के गरीबों को वो रुकता नहीं। बीजेडी की नीयत सही होती तो यहां के अस्पतालों का काम नहीं लटकता, अस्पताल बेहाल न होते। बीजेडी की नीयत सही होती तो मोदी जो अब तक आठ लाख पक्के घर गरीबों को दे पाया है उसकी संख्या उससे भी ज्यादा होती। अकेले ओडिशा में आठ लाख घर दे पाया हूं। लेकिन अगर सरकार ठीक होती तो शायद ये आंकड़ा और अनेक लाखों में जुड़ जाता और गरीब अपने घर में होते। बीजेडी की नीयत सही होती तो महानदी कोल लिमिटेड में कोल कॉरिडोर का प्रोजेक्ट कभी भी न लटकता। हजारों युवाओं का रोजगार न फंसता। बीजेडी की नीयत सही होती तो जो पैसे केंद्र सरकार उसे भेजती है उसे सही तरीके से खर्च करती। उस पर ताला लगाकर बैठ नहीं जाती। बीजेडी की नीयत सही होती तो खद्दानों से मिलने वाली रॉयल्टी के पैसों से यहां स्कूल खुलवाती , अस्पताल खुलवाती, सिंचाई की परियोजना को पूरा करवाती लेकिन साथियों बीजेडी आपके विकास पर रोकर लगाकर बैठ गई है। क्या ऐसी पार्टी को सजा नहीं देनी चाहिए? ऐसी पार्टी को विदाई करनी चाहिए कि नहीं चाहिए?

ओडिशा की भलाई के लिए बदलाव लाना चाहिए कि नहीं लाना चाहिए? ओडिशा की भलाई के लिए बदलाव लाना चाहिए कि नहीं लाना चाहिए? ओडिशा की आपके संतानों के लिए यहां के युवा पीढ़ी के लिए नई तेज तर्रार सरकार की जरूरत है कि नहीं है? क्या इतनी सुस्त सरकार ओडिशा का विकास कर पाएगी क्या? कर पाएगी क्या? साथियो, चौकार की नीति भी स्पष्ट है, और नीयत भी नेक है, नेक नीयत के कारण ही इतने दशकों के बाद बच्चों और बेटियों की तस्करी से जुड़ा कड़ा कानून इस चौकीदार ने बनाया है। कांग्रेस की सरकार भी रही, बीजेडी की सरकार भी रही, बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की इनको कोई चिंता नहीं, बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की चौकीदारी की नीति चौकीदार लेकर आया। नेक नीयत है तभी तो बेटियों को स्कूल में अलग शौचालय, घर-घर में इज्जत घर देने का काम और धुएं से संघर्ष करती ओडिशा की 35 लाख बहनों को गैस कनेक्शन दिया गया है। भाइयो और बहनो विकास की पंचधारा बच्चों की पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों को सिंचाई, और जनजन की सुनवाई इसी रास्ते पर ये चौकीदार काम कर रहा है। विकास की ये पंच धारा जनजातीय अंचलों में भी दिख रही है। आपके इस चौकीदार ने देश को स्पोर्ट्स सुपरपावर बनाने का सपनाद देखा है।

