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क्रम सं. |
दस्तावेज़ का नाम |
उद्देश्य |
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1. |
कृषि और खाद्य उद्योग के क्षेत्र में सहयोग पर भारत गणराज्य सरकार और यूक्रेन सरकार के बीच समझौता। |
सूचना के आदान-प्रदान, संयुक्त वैज्ञानिक अनुसंधान, अनुभव के आदान-प्रदान, कृषि अनुसंधान में सहयोग, संयुक्त कार्य समूहों के निर्माण आदि क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देकर कृषि और खाद्य उद्योग के क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग का विस्तार करता है। |
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2. |
चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और यूक्रेन की औषधि एवं औषधि नियंत्रण राज्य सेवा के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू)। |
इसमें मुख्य रूप से सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण और आपसी यात्राओं के माध्यम से विनियमन, सुरक्षा और गुणवत्ता पहलुओं में सुधार सहित चिकित्सा उत्पादों पर सहयोग की परिकल्पना की गई है। |
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3. |
उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भारतीय मानवीय अनुदान सहायता के संबंध में भारत गणराज्य सरकार और यूक्रेन के मंत्रिमंडल के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू)। |
यह समझौता ज्ञापन भारत द्वारा यूक्रेन में सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए रूपरेखा तैयार करता है। एचआईसीडीपी के तहत परियोजनाएं यूक्रेन के लोगों के लाभ के लिए यूक्रेन सरकार के साथ साझेदारी में शुरू की जाएंगी। |
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4. |
भारत गणराज्य सरकार के संस्कृति मंत्रालय और यूक्रेन के संस्कृति और सूचना नीति मंत्रालय के बीच वर्ष 2024-2028 के लिए सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम। |
इसका उद्देश्य भारत और यूक्रेन के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है, जिसमें रंगमंच, संगीत, ललित कला, साहित्य, पुस्तकालय और संग्रहालय कार्य के क्षेत्र में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना, साथ ही मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन करना शामिल है। |
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा:
"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"
जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्यक्ति ही वास्तव में बुद्धिमान होता है।
दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 2, 2026
निश्चित्य यः प्रक्रमते
नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा
स वै पण्डित उच्यते॥ pic.twitter.com/OboLRs7j9b


