समझौता ज्ञापन/समझौता 

क्रमांक

शीर्षक

संक्षिप्त विवरण

1.

आईआरईएल (इंडियालिमिटेड और वियतनाम के इंस्‍ट्टीयूट फॉर टेक्‍नोलॉजी ऑफ रेडियोएक्टिव एंड रेयर एलिमेंट्स  (आईटीआरआरईके बीच पारस्परिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन

यह समझौता ज्ञापन दुर्लभ खनिज तत्वों और अन्य उन्‍नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए दोनों पक्षों की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप देता है।

2.

भारत के संस्कृति मंत्रालय और वियतनाम के संस्कृतिखेल और पर्यटन मंत्रालय के बीच वर्ष 2026-30 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम

भारत और वियतनाम के बीच 1976 में एक सांस्कृतिक समझौता हुआ था। इस समझौते के अंतर्गत की जाने वाली विशिष्ट गतिविधियों और आदान-प्रदान पर पांच साल (2026-2030) की अवधि के लिए वैध सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपीके ढांचे के भीतर सहमति बनी है।

3.

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआईऔर वियतनाम स्टेट बैंक (एसबीवीके बीच भुगतान प्रणालियों और डिजिटल भुगतान में नवाचार के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ढांचा स्थापित करना है।

4.

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओऔर वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्रालय के औषधि प्रशासन (डीएवीके बीच चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू)।

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल्सजैविक उत्पादचिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन सहित चिकित्सा उत्पादों के विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ढांचा स्थापित करना है।

5.

बृहन्मुंबई नगर निगममुंबई और हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी के बीच मैत्री और सहयोग स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन

इस समझौते का उद्देश्य दोनों महानगरों को शहरी प्रबंधन और आर्थिक विकास में विशेषज्ञता साझा करने में सक्षम बनाने के लिए एक औपचारिक ढांचा स्थापित करना है।

6.

आईसीसीआर और दा नांग विश्वविद्यालय के विज्ञान और शिक्षा विश्वविद्यालय के बीच आईसीसीआर चेयर ऑफ इंडिया स्टडीज की स्थापना के संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत वियतनाम के दा नांग विश्वविद्यालय में आईसीसीआर चेयर की स्थापना की गई है।

7.

नालंदा विश्वविद्यालयराजगीर और हो ची मिन्ह राष्ट्रीय राजनीति अकादमी (एचसीएमए)हनोई के बीच समझौता ज्ञापन

यह समझौता ज्ञापन वियतनाम में क्षमता विकास और प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत की दीर्घकालिक पहलों को मजबूत करता है।

8.

भारत के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और वियतनाम के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू)।

यह समझौता ज्ञापन डिजिटल प्रौद्योगिकी और आईटी क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय प्रतिबद्धता को और गहरा करता है।

9.

एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएलऔर नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ वियतनाम (एनएपीएएसके बीच समझौता ज्ञापन

इस समझौता ज्ञापन से भारत की एनआईपीएल और वियतनाम की एनएपीएएस के बीच सीमा पार क्यूआर कोड की अंतरसंचालनीयता पर संस्थागत संबंध स्थापित होगा, ताकि भुगतान को सक्षम बनाया जा सके।

10.

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय और वियतनाम के राज्य लेखापरीक्षा कार्यालय के बीच सार्वजनिक लेखापरीक्षा के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (एमओयू)।

यह समझौता ज्ञापन भारत और वियतनाम के दो लेखापरीक्षा संस्थानों के बीच 2010 में हुए समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण है जो इसे अधिक लचीला एवं गतिशील बनाता है।

11.

भारत के पर्यटन मंत्रालय और वियतनाम के खेलसंस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।

इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा मिलेगा

12.

आईसीसीआर और सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विश्वविद्यालय के बीच आईसीसीआर चेयर ऑफ इंडियन स्टडीज की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन।

इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान और मानविकी विश्वविद्यालय में आईसीसीआर की एक चेयर स्थापित की गई है।

13.

संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम और सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विश्वविद्यालयवियतनाम राष्ट्रीय विश्वविद्यालयहो ची मिन्ह सिटी (यूएसएसएचवीएनयूएचसीएमके बीच चाम पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर समझौता ज्ञापन।

इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत एनएमएमइंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और यूएसएचवीएनयूएचसीएम के बीच वियतनाम में संरक्षित भारतीय मूल की चाम पांडुलिपियों के सर्वेक्षणप्रलेखनसंरक्षणडिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रसार के लिए संस्थागत संबंध स्थापित किए गए हैं।

घोषणाएं

 

क्रमांक

शीर्षक

1.

द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाना।

2.

वर्ष 2030 तक 25 अरब अमेरिकी डॉलर का नया व्यापार लक्ष्य।

3.

वियतनाम इंडो पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (आईपीओआईमें शामिल हो रहा है।

4.

भारतीय अंगूरों का वियतनाम को और वियतनामी ड्यूरियन का भारत को निर्यात करने की घोषणा।

5.

माई सोन में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पर स्थल व्याख्या केंद्र की स्थापना

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पूर्वी भारत में विकास और समृद्धि का प्रवेश द्वार बनकर उभर रहा ओडिशा: पहाड़पुर में पीएम मोदी
June 20, 2026
I extend my heartfelt birthday greetings to President Smt. Droupadi Murmu Ji, I wish her long life and excellent health: PM
Pahadpur village will now be rapidly developed as a solar village, that is, solar power will be ensured in every home here: PM
The vision of the Central Government is the development of India through the development of Eastern India: PM
To uplift tribal society, we are connecting tribal youth with opportunities for education and employment: PM
These children should get better facilities for studies; for this, around 500 Eklavya Model Schools have been opened across the country: PM

जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।