सुंदरगढ़ तो हमारी हॉकी की नर्सरी है नर्सरी, पांच वर्ष में अपना देखा है कि हर खेल में भारत का प्रदर्शन कितना सुधरा है। खेलो इंडिया जैसा एक बहुत व्यापक अभियान देश के कोने कोने में प्रतिभा को पहचानने के लिए हमने चलाया है। हमारा प्रयास कि अपनी जनजातीय युवाओं को खेलों को अधिक सुविधाएं दी जाए इसलिए इसके लिए हर आदिवासी बाहुल्य जिलों को आने वाले वर्षों में पांच करोड़ रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसी तरह बच्चों की पढ़ाई के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं। पढ़ाई के लिए जो मदद दी जा रही है वो सीधे आपके बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था की गई है। आपको पता है ना, सुंदरगढ़ ही नहीं, ओडिशा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आदिवासी हितों आदिवासी विकास की जिम्मेदारी को कौन संभाल रहा है ?आपके ही सांसद मेरे मित्र जुवेल उरांव जी संभाल रहे हैं। साथियो, एक तरफ आपके इस चौकीदार के प्रयास है और दूसरी तरफ कांग्रेस और बीजेडी का इतिहास है। इनके लिए दलित, आदिवासी, पिछड़े सिर्फ एक वोट बैंक है। वरना क्या कारण है ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने का सशक्त करने का काम भी मोदी को ही करना पड़ा है। कांग्रेस इतने वर्षों तक ये काम क्यों नहीं कर पाई। कांग्रेस की ये नीति रही है कि लोगों को जात-पात के जंजाल में उलझाए रखे ताकी वो सवाल न पूछ पाए यहीं कारण है कि देश से और ओडिशा से कांग्रेस साफ हो रही है।

वर्षो तक कांग्रेस में काम करने वालों को अब कांग्रेस पर भरोसा नहीं बचा है। इसकी एक वजह ये भी है कि क्योंकि इसके स्वार्थी नामदार ने अपने स्वार्थ के लिए देश को दांव पर लगा दिया है। आपका ये चौकीदार आतंकियों और नक्सलियों और माओवादियों को सबक सिखाने में जुटा है, और कांग्रेस इनको आश्रय देने वालों को बचाने में लगी है। चौकीदार देश के सपूतों के सम्मान के लिए मैदान में है, कांग्रेस देश के हितों के खिलाफ काम करने वालों के सम्मान के लिए मैदान में है। आपका चौकीदार पाकिस्तान के आतंकी ठीकानों पर स्ट्राइक करता है। कांग्रेस जवानों के विशेष अधिकार को ही हटाने में ही जुटी है।

भाइयो और बहनो देश की सुरक्षा और ओडिशा के विकास के लिए आप सभी चौकीदारों को कमल का फूल पूरी मजबूती से खिलाना है। आप कमल खिलाएंगे? चौकीदार को मजबूत करेंगे? तो बोलिए

मेरे साथ… मैं कहूंगा.. मैं भी आप भी बोलिए चौकीदार... मैं भी...चौकीदार, मैं भी..चौकीदार, मैं भी...चौकीदार, गली- गली में...चौकीदार, गली-गली में...चौकीदार, गली- गली में चौकीदार, चौक-चौक पर...

चौकीदार, गांव-गांव है... चौकीदार, शहर शहर है...चौकीदार, बच्चा बच्चा...चौकीदार, बूढ़े-बुजुर्ग....चौकीदार, माता- बहने...चौकीदार, घर-घर में हैं...चौकीदार, खेत खलिहान में...चौकीदार, बाग-बगान में...चौकीदार, देश के अंदर..चौकीदार, सरहद पर भी...चौकीदार, डॉक्टर- इंजीनियर...चौकीदार, शिक्षक- प्रोफेसर...चौकीदार, लेखक- पत्रकार...चौकीदार, आदिवासी...चौकीदार, वनवासी...चौकीदार, दलित-पीड़ित...चौकीदार, वंचित शोषित..चौकीदार, किसान- कामगार...चौकीदार, दुकानदार भी...चौकीदार, वकील व्यापारी भी... चौकीदार, स्टूडेंट्स भी... चौकीदार, सारा देश...चौकीदार, देश के भीतर...चौकीदार, सीमा पर भी...चौकीदार।

आइए सवा सौ करोड़ चौकीदार मिलकर के देश के उज्जवल भविष्य के लिए आगे बढ़े। बहुत-बुहत धन्यवाद... भारत माता की...जय

