प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक और नवनिर्मित पुलिस संग्रहालय का उद्घाटन किया
ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे राष्ट्र सेवा और समर्पण की अमर गाथा के प्रतीक,राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है: पीएम मोदी
पिछले कुछ सालों में हमने देखा है कि प्राकृतिक आपदा आने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ लिखे जवान मदद करते नजर आते हैं, ये मेरे खाकी वर्दी वाले जवान हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पुरस्‍कार की घोषणा की
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर पुरस्‍कार आपदा राहत श्रमिकों को नेता जी की जयंती पर 23 जनवरी को प्रदान किया जाएगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पुलिस स्मारक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा मोचन संचालनों में शामिल लोगों का सम्मान करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पुरस्कार देने की घोषणा की। यह पुरस्कार आपदा के समय लोगों की जान बचाने में बहादुरी और साहस का प्रदर्शन करने के कार्य को पहचान देने के लिए प्रति वर्ष घोषित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स घटना के तीन जीवित सदस्यों को सम्मानित किया। श्री मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के संग्रहालय का भी उद्घाटन किया और आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले पुलिस कर्मियों के साहस और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स लद्दाख में बहादुरी से लड़ने वाले बहादुर पुलिस कर्मियों के बलिदानों को याद किया और उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित करने में खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस स्मारक की केंद्रीय मूर्तिकला पुलिस बलों की क्षमता, साहस और सेवा भावना का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से जुड़ी हर वस्तु देश के नागरिकों को पुलिस और अर्धसैनिक कर्मियों की बहादुरी के बारे में शिक्षित करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश जिस शांति, सुरक्षा और समृद्धि का आनंद उठा रहा है वह पुलिस, अर्धसैनिक और सशस्त्र बलों के लगातार प्रयासों के कारण ही संभव हुई है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बलों और राज्य आपदा मोचन बलों के योगदान का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बल राष्ट्रीय आपदा मोचन बलों का महत्वपूर्ण अंग है और आपदाओं से निपटने में उनके योगदान बहुत महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा इस स्मारक को एनडीए सरकार ने प्राथमिकता दी और इसे समय पर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों को अधिक से अधिक सम्मान देने के सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने पुलिस बलों से अपने दैनिक कर्तव्य के निर्वहन में प्रौद्योगिकी और नवाचार को अपनाने का अनुरोध किया। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना (एमपीएफ) का उल्लेख किया जो प्रौद्योगिकी, आधुनिक संचार प्रणालियों और आधुनिक हथियारों के माध्यम से पुलिस बलों का आधुनिकीकरण कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिस बलों को पुलिस और समाज के बीच के बंधन को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इस संबंध में प्रधानमंत्री ने पुलिस बलों से पुलिस स्टेशनों को नागरिकों के अधिक अनुकूल बनाने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में केंद्रीय मूर्तिकला, कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम उत्कीर्ण हुई साहस और वीरता दर्शाने वाली दीवार तथा शहीद पुलिस कर्मियों की यादगार को समर्पित एक आधुनिक संग्रहालय शामिल है।

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प्रधानमंत्री ने मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ आधिकारिक वार्ता की
February 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आज मलेशिया के प्रधानमंत्री, महामहिम दातो सेरी अनवर इब्राहिम द्वारा पेरडाना पुत्रा परिसर में स्वागत किया गया और उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद, दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आधिकारिक निवास, सेरी पेरडाना में सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।

दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बातचीत की और 2024 में दोनों देशों के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत-मलेशिया के सदियों पुराने संबंधों और प्रगाढ़ जन-संपर्क को याद किया, जो इस साझेदारी की आधारशिला हैं। नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र शामिल रहे। उन्होंने सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। नेताओं ने द्विपक्षीय डिजिटल काउंसिल के माध्यम से दोनों देशों के बीच डिजिटल सहयोग में हुई निरंतर प्रगति की सराहना की और फिनटेक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई और पे-नेट के बीच हुए समझौते का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संसदीय और यूनिवर्सिटी एक्सचेंज के माध्यम से युवाओं के बीच जुड़ाव को मजबूत करने का आह्वान किया। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत के नालंदा विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी मलाया, तथा IIT मद्रास और मलेशिया की एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एकेडमी के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मलेशिया में भारत के पहले वाणिज्य दूतावास के खुलने से वाणिज्यिक और जन-संपर्क संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए, जिनमें ग्लोबल गवर्नेंस सुधार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और बढ़ती भारत-आसियान साझेदारी शामिल रही। प्रधानमंत्री ने एआईटीआईजीए की समीक्षा को जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने 2025 में आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई भी दी। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले और लाल किले के विस्फोट की कड़ी निंदा करने के लिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को धन्यवाद दिया और आतंकवाद के विरुद्ध निरंतर घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया।

वार्ता के पश्चात, कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें डिजिटल भुगतान, सुरक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य एवं औषधि, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार से निपटने में सहयोग, ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना सहयोग और भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मलेशिया ने इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) में शामिल होने की अपनी सभी प्रक्रियाओं को भी पूरा कर लिया। आदान-प्रदान किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और समझौतों की पूरी सूची यहाँ देखी जा सकती है। [लिंक]

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान, 07 फरवरी 2026 को 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम का आयोजन किया गया। दोनों पक्षों ने इस फोरम के आउटकम डॉक्यूमेंट को स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को उनके शानदार आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया।