क्र. सं.

समझौते/एमओयू का नाम

भारतीय पक्ष द्वारा आदान-प्रदान किया गया

सऊदी अरब पक्ष द्वारा आदान-प्रदान किया गया

1.

राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष में निवेश करने पर भारत सरकार और सऊदी अरब साम्राज्य की सरकार के बीच सहमति पत्र

श्रीमती सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री

माननीय खालिद अल फलीह, ऊर्जा व उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री
 


2.

पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत के पर्यटन मंत्रालय और सऊदी अरब के पर्यटन आयोग एवं सऊदी अरब साम्राज्य की राष्ट्रीय धरोहर के बीच सहमति पत्र

श्री टी एस त्रिमूर्ति, सचिव (ईआर)

माननीय अदेल अल-जुबीर, विदेश राज्य मंत्री

3.

आवास के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत सरकार और सऊदी अरब की सरकार के बीच सहमति पत्र

श्री अहमद जावेद, सऊदी अरब में भारत के राजदूत

माननीय डॉ. माजिद बिन अब्दुल्लाह अल कसाबी, वाणिज्य एवं निवेश मंत्री

4.

द्विपक्षीय निवेश संबंध मजबूत करने के लिए भारत के इन्वेस्ट इंडिया और सऊदी अरब साम्राज्य की सऊदी अरबियन जनरल इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के बीच फ्रेमवर्क सहयोग कार्यक्रम

श्री अहमद जावेद, सऊदी अरब में भारत के राजदूत

माननीय डॉ. माजिद बिन अब्दुल्लाह अल कसाबी, वाणिज्य एवं निवेश मंत्री

5.

श्रव्य-दृश्य कार्यक्रम का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से प्रसार भारती, नई दिल्ली, भारत और सऊदी ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एसबीसी), सऊदी अरब के बीच प्रसारण संबंधी सहयोग के लिए एमओयू

श्री अहमद जावेद, सऊदी अरब में भारत के राजदूत

माननीय डॉ. तुर्की अब्दुल्लाह अल-शबानाह, मीडिया मंत्री

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Project Cheetah: India's landmark wildlife restoration initiative shows strong progress and promising future

Media Coverage

Project Cheetah: India's landmark wildlife restoration initiative shows strong progress and promising future
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने सुव्यवस्थित मानकों से मानवीय आचरण के मार्गदर्शन को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
May 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका अभिप्राय है कि श्रेष्ठ आचरण एक दीपक की तरह है जो न केवल एक व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को आलोकित करता है। श्री मोदी ने कहा कि इसी आदर्श को अपनाकर हमारे देश के लोग आज पूरे संयम, क्षमता और कर्तव्य परायणता के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

"श्रेष्ठ आचरण वह दीपक है, जिससे व्यक्ति के साथ-साथ समाज भी आलोकित होता है। इसी आदर्श को अपनाते हुए हमारे देशवासी आज पूरे संयम, सामर्थ्य और कर्तव्यनिष्ठा से राष्ट्र निर्माण में जुटे हुए हैं।”

तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ।

ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि।।"

क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इसका निर्धारण व्यक्तिपरक राय या क्षणिक आवेग पर नहीं, बल्कि शास्त्र आधारित एक सुव्यवस्थित मानक के अनुसार होना चाहिए, जो आचरण को दिशा और अनुशासन प्रदान करता है। इसलिए, व्यक्ति को स्थापित मानकों की उस प्रणाली के अनुसार कार्य करना चाहिए, ताकि उसका आचरण संतुलित, मान्य और सार्थक हो सके।