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उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल: जेवर में पीएम मोदी
March 28, 2026
नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तन के प्रथम चरण का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और भारत के विमानन भविष्य में एक महत्वपूर्ण कदम है: प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश अब भारत में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तनों वाले राज्यों में से एक बन गया है: प्रधानमंत्री
विमान पत्तन किसी भी देश में केवल बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, वे प्रगति को उड़ान देते हैं: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार एक विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश कर रही है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उद्धघाटन हो गया? उद्धघाटन हो गया? नहीं, अभी आधा काम हुआ है। मैंने सिर्फ वो पर्दा हटाया है, लेकिन मैं आज चाहता हूं इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन यहां जो भी उपस्थित हैं, आप सब करें, और इसलिए आप अपना मोबाइल फोन निकालिये, अपने मोबाइल फोन का फ्लैश लाईट कीजिए और आपका इसका उद्धघाटन कर रहे हैं। आप दीया जलाकर के यहां उपस्थित हर व्यक्ति, आज इस एयरपोर्ट का उद्धघाटन कर रहा है। ये आपकी अमानत है, ये आपका भविष्य है, ये आपका पुरूषार्थ है और इसलिए इसका उद्धघाटन भी आपके हाथों से हो रहा है, आप अपने भारत माता की जय बोलकर के, हाथ ऊपर करके, फ्लैश लाईट पूरी तरह से दिखाइये। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। भारत माता जी जय। बहुत-बहुत धन्यवाद। अब उद्धघाटन हो गया।

उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री राममोहन नायडू जी, पंकज चौधरी जी, ज्यूरिक एयरपोर्ट के चेयरमैन जोसेफ फेल्डर जी, अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक, अन्य महानुभाव और मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

मैं देख रहा हूं, आज जहां भी मेरी नजर पड़ रही है, सारे युवा मुझे नजर आ रहे हैं, उत्साह से भरे युवा हैं, जोश से भरे हुए युवा हैं, क्योंकि इन युवाओं को पता है, ये जो काम हो रहा है ना, ये नौजवानों के भविष्य को नई उड़ान देने वाला काम हो रहा है। आज हम विकसित यूपी-विकसित भारत अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। देश का सबसे बड़ा प्रदेश, आज देश के सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाले राज्यों में से एक हो गया है। और आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं। एक तो ये है कि इस एयरपोर्ट का शिलान्यास भी करने का सौभाग्य आप सबने मुझे दिया था और आप सबने इस एयरपोर्ट के उद्धघाटन का सौभाग्य भी मुझे दिया, लेकिन मैंने उस सौभाग्य को आपके साथ बांट दिया और आपके हाथों से उद्धघाटन करवा दिया। दूसरा, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे सांसद बनाया, उसकी पहचान के साथ, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य एयरपोर्ट का नाम भी जुड़ गया है।

साथियों,

नोएडा का ये एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद, इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिन्दुस्तान को और उत्तर प्रदेश को तो होना ही होना है। ये एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, यहां के नौजवानों के लिए, अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही, ये विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मैं उत्तर प्रदेश को, विशेष रूप से पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, भारत के नए मिज़ाज का प्रतीक है। आप सभी देख रहे हैं कि आज पूरा विश्व कितना चिंतित है। पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है। युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, पेट्रोल-डीज़ल-गैस, खाद, ऐसी कई ज़रूरी चीज़ों का चारो तरफ संकट पैदा हो गया है। हर देश इस संकट का सामना करने के लिए कुछ न कुछ कोशिश कर रहा है, प्रयास कर रहा है। और हमारा भारत भी इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है, देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है। भारत तो बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस, ये जहां युद्ध चल रह है ना, इस युद्ध से प्रभावित इलाके से मंगाता रहा है। इसलिए सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे सामान्य परिवारों पर, हमारे किसान भाई-बहनों पर, इस संकट का बोझ न पड़े।

