प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ‘उत्कल केशरी’ डॉ. हरेकृष्ण महताब द्वारा लिखित पुस्तक ‘ओडिशा इतिहास’ का हिंदी अनुवाद का लोकार्पण 9 अप्रैल 2021 को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, जनपथ, नई दिल्ली से दोपहर 12 बजे करेंगे। अब तक ओड़िया और अंग्रेजी में उपलब्ध इस पुस्तक का हिंदी में अनुवाद श्री शंकरलाल पुरोहित द्वारा किया गया है। केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और कटक के सांसद श्री भर्तृहरि महताब (एलएस) भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। हिंदी संस्करण के विमोचनका आयोजन हरेकृष्ण महताब फाउंडेशन द्वारा किया गया है।

लेखक के बारे में—

डॉ. हरेकृष्ण महताब भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण शख्सियत थे। उन्होंने 1946 से 1950 तक और 1956 से 1961 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने अहमद नगर किला जेल में ‘ओडिशा इतिहास' पुस्तक लिखी, जहां उन्हें 1942-1945 के दौरान दो साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया।

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प्रधानमंत्री ने सच्चे ज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति को बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 26, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सच्चा ज्ञान देश, समाज और पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमारा ज्ञान और कार्य संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः।
अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्‌।।”

आत्‍मा स्‍वभाव से सदा शुद्ध, नित्‍य, सुख स्‍वरूप और स्‍वयं प्रकाशमान है। किन्‍तु अज्ञान के कारण वह मलिन प्रतीत होती है और ज्ञान से वहीं पुन: अपने शुद्ध स्‍वरूप में प्रकट हो जाती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“सच्चा ज्ञान देश, समाज और समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए यह आवश्‍यक है कि हमारा ज्ञान और हमारे कर्म पूरी मानवता के लिए प्रेरणा बनें।

आत्मा शुद्धः सदा नित्यः सुखरूपः स्वयम्प्रभः।
अज्ञानान्मलिनो भाति ज्ञानाच्छुद्धो भवत्ययम्‌।।”