क्रम सं.

एमओयू/समझौते का नाम

भारत की ओर से आदान-प्रदान

बांग्‍लादेश की ओर से आदान-प्रदान

1

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार और जल संसाधन मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच सीमा पर बहने वाली कुशियारा नदी से पानी की निकासी के संबंध में  भारत और बांग्लादेश के बीच समझौता ज्ञापन।

श्री पंकज कुमार, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय

श्री कबीर बिन अनवर, वरिष्ठ सचिव, जल संसाधन मंत्रालय

2

भारत में बांग्लादेश रेलवे के कर्मियों के प्रशिक्षण के संबंध में रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), भारत सरकार और रेल मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन।

श्री विनय कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड

श्री मुहम्मद इमरान, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त

3

रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), भारत सरकार और रेल मंत्रालय, बांग्लादेश सरकार के बीच बांग्लादेश रेलवे के लिए एफओआईएस जैसी आईटी प्रणालियों एवं अन्य आईटी अनुप्रयोगों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।

श्री विनय कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड

श्री मुहम्मद इमरान, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त

4

बांग्लादेश के न्यायिक अधिकारियों के लिए भारत में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम के संबंध में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भारत और बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के बीच समझौता ज्ञापन।

श्री विक्रम के दोराईस्वामी, बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त

 

श्री मोहम्मद गुलाम रब्बानी, रजिस्ट्रार जनरल, सुप्रीम कोर्ट, बांग्लादेश

5

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), भारत और बांग्लादेश वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (बीसीएसआईआर), बांग्लादेश के बीच वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी संबंधी सहयोग पर समझौता ज्ञापन।

डॉ. एन. कलाइसेल्वी, डीजी सीएसआईआर

डॉ. मोहम्मद आफताब अली शेख, अध्यक्ष, बीसीएसआईआर

6

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन

श्री डी. राधाकृष्णन, एनएसआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक

डॉ. शाहजहां महमूद, बीएससीएल के अध्यक्ष और सीईओ

7

प्रसारण में सहयोग के लिए प्रसार भारती और बांग्लादेश टेलीविजन (बीटीवी) के बीच समझौता ज्ञापन।

श्री मयंक कुमार अग्रवाल, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती

श्री शोहराब हुसैन, महानिदेशक, बीटीवी

ख. उद्धाटित/घोषित/अनावृत परियोजनाओं की सूची

1. मैत्री बिजली संयंत्र का अनावरण- रामपाल, खुलना में 1320 (660x2) मेगावाट क्षमता वाले सुपर क्रिटिकल कोयला आधारित ताप बिजली संयंत्र की स्थापना लगभग 2 बिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से की जा रही है, जिसमें 1.6 बिलियन डॉलर की राशि रियायती वित्त पोषण के तहत भारतीय विकास सहायता के रूप में होगी।

2. रूपशा पुल का उद्घाटन- 5.13 किलोमीटर लंबा रूपशा रेल पुल 64.7 किलोमीटर लंबे खुलना-मोंगला बंदरगाह सिंगल ट्रैक ब्रॉड गेज रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पहली बार मोंगला बंदरगाह को रेल माध्‍यम से खुलना से और उसके बाद मध्य व उत्तर बांग्लादेश तक तथा भारत की सीमा में पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल और गेदे तक को जोड़ता है।

3. सड़क निर्माण संबंधी उपकरण और मशीनरी की आपूर्ति– इस परियोजना के अंतर्गत बांग्लादेश सड़क और राजमार्ग विभाग को 25 पैकेजों में सड़क रख-रखाव और निर्माण उपकरणों व मशीनरी की आपूर्ति शामिल है।

4. खुलना दर्शना रेलवे लाइन लिंक परियोजना- यह परियोजना वर्तमान में गेदे-दर्शना में क्रॉस बॉर्डर रेल लिंक को खुलना से जोड़ने वाली मौजूदा अवसंरचना (ब्रॉड गेज का दोहरीकरण) का उन्नयन है, इस प्रकार दोनों देशों के बीच, विशेष रूप से ढाका तक लेकिन भविष्य में मोंगला पोर्ट के लिए भी रेल संपर्क में वृद्धि होगी। इस परियोजना की लागत 312.48 मिलियन डॉलर आंकी गई है।

5. पार्बतीपुर-कौनिया रेलवे लाइन- मौजूदा मीटर गेज लाइन को दोहरी गेज लाइन में परिवर्तित करने की परियोजना पर 120.41 मिलियन डॉलर की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना बिरोल (बांग्लादेश)-राधिकापुर (पश्चिम बंगाल) में मौजूदा क्रॉस बार्डर रेल से जुड़ेगी और इससे द्विपक्षीय रेल संपर्क में वृद्धि होगी।

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प्रधानमंत्री ने उन्नति के मूल कारणों को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 28, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उद्यम, संयम, कुशलता, सावधानी, धैर्य, स्मृति तथा सोच-समझकर किसी भी कार्य को प्रारंभ करना उन्नति के मूल कारण हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संयम और समर्पण के साथ किया गया कठिन परिश्रम असाधारण सफलता दिला सकता है; साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा;

"संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।

उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।

समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥"

उद्यम, संयम, कुशलता, सावधानी, धैर्य, स्मृति तथा सोच-समझकर किसी भी कार्य को आरंभ करना- ये सभी उन्नति के मूल कारण हैं।