साथियों,

संकट के इस समय में भी, भारत ने अपने तेज़ विकास को निरंतर जारी रखा है। मैं सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ही बात करुं, तो पिछले कुछ सप्ताह में ही, ये चौथा बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसका शिलान्यास या लोकार्पण हुआ है। इन कुछ ही सप्ताह में, इस दौरान नोएडा में बहुत बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का शिलान्यास हुआ, इसी कालखड में देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो-भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, इसी कालखंड में मेरठ मेट्रो का विस्तार किया गया, और इतने कम समय में आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आप सबके हाथों से उद्धघाटन भी हो गया।

साथियों,

ये सारे प्रोजेक्ट्स, यूपी के विकास के लिए, डबल इंजन सरकार के प्रयासों का शानदार उदाहरण हैं। सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल, तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी दे रही है। और ये हमारा जेवर एयरपोर्ट, पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। और आपने अभी वीडियो में देखा, ये ऐसा एयरपोर्ट बन रहा है, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा, हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा। पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का ATM बना लिया था। लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा, यूपी के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है।

साथियों,

जेवर का ये एयरपोर्ट, डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का भी बहुत अच्छा उदाहरण है। अब आप सोचिये, इस एयरपोर्ट को अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने 2003 में ही फाइल में मंजूरी दे दी थी। 2003 में, आपमें से बहुत होंगे जिसका जन्म नहीं हुआ होगा, बहुत वो लोग होंगे जो उस समय 25-30 साल के 35 साल के हुए होंगे और आज रिटायर भी हो गए, लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना। लेकिन केंद्र में कांग्रेस और यहां की पहले की सरकारों ने सालों तक इस एयरपोर्ट की नींव तक नहीं पड़ने दी। 2004 से 2014 तक ये एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा। जब हमारी सरकार बनी तो यूपी में सपा की सरकार थी। शुरु के दो-तीन सालों में सपा वालों ने इस पर काम नहीं होने दिया। लेकिन जैसे ही यहां भाजपा-NDA की सरकार बनी, दिल्ली में भाजपा-एनडीए की सरकार बनी, तो जेवर एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी, निर्माण भी हुआ और अब ये शुरु भी हो गया है।

साथियों,

एयरपोर्ट के अलावा ये क्षेत्र देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर्स का भी हब बन रहा है। ये फ्रेट कॉरिडोर मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई स्पेशल पटरियां हैं। इससे उत्तर भारत की बंगाल और गुजरात के समंदर से कनेक्टिविटी बेहतर हो गई है। और दादरी वो स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर्स आपस में मिलते हैं। यानी यहां किसान जो उगाते हैं, यहां उद्योग जो कुछ बनाते हैं, वो जमीन से, हवाई मार्ग से, दुनिया के कोने-कोने तक तेज़ी से जा पाएगा। ऐसी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के कारण, यूपी दुनियाभर के निवेशकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण बन रहा है।

साथियों,

जिस नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे, मुझे याद है यहां की सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वो उस कार्यक्रम में नहीं आए और मुझे भी डराने की लोगों ने कोशिश की, कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो। मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अर्से तक सेवा करने का मौका देगा। अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है।

साथियों,

इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में, खेती-किसानी का बहुत महत्व है। मैं आज उन मेरे किसान भाई-बहनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए अपनी जमीनें दी है। उन किसानों के लिए जोरदार तालियां बजाइये दोस्तों, मेरे किसान भाई-बहनों के लिए जोरदार तालियां बजाइये। मेरे किसान भाई-बहन, आपके इस योगदान से ही, इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरु होने जा रहा है। आधुनिक कनेक्टिविटी का जो विस्तार यहां हो रहा है, उससे पश्चिमी यूपी में फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं को और बल मिलेगा। अब यहां के कृषि उत्पाद दुनिया के बाज़ारों में और बेहतर तरीके से जा पाएंगे।

