32 वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन मीट का शानदार समापन

गुजरात में घुड़सवारी को प्रोत्साहन दिया जाएगा: श्री मोदी

अश्वों की बलशाली प्रजाति के जतन और वीरता के संवर्धन के लिए गुजरात प्रतिबद्ध

विजेता घुड़सवार टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 32 वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन मीट का आज अहमदाबाद में शानदार समापन करते हुए अश्व और घुड़सवारी के इतिहास को वीरता, गति और शौर्य की विरासत करार दिया और घोड़ों के जतन, संवर्धन तथा घुड़सवारी को समाज में प्रोत्साहित करने का गुजरात सरकार का संकल्प जताया।

श्री मोदी ने कहा कि गुजरात पुलिसबल में अश्वों का स्थान गौरवपूर्ण रहा है और प्रत्येक जिला केन्द्र पर पुलिस ड्युटी में घुड़सवारी को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना लागु की जाएगी।

2 जनवरी से अहमदाबाद में 16 वर्ष के बाद आयोजित ऑल इंडिया पुलिसबल इक्वेस्ट्रियन मीट में भारत के विभिन्न राज्यों के घुड़सवार पुलिसबलों और सुरक्षाबलों को मिलाकर 18 टीमों ने 645 चुनिंदा घुड़सवारों और 302 अश्वों के साथ 15 जितनी घुड़सवारी प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

आज शाम पुलिस स्टेडियम में आयोजित शानदार समापन समारोह में विजेता घुड़सवार टीमों को मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री द्वारा पुरस्कार और ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

गुजरात राज्य के दिवंगत पुलिस महानिदेशक स्व. अमिताभ पाठक की स्मृति में इस वर्ष से खास इक्वेस्ट्रियन ट्रॉफी भी शुरु की गई।

पुलिस इक्वेस्ट्रियन मीट की घुड़सवारी की स्पर्धाओं की विजेता टीमों और घुड़सवारों के साथ ही भाग लेने वाली तमाम टीमों को शुभकामनाएं देते हुए श्री मोदी ने कहा कि गणवेशधारी अनुशासित पुलिस और सुरक्षाबलों में घुड़सवारी वीरता और शौर्य की अनुभूति करवाती है।

श्री मोदी ने कहा कि अश्व गति और वीरता के प्रतीक हैं और सदियों से गुजरात के काठियावाडी अश्व की प्रजाति विश्वप्रसिद्ध है। काठियावाडी अश्व के संवर्धन के लिए सौराष्ट्र युनिवर्सिटी का संशोधन चल रहा है।

महाराणा प्रताप के ऐतिहासिक अश्व चेतक की माता गुजरात की भूमि सुरेन्द्रनगर जिले की थी। उन्होंने कहा कि इतिहास में युद्धों और वीर पुरुषों के साथ ही अश्व का शौर्य, वीरता के इतिहास में भी प्रसिद्ध स्थान है।

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

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Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

Narendra Modi addresses closing ceremony of All India Police Equestrian Meet in Ahmedabad

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया
January 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

संस्कृत श्लोक-

अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥

यह सुभाषित इस भाव को व्यक्त करता है कि यद्यपि ज्ञान प्राप्ति के लिए असंख्य शास्त्र और विविध विद्याएँ उपलब्ध हैं, किंतु मानव जीवन समय की सीमाओं और अनेक बाधाओं से बंधा हुआ है। अतः, मनुष्य को उस हंस के समान बनना चाहिए जो दूध और पानी के मिश्रण में से केवल दूध को अलग करने की क्षमता रखता है अर्थात, हमें भी अनंत सूचनाओं के बीच से केवल उनके सार—उस परम सत्य को पहचानना और ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”