"मैं नॉर्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के हर राज्य, हर जनजातीय समाज को आश्वस्त करना चाहता हूं कि असम सहित नॉर्थ-ईस्ट के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं और संस्कृतियों को संरक्षित करना और उसे समृद्ध बनाना भाजपा की प्राथमिकता है। मैं आज इस मंच से नॉर्थ-ईस्ट, विशेषकर असम के भाइयों-बहनों और वहां के युवा साथियों से अपील करता हूं कि आप अपने इस सेवक मोदी पर विश्वास रखिए। मैं नॉर्थ-ईस्ट के भाइयों-बहनों की किसी परंपरा, भाषा, रहन-सहन, संस्कृति पर आंच नहीं आने दूंगा।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें झारखंड के धनबाद में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी संसद में पारित हुए नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर नॉर्थ-ईस्ट में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि नॉर्थ-ईस्ट के करीब-करीब सभी राज्य इस कानून के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा, "मैं असम के मेरे भाइयों-बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि कोई भी उनके अधिकारों को नहीं छीन सकता। उनकी राजनीतिक विरासत, भाषा और संस्कृति को Clause 6 की स्पिरिट के अनुसार Safeguard किया जाएगा।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के प्रति इतना विश्वास और भरोसा इसलिए है, क्योंकि भाजपा ही है, जो संकल्प लेने के बाद उसे सिद्ध भी करती है। उन्होंने कहा, ‘’भाजपा ने सिर्फ छह महीने में दिखाया है कि संकल्प चाहे कितने भी बड़े और मुश्किल हों, उन्हें पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर देते हैं। हमने कहा था कि छोटे किसान, खेत मजदूर, छोटे दुकानदार और छोटे व्यापारियों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की व्यवस्था करेंगे। ये संकल्प भी हमने आते ही पूरा कर दिया। हम सुख-वैभव के पीछे नहीं दौड़ते हैं, न ही हम चैन की नींद सोते हैं। हर पल देशवासियों के सपनों को पूरा करने के लिए हम हमेशा अपने आप को मिटाते रहते हैं।"

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के वादे के अनुरूप सरकार 2024 तक देश के हर घर को जल देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘’सरकार बनते ही हमने जलशक्ति का अलग मंत्रालय बनाया और जल शक्ति मिशन भी शुरू कर दिया। आने वाले समय में इस पर साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हमने आपसे जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का वादा किया था, जो पूरा हो चुका है और वहां भारत का संविधान पूरी तरह से लागू है। इसके साथ ही भाजपा राम जन्मभूमि और तीन तलाक जैसे मुद्दे के अपने वादों को भी पूरा कर चुकी है।‘’ 

श्री मोदी ने कहा कि बीते छह महीने में जितने भी फैसले लिए गए हैं, उनमें से अनेक दशकों से लटके हुए थे। इन सारे कार्यों को लटकाने का श्रेय कांग्रेस और उसके सहयोगियों को जाता है। उन्होंने कहा कि OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई वर्षो से चल रही थीl सरकार में आते ही कांग्रेस इसे भूल जाती थी, लेकिन भाजपा ने OBC आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। उन्होंने कहा, ‘’भाजपा ने गरीबों के हित में सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दे दिया। अभी हमारी सरकार ने पार्लियामेंट में एससी-एसटी का आरक्षण 10 वर्ष बढ़ाने का फैसला किया, यह हमारी राष्ट्रनीति का हिस्सा है।‘’

पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास से सरकार तभी चल पाएगी जब यहां सरकार भाजपा की होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने धनबाद, देवघर और झारखंड को धूल, धुआं और धोखा दिया। यहां से कोयला निकलता रहा, लेकिन यहां की जनता को प्रदूषण और सुविधाओं के अभाव में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, "जब आपने दिल्ली और रांची में भाजपा की सरकार बनाई, तब जाकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बना। पिछले कुछ समय में इस फंड से झारखंड को करीब 5,000 करोड़ रुपये मिले हैं और इसे राज्य के मूलभूत संरचना के विकास में लगाया जा रहा है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर गरीब-बेघर परिवार को अपना पक्का घर दिलाने का बीड़ा उठाया है। झारखंड में 10 लाख ऐसे घर बन चुके हैं।  जिनको अभी घर नहीं मिले हैं ,उनको भी 2022 तक अपना पक्का घर मिल जाएगा। उन्होंने कहा, "2022 के बाद किसी को झुग्गी-झोपड़ी में नहीं रहना पड़ेगा, पक्का घर हर परिवार को मिलेगा, ये मेरा आपसे वादा है।"

 

धनबाद का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.