साथियों,

यहां मैं अपने किसान साथियों का एक और बात के लिए भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आपके गन्ने से जो इथेनॉल बनाया गया है, उससे कच्चे तेल, कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम हुई है। अगर इथेनॉल का उत्पादन ना बढ़ता, पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिंग ना बढ़ती, तो देश को हर वर्ष साढ़े चार करोड़ बैरल, साढ़े चार करोड़ बैरल यानी लगभग 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता। किसानों के परिश्रम ने देश को इस संकट के समय में इतनी बड़ी राहत दी है।

साथियों,

इथेनॉल से देश को तो फायदा हुआ ही है, किसानों को भी बहुत बड़ा लाभ हुआ है। इससे करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची है। यानी इथेनॉल न बनाते तो ये पैसा विदेश जाना जय था। बीते वर्षों में इतना सारा पैसा, देश के किसानों को मिला है, गन्ना किसानों को मिला है।

साथियों,

यहां के गन्ना किसानों ने तो पहले के वो दिन भी देखे हैं, जब कई-कई सालों तक गन्ने का बकाया लटका रहता था। लेकिन आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गन्ना किसानों की स्थिति बेहतर हुई है।

साथियों,

किसी भी देश में एयरपोर्ट सिर्फ एक सामान्य सुविधा नहीं होता। ये एयरपोर्ट प्रगति को भी उड़ान देते हैं। साल 2014 से पहले, देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज 160 से अधिक एयरपोर्ट्स देश में हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों में भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। पहले जो सरकारें रही हैं, वे मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए ही होनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार ने, सामान्य भारतीय के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है। हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों के नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार करते हुए उनकी संख्या बढ़ाकर सत्रह कर दी है।

साथियों,

भाजपा सरकार का निंरतर प्रयास रहा है कि एयरपोर्ट भी बने और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे। इसलिए, हमने उड़ान योजना शुरु की थी। इस स्कीम के कारण, बीते कुछ सालों में एक करोड़ साठ लाख से अधिक देशवासियों ने उड़ान योजना से टिकट लेकर सस्ती दरों पर हवाई यात्रा की है। और मैं आपको एक और जानकारी देना चाहता हूं। हाल में ही केंद्र सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है। इसके लिए लगभग 29 हज़ार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। आने वाले वर्षों में इसके तहत, छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।

साथियों,

भारत का एविएशन सेक्टर, बहुत तेज़ से गति और विकास कर रहा है। जैसे-जैसे भारत में नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, वैसे-वैसे नए हवाई जहाज़ों की ज़रूरत भी बढ़ती जा रही है। इसलिए देश की अलग-अलग एयरलाइन्स ने सैकड़ों नए जहाजों के ऑर्डर दिए हैं। ये जो नई सुविधाएं हैं, नए जहाज आ रहे हैं, इनको उड़ाने वाले, इनमें सर्विस देने वाले, मेंटनेस से जुड़े, ऐसे हर काम के लिए बहुत बड़ी संख्या में वर्कफोर्स की ज़रूरत रहेगी। ये युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है। इसलिए हमारी सरकार, एविएशन सेक्टर में ट्रेनिंग की सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है।

साथियों,

आप जब अपनी कोई गाड़ी खरीदते हैं, तो ये जरूर देखते हैं कि उस गाड़ी बनाने वाली कंपनी का सर्विसिंग सेंटर आसपास है या नहीं है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि हमारे देश में हवाई जहाजों की सर्विसिंग, यानी उनके मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल की पुख्ता व्यवस्थाएं ही नहीं थीं। भारत के 85 एयरपोर्ट, 85 परसेंट हवाई जहाजों को आज भी मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल यानी MRO के लिए, इस काम के लिए विदेश भेजना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ठाना है कि MRO सेक्टर में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। अब भारत में ही, बहुत बड़े पैमाने पर MRO सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आज यहां जेवर में भी MRO सुविधा का शिलान्यास हुआ है। ये सुविधा जब तैयार हो जाएगी, तो ये देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी। इससे देश को कमाई भी होगी, हमारा पैसा भी देश में ही रहेगा, और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।

