टीकाकरण के प्रयास तेजी से चल रहे हैं, इससे महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से मदद मिलती है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रौद्योगिकी के माध्यम से आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी श्रमिकों का प्रशिक्षण काफी सरल हो गया है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं और बच्चों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित कराने के आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी श्रमिकों के प्रयासों की सराहना की
भारत सरकार आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री ने आज वीडियो ब्रिज के माध्‍यम से देशभर की आशा कर्मियों, आंगनवाड़ी कर्मियों तथा एएनएम (ऑक्‍सलियरी नर्स मीड वाईफ) के साथ बातचीत की। उन्‍होंने एक साथ मिलकर काम करने तथा नवाचारी उपायों और टेक्‍नॉलोजी का उपयोग करने के लिए तीनों कर्मियों की सराहना की और कहा कि तीनों कर्मी स्‍वास्‍थ्‍य और पोषाहार सेवाएं सुधारने तथा पोषण अभियान – देश में कुपोषण में कमी- के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने की दिशा में काम कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने जमीन स्‍तर के स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों के योगदान को स्‍वीकार करते हुए उन्‍हें मजबूत और स्‍वस्‍थ देश बनाने के लिए धन्‍यवाद दिया। इस महीने पोषण माह मनाया जा रहा है और पोषण माह के हिस्‍से के रूप में प्रधानमंत्री का यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्‍य देशभर में पोषाहार के संदेश को पहुंचाना है।

प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रीय पोषाहार मिशन की चर्चा करते हुए कहा कि राजस्‍थान के झुंझुनू से लांच किए गए पोषण अभियान का लक्ष्‍य स्‍टंटिंग, एनीमिया, कुपाषण तथा जन्‍म के समय कम वजन में कमी लाना है। उन्‍होंने कहा कि इस आंदोलन के साथ अधिक से अधिक महिलाओं और बच्‍चों को जोड़ा जाना आवश्‍यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने कुपोषण तथा गुणवत्‍ता संपन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य सेवा से जुड़े पहलुओं पर फोकस किया है। टीकाकरण कार्यक्रम तेजी से प्रग‍ति कर रहे हैं और महिलाओं तथा बच्‍चों की सहायता कर रहे हैं।

देशभर के स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों और लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने मिशन इंद्रधनुष को कारगर तरीके से लागू करने तथा तीन लाख गर्भवती महिलाओं और 85 करोड़ से अधिक बच्‍चों को टीका कवच प्रदान करने में टीम ‘थ्री ए’ – आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कर्मियों के प्रयासों और समर्पण की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान सुरक्षित मातृत्‍व अभियान के बारे में और अधिक सूचना प्रसारित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने न्‍यू बोर्न केयर की सफलता की प्रशंसा की। इससे प्रतिवर्ष देश के 1.25 मि‍लियन बच्‍चे लाभान्वित होते हैं। अब इसका नाम ओम बेस्‍ड चाइल्‍ड केयर कर दिया गया है जिसके अंतर्गत आशाकर्मी जन्‍म के पहले 15 महीनों में 11 बार घरों में जाएंगी। इससे पहले जन्‍म के पहले 42 दिनों में 6 बार जाना पड़ता था।

प्रधानमंत्री ने स्‍वास्‍थ्‍य और देश के विकास के बीच जुड़ाव की चर्चा करते हुए कहा कि यदि देश के बच्‍चे कमजोर हैं तो देश का विकास धीमा रहेगा। किसी भी नवजात के लिए जीवन के प्रथम एक हजार दिन बहुत गंभीर होते हैं। इस दौरान पोष्टिक खानपान और खाने से संबंधित आदतें यह तय करती हैं कि शरीर कैसा होगा, यह पढ़ने लिखने में कैसा होगा और मानसिक रूप से कैसा मजबूत होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि देश का नागरिक स्‍वस्‍थ है तो देश का विकास कोई नहीं रोक सकता। इसलिए शुरूआती एक हजार दिनों में देश का भविष्‍य सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत व्‍यवस्‍था विकसित करने के प्रया‍स किए जा रहे हैं।

यह महत्‍वपूर्ण है कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालयों के उपयोग से 3 लाख मासूमों की जिंदगी बचाई जा सकती है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर स्‍वच्‍छता के प्रति समर्पण के लिए देशवासियों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने आयुष्‍मान भारत की प्रथम लाभा‍र्थी बेबी करिश्‍मा की चर्चा की और कहा कि बेबी करिश्‍मा आयुष्‍मान बेबी के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्‍होंने कहा कि बेबी करिश्‍मा वैसे 10 करोड़ से अधिक लोगों की आशा की प्रतीक बन गई हैं जो इस महीने की 30 तारीख को रांची में लॉंच किए जाने वाले आयुष्‍मान भारत कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा आशा‍कर्मियों को दी जाने वाली नियमित प्रोत्‍साहन राशि दोगुनी करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्‍त सभी आशाकर्मियों और उनके सहायकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत नि:शुल्‍क बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने आंगनवाड़ी कर्मियों को दी जाने वाली मानदेय राशि में वृद्धि की भी घोषणा की। अब जिन्‍हें तीन हजार रूपये मिल रहा है उन्‍हें 4500 रूपये मिलेंगे। इसी तरह 2200 रूपये प्राप्‍त करने वाले लोग अब 3500 रूपये प्राप्‍त करेंगे। आंगनवाड़ी सहायकों के लिए मानदेय राशि 1500 रूपये से बढ़ाकर 2250 रूपये कर दी गई है।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Centre hikes non-urea fertiliser subsidy 10-21% amid West Asia crisis

Media Coverage

Centre hikes non-urea fertiliser subsidy 10-21% amid West Asia crisis
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री आंतरिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें उन्होंने आंतरिक ज्ञान को ब्रह्मांड का सच्चा सार बताते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की विरासत और संस्कृति ने हमेशा यह सिखाया है कि सच्चा ज्ञान और उसका सही सदुपयोग ही किसी राष्ट्र की प्रगति के आधार हैं। उन्होंने बताया कि इसी मार्ग पर चलते हुए देश के युवा एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह ज्ञान, जो हमारे भीतर ही स्थित है और सामान्य ज्ञान से कहीं अधिक श्रेष्ठ है, महान और विद्वान व्यक्तियों द्वारा पूजनीय माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:

"हमारी विरासत और संस्कृति हमें यही सिखाती आई है कि सच्चा ज्ञान और उसका सदुपयोग ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। इसी मार्ग पर चलकर आज हमारे देश के युवा समृद्ध और सशक्त भारत को गढ़ने में जुटे हैं।

अन्तःस्थमेव यज्ज्ञानं ज्ञानादपि च यत्परम्।

तदेव सर्वसंसारसारं सद्भिरुपास्यते॥"

जो ज्ञान हमारे भीतर स्थित है और जो सामान्य या बाहरी ज्ञान से भी श्रेष्ठ है, वही इस समस्त संसार का असली सार है। श्रेष्ठ पुरूषों और ज्ञानियों द्वारा उसी आंतरिक ज्ञान की उपासना की जाती है।