साथियों,

आज हमारी सरकार की प्राथमिकता देश के नागरिकों की सुविधा है। देश के नागरिक का समय बचे और उसकी जेब पर ज्यादा बोझ भी न पड़े, ये हमारा लक्ष्य है। मेट्रो और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का इसी भाव से ही विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल, इसका कितना फायदा हो रहा है, ये भी हम सब देख रहे हें। अभी तक नमो भारत, ढाई करोड़ से अधिक लोग सफर कर चुके हैं। दिल्ली-मेरठ के जिस सफर में पहले घंटों लग जाते थे, अब वो सफर मिनटों में ही पूरा हो रहा है।

साथियों,

विकसित भारत के विकसित आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। बीते 11 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट छह गुणा से अधिक बढ़ाया गया है। इन वर्षों में 17 लाख करोड़ रुपये हाईवे और एक्सप्रेसवे पर खर्च किए गए हैं, एक लाख किलोमीटर से अधिक के हाईवे का निर्माण किया गया है। 2014 तक रेलवे में सिर्फ 20 हजार किलोमीटर रूट का बिजलीकरण हुआ था। जबकि 2014 के बाद से 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया गया है। आज ब्रॉडगेज नेटवर्क का लगभग शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। आज कश्मीर घाटी हो या नॉर्थ ईस्ट की राजधानियां, ये पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ रही हैं। पोर्ट यानी बंदरगाहों की क्षमता, बीते दशक में दोगुने से अधिक हुई है। देश में नदी जलमार्गों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी हर क्षेत्र में भारत तेज़ी से काम कर रहा है।

साथियों,

विकसित भारत बनाने के लिए सबका प्रयास बहुत ज़रूरी है। ये आवश्यक है कि 140 करोड़ देशवासी कड़े से कड़ा परिश्रम करे, और वैश्विक संकटों का एकजुट होकर सामना करें। अभी जो युद्ध चल रहा है, इससे पैदा हुए संकटों का सामना कैसे करना है, इसके बारे में मैंने संसद में भी विस्तार से बताया है। मेरी कल देश के सभी मुख्यमंत्रियों से भी लंबी चर्चा हुई है और बड़ी सकारात्मक चर्चा हुई है। मैं आज आप सभी जनता-जनार्दन से फिर कहूंगा, मैं देशवासियों से फिर से कहूंगा। हमें शांत मन से, धैर्य के साथ, एकजुटता के साथ, मिल जुलकर के, इस संकट का सामना करना है। ये पूरे विश्व में परेशानी पैदा करने वाला संकट है। हमें अपने देश की सबसे ज्यादा चिंता करनी है। और यही हम भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत है। मैं यूपी के, देश के सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं, विनती पूर्वक कहना चाहता हूं, इस प्रकार के संकट में ऐसी बातें करने से बचें, जो देश के लिए नुकसानदायक हैं। जो भारतीयों के हक में है, जो भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। राजनीति के लिए गलत बयानबाज़ी करने वाले, राजनीतिक बहस में तो कुछ नंबर पा लेंगे, लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को देश की जनता कभी माफ नहीं करती। कोरोना के महासंकट के दौरान भी, कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाईं, वैक्सीन को लेकर झूठ बोले, ताकि सरकार का काम मुश्किल हो, देश को नुकसान हो। परिणाम क्या हुआ? जनता ने चुनावों के दौरान ऐसी राजनीति को नकार दिया, ठुकरा दिया। मुझे पूरा भरोसा है, कि देश के सभी राजनीतिक दल भी इससे सबक सीखेंगे और देश के एकजुट प्रयासों को वो बल देंगे, ताकत देंगे। इसी आग्रह के साथ, एक बार फिर से उत्तर प्रदेश को इस शानदार एयरपोर्ट के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

बहुत-बहुत धन्यवाद।